किसान क्रेडिट कार्ड योजना : अंतिम तिथि बढ़ाई, अब 31 मार्च 2022 तक बनेंगे क्रेडिट कार्ड
Published - 04 Oct 2021
by Tractor Junction
केसीसी लोन : जानें, किसान क्रेडिट कार्ड बनवाने की प्रक्रिया, दस्तावेज, ब्याज दर और लाभ
देश में किसानों के लिए कई लाभकारी योजनाएं चलाई जा रही है। इन्हीं योजनाओं में से एक योजना किसान क्रेडिट कार्ड लोन (केसीसी लोन) है। किसान क्रेडिट कार्ड का सबसे बड़ा फायदा ये हैं कि इससे किसान को सस्ती दर पर लोन उपलब्ध कराया जाता है। पहले पीएम किसान क्रेडिट कार्ड
(pm kisan credit card) का लाभ खेतीबाड़ी और बागवानी किसानों तक ही सीमित था। लेकिन अब सरकार चाहती है कि इसका फायदा हर किसान को मिले, इसमें पशुपालक और मछलीपालक किसानों को भी शामिल कर लिया गया है। अब किसान क्रेडिट कार्ड स्कीम (Kisan Credit Card scheme) से पशुपालक और मछलीपालक भी इसका लाभ उठा सकते हैं। बता दें कि मोदी सरकार किसानों को देश के सभी किसानों को क्रेडिट कार्ड प्रदान कर रही है। इसके लिए केंद्र सरकार अभियान चलाकर 31 मार्च तक सभी किसानों को क्रेडिट कार्ड (kcc credit card) उपलब्ध कराना चाहती है ताकि सभी किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड लोन सस्ता मिल सके।
सबसे पहले सरकार की सभी योजनाओ की जानकारी के लिए डाउनलोड करे, ट्रैक्टर जंक्शन मोबाइल ऍप - http://bit.ly/TJN50K1
किसान क्रेडिट कार्ड योजना : झारखंड में राज्य हर किसान को केसीसी जारी करने के दिए निर्देश
किसान क्रेडिट कार्ड के संबंध में बीते दिनों झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने प्रोजेक्ट भवन सभागार में कृषि से जुड़ी केंद्र एवं राज्य प्रायोजित योजनाओं की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग को यूरिया व अन्य खाद की उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। मुख्यमंत्री ने किसान क्रेडिट कार्ड जारी करने की धीमी गति पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि हर किसान के हाथ में किसान क्रेडिट कार्ड होना चाहिए। यह किसानों के लिए बेहद जरूरी है।
प्रधानमंत्री किसान क्रेडिट कार्ड योजना : 31 मार्च तक सभी किसानों को दिए जाएं क्रेडिट कार्ड
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया है कि सभी जिला उपायुक्त केसीसी निर्गत करने के कार्य को गंभीरता से लें। बैंक के साथ समन्वय बनाकर कार्य करें। जिस जिला में केसीसी की स्थिति ठीक नहीं, वहां बेहतर ढंग से कार्य करने की आवश्यकता है। नए किसानों को भी योजना से जोड़े। सभी उपायुक्त हर सप्ताह बैंक प्रबंधन के साथ बैठक कर इसमें आ रही बाधाओं को दूर कर किसानों को केसीसी स्कीम (KCC scheme) का लाभ दें। 31 मार्च 2022 तक सभी किसानों का केसीसी प्रदान करना सुनिश्चित करें। यह राज्य सरकार की महत्वपूर्ण योजना है।
केसीसी लोन योजना : किसानों को पशुधन योजना का भी मिले लाभ
