बिज़नेस आईडिया : बकरी पालन व्यवसाय पर सरकार से मिलेगी 90 प्रतिशत सब्सिडी

जानें, क्या है बकरी पालन बिजनेस और इससे कैसे मिलेगा लाभ

बकरी पालन ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ है। बकरी पालन व्यवसाय बहुत ही कम पूंजी और लागत से शुरू किया जा सकता है। इतना ही नहीं आप इसे शुरुआती तौर पर घर से भी शुरू कर सकते हैं। ये एक ऐसा बिजनेस है जिससे आप लाखों रुपए कमा सकते हैं। इस बिजनेस के लिए सरकार से भी सब्सिडी का लाभ प्रदान किया जाता है। हरियाणा में पशुपालकों को इस व्यवसाय के लिए 90 प्रतिशत तक सब्सिडी प्रदान की जाती है। वहीं अन्य राज्य अपने द्वारा तय नियमों के अनुसार इस पर सब्सिडी का लाभ प्रदान करते हैं। आज हम ट्रैक्टर जंक्शन के माध्यम से आपको बकरी पालन बिजनेस की जानकारी दे रहे हैं कि आप भी इससे लाभ उठा सकें। 

क्या है बकरी पालन योजना (Goat Farming)

हरियाणा में पशुपालकों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से पशुपालन विभाग की ओर से भेड़, बकरी पालन योजना चलाई जा रही है। पशुपालन विभाग के उपनिदेशक डॉ. नरेंद्र सिंह ने इस योजना के संबंध में मीडिया को दी गई जानकारी में बताया कि विभाग की ओर से पशुपालकों को 15 भेड़ और बकरी के अलावा एक बकरा या भिड़ा पालने के लिए सरकार की ओर से अनुदान दिया जा रहा है। सरकार एससी वर्ग के लिए 90 फीसदी सब्सिडी और सामान्य वर्ग के लिए 25 फीसदी अनुदान दे रही है। बता दें कि हरियाणा सरकार इस समय डेयरी से जुड़ी हुई कई स्कीमें चला रही हैं। कोई भी पशुपालक 4, 10 या 20 भेड़ के लिए आवेदन कर सकता है। 

बकरी पालन बिजनेस से होने वाले लाभ

बकरी पालन बिजनेस के कई लाभ हैं। यदि योजनाबद्ध तरीके से ये बिजनेस किया जाए तो इससे लाखों रुपए की कमाई की जा सकती है। आप इस बिजनेस से हर माह 2 लाख रुपए की कमाई कर सकते हैं। इस बिजनेस के कुछ लाभ इस प्रकार से हैं- 

  • बकरी का दूध महंगा बिकता है। इसे कई बीमारियों में प्रयोग किया जाता है। इस लिए इसकी मांग बनी रहती है। इसका दूध बेचकर काफी अच्छी कमाई की जा सकती है। 
  • इसके अलावा इसका मांस की भी बाजार में डिमांड रहती है। ऐसे में इसे जरूरत के समय बेचकर भी पैसा प्राप्त किया जा सकता है। 
  • बकरी पालन के लिए कोई विशेष तकनीकी ज्ञान की जरूरत नहीं पड़ती है। थोड़ी बहुत जानकारी लेकर इस बिजनेस को शुरू किया जा सकता है। 
  • सूखा प्रभावित क्षेत्र में खेती के साथ बकरी पालन आसानी से किया जा सकने वाला कम लागत का अच्छा बिजनेस है।
  • बकरी की खरीद-फरोख्त में भी कोई कठिनाई नहीं आती है। इसके लिए बाजार स्थानीय स्तर पर मौजूद है। अधिकांश व्यवसायी गांव में आकर बकरा-बकरी की खरीद करके ले जाते हैं।   

बकरी पालन बिजनेस के लिए सब्सिडी हेतु कैसे करें आवेदन

पशुपालन विभाग के उपनिदेशक डॉ. नरेंद्र सिंह  के अनुसार राज्य के जो पशुपालक बकरी पालन पर सब्सिडी का लाभ प्राप्त करना चाहते हैं वे किसी भी सीएचसी पर से जाकर सरल पोर्टल के जरिये सीधा आवेदन कर सकते हैं। उसके बाद वह आवेदन पशुपालन विभाग को मिल जाएगा। उन्होंने कहा कि पशुपालकों को लोन भी आसानी से मिल जाएगा। पशुपालक को अपने बैंक का विवरण देना होगा, जिससे उसे लोन लेना है। उन्होंने बताया कि नूंह जिले के पशुपालक भी इस योजना का लाभ उठाकर अपनी आमदनी को बढ़ा रहे हैं। 

आवेदन के लिए लिंक - https://saralharyana.gov.in/

बकरी पालन बिजनेस के लिए किन-किन कामों के लिए मिलता है लोन

बकरी की खरीद, बकरी के खाने के लिए राशन और चारा की खरीद और बकरियों के लिए रहने के लिए छत या टिन शेड का निर्माण करने के लिए लोन मिलता है। इसमें सरकारी लोन और बिजनेस लोन शामिल है। बकरी पालन के लिए दो तरीके से लोन मिलता है। पहला बकरी पालन शुरू करने के लिए बिजनेस लोन और दूसरा बकरी पालन व्यवसाय का संचालन के लिए वर्किंग कैपिटल लोन।  

