साप्ताहिक कृषि समाचार: किसानों के लिए इस सप्ताह की टॉप 5 खबरें

Share Product प्रकाशित - 01 Nov 2026 by Vivek Tailang

साप्ताहिक कृषि समाचार: किसानों के लिए इस सप्ताह की टॉप 5 खबरें

पढ़े, हरियाणा, यूपी, राजस्थान, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ की कृषि क्षेत्र की खबर

खेती-किसानी और पशुपालन से जुड़े लोगों के लिए यह सप्ताह कई महत्वपूर्ण खबरें लेकर आया है। मध्य प्रदेश में देशी गायों के संरक्षण और दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए पुरस्कार योजना को मंजूरी मिली है। वहीं हरियाणा सरकार ने मधुमक्खी पालन को बागवानी बीमा योजना में शामिल किया है। उत्तर प्रदेश में पशुधन क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए राज्य पशुधन मिशन को स्वीकृति दी गई है। इसके अलावा राजस्थान में कृषि यंत्र किराया केंद्रों और गोदामों की प्रगति की समीक्षा हुई, जबकि छत्तीसगढ़ में फसल विविधीकरण और धान खरीदी की तैयारियों पर जोर दिया गया। आइए जानते हैं इस सप्ताह की पांच बड़ी कृषि खबरें।

मध्यप्रदेश: देशी गाय पालने वालों को मिलेगा 1 लाख रुपये तक का पुरस्कार

मध्य प्रदेश सरकार ने ‘गोपाल-कृष्ण ग्राम पुरस्कार योजना’ को मंजूरी दी है। इसका उद्देश्य देशी गोवंश का संरक्षण और दुग्ध उत्पादन बढ़ाना है। योजना के तहत सबसे अधिक दूध देने वाली देशी नस्ल की गायों के पशुपालकों को प्रदर्शन के आधार पर नकद पुरस्कार दिए जाएंगे। इसमें प्रथम स्थान पाने वाले पशुपालक को 1 लाख रुपये, दूसरे स्थान पर 50 हजार रुपये और तीसरे स्थान पर रहने वाले पशुपालक को 25 हजार रुपये का पुरस्कार मिलेगा। हालांकि, पुरस्कार की राशि का उपयोग केवल उन्नत देशी गोवंश की खरीद, संरक्षण और संवर्धन के लिए किया जा सकेगा। योजना में गिर, साहीवाल, थारपारकर, मालवी और निवाड़ी सहित अधिसूचित देशी नस्लों को शामिल किया गया है। वित्तीय वर्ष 2027-28 से 2030-31 तक प्रदेश के सभी 313 विकासखंडों में प्रतियोगिताएं आयोजित करने की योजना है। विजेताओं को हर साल गोवर्धन पूजा के अवसर पर सम्मानित किया जाएगा।

हरियाणा: मधुमक्खी पालकों को मिलेगा 6.25 लाख रुपये तक का बीमा कवर

हरियाणा सरकार ने मधुमक्खी पालन को मुख्यमंत्री बागवानी बीमा योजना के दायरे में शामिल कर लिया है। इससे मधुमक्खी पालकों को प्राकृतिक आपदा और दुर्घटना से होने वाले नुकसान पर आर्थिक सुरक्षा मिल सकेगी। योजना के तहत बाढ़ में मधुमक्खी के बॉक्स और कॉलोनियां डूबने, आग लगने, परिवहन के दौरान दुर्घटना और मधुमक्खियों में महामारी से होने वाले नुकसान को कवर किया जाएगा। परिवहन दुर्घटना के मामले में घटना हरियाणा की सीमा के भीतर होनी चाहिए और उसकी एफआईआर या डीडीआर दर्ज होना जरूरी है। प्रति कॉलोनी और प्रति बॉक्स 50-50 रुपये बीमा शुल्क निर्धारित किया गया है। प्रत्येक इकाई पर 1,250 रुपये का बीमा कवर मिलेगा। एक मधुमक्खी पालक अधिकतम 250 कॉलोनियों और 250 बॉक्स का बीमा करा सकता है। इस तरह दोनों को मिलाकर अधिकतम बीमा कवर 6.25 लाख रुपये तक हो सकता है। योजना का लाभ लेने के लिए भावांतर भरपाई योजना-शहद में पंजीकरण अनिवार्य है।