मुख्यमंत्री ने कहा कई जिलों में पशुधन योजना की प्रगति रिपोर्ट संतोषजनक नहीं है। सभी जिलों के उपायुक्त संबंधित जिलों के जिला पशुपालन पदाधिकारी के साथ बैठक कर योजना में तेजी लाने का कार्य करें। समूह में भी पशुपालन करने वालों को सहयोग दें। इसके लिए क्लस्टर के तौर पर कार्य करें। नवंबर तक पशुधन योजना से अधिक से अधिक किसान लाभान्वित हों, यह सुनिश्चित होना चाहिए।
राज्य के अब तक कितने किसानों को जारी किए गए क्रेडिट कार्ड
राज्य में 30 लाख किसानों का पीएम किसान योजना के तहत निबंधन हुआ था, उन सभी को केसीसी से लाभान्वित करने का निर्देश दिया गया है। वित्तीय वर्ष 2020-21 में 13 लाख केसीसी के चालू अकाउंट हैं, जिनमें 82,421 नए किसानों को केसीसी प्रदान किया गया है। आंकड़ों पर नजर डाले तो 2016-17 में 5,57,993 केसीसी, 2017-18 में 3,16,218 केसीसी, 2018-19 में 1,55,953 केसीसी, 2019-20 में 5,01,527 केसीसी और 31 मार्च 2021 तक 8,67,609 केसीसी किसानों को जारी किया गया है।
क्या है किसान क्रेडिट कार्ड योजना
केसीसी योजना 1998 में शुरू की गई थी। इसका उद्देश्य किसानों को कृषि गतिविधियों के लिए बिना किसी बाधा के समय पर ऋण उपलब्ध कराना था। भारत सरकार किसान क्रेडिट कार्ड के तहत किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड पर ब्याज दर पर 2 प्रतिशत की आर्थिक सहायता देती है और समय पर ऋण चुकाने वाले किसानों को 3 प्रतिशत की प्रोत्साहन छूट देती है। इस तरह केसीसी पर सालाना ब्याज दर (kcc loan interest rate) 4 प्रतिशत की आती है। सरकार ने किसानों के हित में बड़े कदम उठाते हुए 2019 में केसीसी में ब्याज दर में आर्थिक सहायता का प्रावधान शामिल करते हुए इसका लाभ डेयरी उद्योग समेत पशुपालकों और मछली पालकों को भी देने की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। साथ ही बिना किसी गारंटी के दिए जाने वाले केसीसी ऋण की सीमा को 1 लाख से बढ़ाकर 1.60 लाख कर दिया है।
यह भी पढ़े : किसान क्रेडिट कार्ड योजना क्या है ? अब लोन चुकाने के लिए समय - सीमा की बाध्यता नहीं
कौन-कौनसे किसान बनवा सकते हैं क्रेडिट कार्ड-पात्रता
- किसान अपनी या किसी और की जमीन पर भी खेती करता हो तो भी वह केसीसी का फायदा ले सकता है।
- केसीसी बनवाने के लिए आवेदक की न्यूनतम आयु 18 साल होनी चाहिए। इसकी अधिकतम आयु 75 साल रखी गई है।
- यदि किसान की उम्र 60 साल से ऊपर है तो एक को-अप्लीकेंट भी लगेगा, जिसकी उम्र 60 से कम हो।
क्रेडिट कार्ड बनवाने के लिए आवश्यक दस्तावेज
- किसान भाईयों को क्रेडिट कार्ड बनवाने के लिए कुछ दस्तावेजों की आवश्यकता होगी। जो इस प्रकार से हैं-
- आधार कार्ड, पासपोर्ट, पैन कार्ड, वोटर आईडी, ड्राइविंग लाइसेंस में से कोई एक दस्तावेज पहचान के लिए देना होगा।
- एड्रेस पू्रफ के लिए आईडी प्रूफ के लिए जमा किया गया कोई भी दस्तावेज मान्य होगा।
- किसी और बैंक से कर्जदार न होने का प्रमाण-पत्र।
- आवेदक किसान की पासपोर्ट साइज फोटो
किसान क्रेडिट कार्ड ऑनलाइन अप्लाई : किसान क्रेडिट कार्ड कैसे बनवाएं