बकरी पालन शुरू करने के लिए बिजनेस लोन (Bakri Palan Loan)

बकरी पालन व्यवसाय एमएसएमई सेगमेंट के अंतर्गत आता है। एमएसएमई सेगमेंट में आने के कारण सरकारी लोन के लिए पात्र हो जाता है। बकरी पालन व्यवसाय शुरू करने के लिए सरकारी योजनाओं में लोन मिलता है। मुद्रा लोन के तहत 50 हजार रुपए से 10 लाख रुपए तक का बिजनेस लोन प्राप्त किया जा सकता है। इसके अतिरिक्त बैंकों की अपनी योजनाओं में बकरी पालन बिजनेस के लिए लोन मिलता है। 

ये बैंक देते हैं बकरी पालन के लिए लोन

बकरी पालन के लिए कई बैंक लोन देते हैं। इनमें से प्रमुख सहकारी बैंक इस प्रकार से हैं-

  • स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) का बकरी पालन लोन 
  • कॉमर्शियल बैंक 
  • क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक 
  • राज्य सहकारी कृषि और ग्रामीण विकास बैंक 
  • राज्य सहकारी बैंक 
  • शहरी बैंक 
  • केनरा बैंक
  • आईडीबीआई बैंक 

बैंक से लोन लेने के लिए ऐसे तैयार करें बिजनेस प्रोजेक्ट

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया से मिलने वाले बकरी पालन के लिए लोन धनराशि का निर्धारण व्यवसाय की आवश्यकताओं और आवेदक की प्रोफाइल पर निर्भर करता है। इसके लिए आपके पास बेहतरीन रूप से तैयार बिजनेस प्लान होना चाहिए। बिजनेस प्लान में बिजनेस का क्षेत्र, बिजनेस का स्थान, बकरियों की नस्ल का विवरण, बिजनेस में उपयोग होने वाले उपकरण, वर्किंग कैपिटल इंनवेस्टमेंट धन, कुल बजट, मार्केटिंग स्ट्रैटजी, बिजनेस में काम करने वाले लोगों का विवरण आदि जैसे सभी आवश्यक बिजनेस से संबंधित आवश्यक जानकारी होना अनिवार्य है। इसके अलावा बकरी पालन लोन के लिए प्रस्तुत आवेदन में सभी शर्तों को पूरा किया जाना चाहिए। जरूरत पडऩे पर प्रॉपर्टी सेक्योरिटी के तौर पर रखना होगा। इसके लिए भी आपको तैयार रहना होगा। 

बकरी पालन के लिए नाबार्ड के तहत मिलता है बैंक लोन

नेशनल बैंक फॉर एग्रीकल्चर एंड रूरल डेवलपमेंट का मुख्य फोकस पशुधन बिजनेस के बढ़ोतरी पर है। जिसके लिए नाबार्ड तमाम तरह की लोन योजना चला रहा है। नाबार्ड विभिन्न बैंकों या लोन संस्थानों की मदद से बकरी पालन लोन प्रदान करता है। नाबार्ड की योजना के अनुसार, गरीबी रेखा के नीचे, एस/एसटी वर्ग को 33  सब्सिडी मिलती है। वहीं ओबीसी और सामान्य श्रेणी के लोगों को 25 प्रतिशत अनुदान दिया जाता है जो कि अधिकतम 2.5 लाख रुपए होगा। 

बकरी पालन व्यवसाय का संचालन के लिए वर्किंग कैपिटल लोन

जो व्यवसाय पहले से संचालित हो रहा है, उसे सतत् रूप से चलाने के लिए जो लोन मिलता है, उसे वर्किग कैपिटल लोन कहते हैं। वर्किंग कैपिटल लोन उपयोग करके बिजनेस की दैनिक जरुरतों को पूरा करने के साथ बिजनेस का कैश फ्लो को बनाए रखने के लिए किया जाता है। बकरी पालन कारोबारी विभिन्न प्राइवेट और सरकारी बैंकों के साथ एनबीएफसी से बकरी पालन व्यवसाय के लिए वर्किंग कैपिटल लोन प्राप्त कर सकते हैं। देश की प्रमुख एनबीएफसी जिन लोन से 7.5 लाख रुपए तक का वर्किंग कैपिटल लोन मिलता है।

बकरी पालन लोन के लिए आवेदन हेतु आवश्यक दस्तावेज

बकरी पालन के लिए लोन हेतु आवेदन के लिए आपको कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेजों की आवश्यकता होगी जो इस प्रकार से हैं-

  • आवेदन करने वाले व्यक्ति का आधार कार्ड
  • आवेदन करने वाले का पेन कार्ड 
  • आवेदक का मूल निवासी प्रमाण पत्र 
  • आवेदन करने वाले व्यक्ति की पासपोर्ट साइज फोटो 
  • आवेदक के छह माह का बैंक विवरण
  • आवेदक के पते का सबूत 
  • बिजनेस प्लान 
  • बिजनेस की जगह संबंधित प्रमाण-पत्र 
  • आवेदक का आय प्रमाण-पत्र
  • बीपीएल कार्ड, यदि उपलब्ध हो तो 
  • जाति प्रमाण पत्र, यदि एससी / एसटी / ओबीसी हो तो, यदि लागू हो।


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