यूपी: राज्य पशुधन मिशन को मंजूरी, पांच उप-मिशनों से बढ़ेंगे रोजगार के अवसर

उत्तर प्रदेश सरकार ने पशुपालन क्षेत्र को आधुनिक और लाभकारी बनाने के लिए राज्य पशुधन मिशन को मंजूरी दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में इस प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई। मिशन को पांच उप-मिशनों में बांटा गया है। इनमें पशुधन उद्यमिता और स्टार्टअप विकास, पशुधन एवं पोल्ट्री नस्ल सुधार, डिजिटल पशुपालन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, पशु चारा एवं आहार उत्पादन तथा अनुसंधान और वैश्विक बाजार से जुड़ाव शामिल हैं। इसके माध्यम से डेयरी, बकरी, भेड़, सूकर और कुक्कुट पालन जैसे व्यवसायों को प्रोत्साहित किया जाएगा। ग्रामीण युवाओं और उद्यमियों को पशुपालन आधारित रोजगार से जोड़ने, प्रशिक्षण देने और आधुनिक तकनीक अपनाने पर भी जोर रहेगा। मिशन में सब्सिडी का प्रावधान है, लेकिन अलग-अलग गतिविधियों के लिए सहायता की निश्चित दर और अधिकतम राशि संबंधित दिशानिर्देशों के अनुसार तय होगी।

राजस्थान: 1,575 कृषि यंत्र किराया केंद्र संचालित, 130 गोदाम तैयार

राजस्थान में छोटे और सीमांत किसानों को कृषि मशीनें किराये पर उपलब्ध कराने के लिए सहकारी समितियों के माध्यम से 1,575 कस्टम हायरिंग सेंटर संचालित किए जा रहे हैं। इन केंद्रों से किसान ट्रैक्टर, रोटावेटर, थ्रेशर और सीड्रिल जैसे कृषि यंत्र किराये पर ले सकते हैं। सहकारिता विभाग की समीक्षा बैठक में बताया गया कि 30 लाख रुपये तक की लागत से स्थापित होने वाले प्रत्येक कस्टम हायरिंग सेंटर पर 80 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है। वहीं, अन्न भंडारण योजना के तहत 130 गोदामों का निर्माण पूरा हो चुका है, जबकि 70 गोदामों का काम जारी है। इन गोदामों का उपयोग समर्थन मूल्य पर खरीदी गई फसलों, राशन, प्रमाणित बीज और खाद के भंडारण के लिए किया जाएगा। बैठक में सोजत की मेहंदी, नागौर की मेथी और जीरा, बारां के चावल तथा मथानिया की मिर्च जैसे उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देने पर भी चर्चा हुई।

छत्तीसगढ़: फसल विविधीकरण पर जोर, धान खरीदी की तैयारियों की समीक्षा

छत्तीसगढ़ के रायपुर संभाग में कृषि उत्पादन आयुक्त सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी ने कृषि विभाग और संबंधित अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। इसमें किसानों की आय बढ़ाने के लिए फसल विविधीकरण को प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए गए। बैठक में बताया गया कि धान के स्थान पर निर्धारित दलहन, तिलहन और मिलेट्स जैसी फसलें लगाने वाले किसानों को 15 हजार रुपये प्रति एकड़ अनुदान देने का प्रावधान है। अधिकारियों को इस योजना का अधिक से अधिक प्रचार करने और किसानों को लाभकारी फसलों की ओर प्रोत्साहित करने को कहा गया। बैठक में 15 नवंबर से शुरू होने वाली धान खरीदी की तैयारियों की भी समीक्षा हुई। इसके अलावा बलौदाबाजार जिले के कसडोल क्षेत्र में करीब 700 एकड़ में हो रही ब्लैक राइस की खेती और उसके विपणन प्रयासों की सराहना की गई। बैठक में साझा जानकारी के अनुसार, इसकी बिक्री के लिए जापान की एक कंपनी से संपर्क किया गया है और 25 हजार रुपये प्रति क्विंटल की दर का उल्लेख किया गया। अधिकारियों को हर जिले में दो से तीन विशिष्ट कृषि मॉडल विकसित करने, किसानों को कृषि यंत्रों के संचालन का प्रशिक्षण देने और अमानक कृषि आदानों की बिक्री पर कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए।

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