किसान क्रेडिट कार्ड योजना के तहत कोई भी किसान नजदीकी बैंक शाखा पहुंचकर बहुत आसानी से किसान क्रेडिट कार्ड बनवा सकता है। इसके लिए किसान को एक फार्म भरना होता है। इसे भरने के बाद उन्हें 15 दिन में अपना किसान क्रेडिट कार्ड प्राप्त हो जाता है। इसके अलावा किसान इसका फार्म ऑनलाइन भी डाउनलोड कर सकते हैं। इसके लिए किसान को पीएम किसान योजना की ऑफिशियल साइट pmkisan.gov.in पर जाना होगा और यहां से किसान क्रेडिट कार्ड का फार्म डाउनलोड कर सकते हैं। इस फॉर्म में किसान भाईयों को अपनी कृषि योग्य जमीन के दस्तावेज, फसल की डिटेल के साथ भरना होगा। इसके अलावा बैंक को यह जानकारी देनी होगी कि आपने किसी अन्य बैंक या शाखा से कोई और किसान क्रेडिट कार्ड नहीं बनवाया है।
किसान क्रेडिट कार्ड आवेदन पत्र : फॉर्म डाउनलोड करने का लिंक
https://pmkisan.gov.in/Documents/Kcc.pdf
कौन-कौन से बैंक बनाते हैं किसान क्रेडिट कार्ड
किसान भाई केसीसी किसी भी को-ऑपरेटिव बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक से प्राप्त कर सकते हैं। इसके अलावा स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ इंडिया, आईडीबीआई बैंक से भी केसीसी लिया जा सकता है। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया रुपे केसीसी जारी करता है। भारतीय स्टेट बैंक किसान कार्ड नाम से डेबिड/एटीएम कार्ड देता है।
किसान क्रेडिट कार्ड के फायदे
- केसीसी के लोन पर फसल बीमा की कवरेज का लाभ मिलता है।
- पहले साल के लिए लोन की मात्रा कृषि लागत, फसल के बाद के खर्च और जमीन की लागत के आधार पर तय की जाती है।
- केसीसी खाते में लोन पर बचत बैंक की दर से ब्याज दिया जाता है।
- केसीसी कार्डधारकों के लिए मुफ्त एटीएम सह डेबिट कार्ड उपलब्ध कराया जाता है।
- केसीसी में 3 लाख रुपए तक के कर्ज के लिए 2 प्रतिशत प्रति वर्ष की दर से ब्याज छूट दी जाती है।
- समय से पहले कर्ज चुकाने पर 3 प्रतिशत प्रति वर्ष की दर से अतिरिक्त ब्याज में छूट का लाभ मिलता है।
केसीसी नहीं मिलने पर किसान कहां करें शिकायत

आरबीआई के दिशानिर्देशों के मुताबिक, बैंक को आवेदन के 15 दिन में केसीसी जारी करना होता है। अगर तय अवधि में कार्ड जारी नहीं होता है तो किसान संबंधित क्षेत्र के बैंकिंग लोकपाल से शिकायत कर सकते हैं। इसके अलावा आरबीआई की आधिकारिक वेबसाइट https://cms.rbi.org.in/ पर भी अपनी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। किसान क्रेडिट कार्ड हेल्पलाइन नंबर 0120-6025109 / 155261 और ग्राहक ईमेल pmkisan-ict@gov.in के जरिये हेल्प डेस्क से भी संपर्क कर शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
अगर आप अपनी पुराने ट्रैक्टर, कृषि उपकरण बेचने के इच्छुक हैं और चाहते हैं कि ज्यादा से ज्यादा खरीददार आपसे संपर्क करें और आपको अपनी वस्तु का अधिकतम मूल्य मिले तो अपनी बिकाऊ वस्तु की पोस्ट ट्रैक्टर जंक्शन पर नि:शुल्क करें और ट्रैक्टर जंक्शन के खास ऑफर का जमकर फायदा उठाएं।
मध्यप्रदेश सब्सिडी योजना | बिहार सब्सिडी योजना | हरियाणा सब्सिडी योजना | उत्तर प्रदेश सब्सिडी योजना | छत्तीसगढ़ सब्सिडी योजना