सौर ऊर्जा में युवाओं को मिलेगा रोजगार, सरकार देगी प्रशिक्षण

सौर ऊर्जा में युवाओं को मिलेगा रोजगार, सरकार देगी प्रशिक्षण

Posted On - 15 Jan 2021

आवेदन की अंतिम तारीख 28 फरवरी, जानें, कौन ले सकता है प्रशिक्षण और कहां करें आवेदन?

वर्तमान में सरकार की ओर से सौर ऊर्जा को काफी बढ़ावा दिया जा रहा है। इसको लेकर केंद्र सरकार की ओर प्रधानमंत्री कुसुम योजना चलाई जा रही है जिसके तहत किसानों को सोलर पंप दिए जा रहे है। इससे किसानों को सिंचाई में सुविधा होगी वहीं वे अतिरिक्त बिजली उत्पादन कर उसे ग्रिड को बेच सकेंगे। इससे उन्हें अतिरिक्त आमदनी होगी। किसानों के खेत में सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने के लिए सरकार सब्सिडी भी दे रही है। इसी के साथ अब राज्य सरकार की ओर से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन को लेकर युवाओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा है ताकि उन्हें सौर ऊर्जा के क्षेत्र में रोजगार मिल सके। इसी क्रम में मध्यप्रदेश में सौर ऊर्जा क्षेत्र में निवेश की असीम संभावनाओं और उपयोग को देखते हुए युवा उद्यमियों के लिए सौर ऊर्जा टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में कौशल विकास के लिए मध्यप्रदेश ऊर्जा विकास निगम और राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के साथ एनर्जी स्वराज फाउंडेशन 5 से 10 अप्रैल 2021 तक छह दिन का सशुल्क व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। 

 

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प्रत्येक जिले से 10 लोगों को दिया जाएगा प्रशिक्षण

योजना के तहत मध्यप्रदेश राज्य के प्रत्येक जिले से सिर्फ दस लोगों को प्रशिक्षण दिए जाने का लक्ष्य है। यह प्रशिक्षण आई.आई.टी बॉम्बे के प्रोफेसर, एनर्जी स्वराज फाउंडेशन के संस्थापक एवं मध्यप्रदेश के सौर ऊर्जा के ब्रांड एम्बेसेडर प्रोफेसर चेतन सिंह सोलंकी और उनके मास्टर ट्रेनर्स द्वारा राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, भोपाल में दिया जाएगा। 

 


प्रशिक्षण से युवाओं को क्या लाभ?

प्रशिक्षण प्राप्त युवा उद्यमी सौर पी.वी. टेक्नोलॉजी एवं सिस्टम डिजाइन में सैद्धांतिक ज्ञान के अतिरिक्त सौर पी.वी. सिस्टम के इंस्टॉलेशन में पारंगत होंगे। वे सिस्टम के इंस्टालेशन की लागत-व्यय आदि की गणना सीखेंगे और साथ-साथ सोलर के वर्तमान मार्केट एवं व्यापार की संभावनाओं और नए विकल्पों से भी परिचित होंगे। प्रशिक्षण के बाद युवा उद्यमी ऑफ-ग्रिड रूफ टॉप सोलर पी.वी. सिस्टम को डिजाइन कर स्थापित कर पाएंगे। 


कौन कर सकता है प्रशिक्षण के लिए आवेदन

सौर उर्जा टेक्नोलॉजी में प्रशिक्षण लेने हेतु आवेदन कोई भी आई.टी.आई/डिप्लोमा/इंजीनियरिंग/विज्ञान में स्नातक और अधिकतम 40 वर्ष आयु का व्यक्ति इस प्रशिक्षण में शामिल हो सकता है। स्नातक कर रहे विद्यार्थी या सरकारी क्षेत्र में पूर्णकालिक सेवाएं दे रहे लोग पात्र नहीं हैं। 

 

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प्रशिक्षण के लिए कहां से प्राप्त करें आवेदन

प्रदेश के हर जिले के केवल दस लोगों को पहले-आओ-पहले-पाओ के आधार पर चुना जाएगा। प्रशिक्षण में शामिल होने हेतु आवेदन की अंतिम तारीख 28 फरवरी है। आवेदन-पत्र ई-मेल  ([email protected]) पर मेल करके प्राप्त किये जा सकते हैं।   


एनसीईआरटी ने तैयार किए प्रौढ़ शिक्षा के लिए 13 थीम

एनसीईआरटी ने नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप प्रौढ़ शिक्षा अभियान के शिक्षार्थियों के लिए भाषा और गणित को शामिल करते हुए 13 विषयों (थीम) पर पाठ्य प्रवेशिका एवं मार्गदर्शिका तैयार की है। मीडिया में प्रकाशित खबरों के अनुसार एनसीईआरटी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि प्रौढ़ शिक्षा अभियान के तहत वयस्क शिक्षार्थियों के लिए चार प्रवेशिकाएं तैयार की गई हैं। ये प्रवेशिकाएं समेकित रूप से बनाई गई हैं, जिनमें भाषा और गणित दोनों शामिल हैं। विषय सामग्री के रूप में 13 विषय (थीम) तय किए गए हैं। सरकार ने वर्ष 2030 तक शत-प्रतिशत साक्षरता हासिल करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। 

नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति में भी प्रौढ़ शिक्षा को लेकर कई सुझाव दिए गए हैं। ऐसे में एनसीईआरटी ने उड़ान शिक्षा की नाम से प्रौढ़ शिक्षा मार्गदर्शिका और चार प्रवेशिकाएं तैयार की हैं। इन प्रवेशिकाओं में परिवार एवं पड़ोस, बातचीत, पर्यावरण, स्वास्थ्य एवं स्वच्छता, कानूनी साक्षरता, आपदा प्रबंधन, डिजिटल साक्षरता आदि शामिल हैं। भाषा खंड के तहत इन्हीं विषयों से जुड़ी रोचक सामग्री को शामिल करते हुए हिन्दी भाषा और अंकगणित को पढऩा लिखना सुगम बनाया गया है। बता दें कि अधिकाश: प्रौढ़ शिक्षा केंद्रों गांवों में संचालित किए जाते हैं। इसका उद्देश्य गांव में रहने वाले कम पढ़े या अनपढ़ लोगों को शिक्षित करना है। प्राय: ये प्रौढ़ शिक्षा केंद्र रात्रि में संचालित किए जाते हैं ताकि गांव के किसान अपने खेती के काम के बाद यहां पढ़ाई कर शिक्षित हो सकें।

 

 

 

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