बिहार कृषि इनपुट अनुदान योजना २०२० - मौसम से खराब फसल का मिला अनुदान

बिहार कृषि इनपुट अनुदान योजना २०२० - मौसम से खराब फसल का मिला अनुदान

Posted On - 22 Apr 2020

वर्षा, आंधी व ओलावृष्टि से नष्ट फसल का किसानों को मिला अनुदान

ट्रैक्टर जंक्शन पर किसान भाइयों का एक बार फिर स्वागत है। किसान भाइयों आज हम बात करते हैं बिहार सरकार की कृषि इनपुट अनुदान योजना की। इस योजना में बिहार सरकार की ओर से मार्च माह में बारिश, आंधी व ओलावृष्टि बर्बाद हुई फसलों के लिए किसानों को अनुदान उपलब्ध कराया जा रहा है। बिहार की नीतिश सरकार ने राज्य के 23 जिलों के किसानों को इस योजना का लाभ देना शुरू कर दिया है। सरकार की ओर से किसानों के खातों में अनुदान की राशि पहुंचाई जा रही है।

 

सबसे पहले सरकार की सभी योजनाओ की जानकारी के लिए डाउनलोड करे, ट्रैक्टर जंक्शन मोबाइल ऍप - http://bit.ly/TJN50K1

 

कृषि इनपुट अनुदान योजना रबी-2020 का लाभ/कृषि इनपुट अनुदान योजना रबी-2020 में लाभान्वित जिले

बिहार में 4-6 मार्च तथा 13-15 मार्च को असामयिक मौसम परिवर्तन (बारिश, आंधी व ओलावृष्टि) के कारण किसानों को फसलों में नुकसान पहुंचा था। 23 जिलों के सभी प्रखंडों के लिए कुल 3,84,016.71 हेक्टेयर क्षेत्रफल प्रभावित हुआ था। कृषि इनपुट अनुदान योजना रबी-2020 योजना में पटना, नालंदा, भोजपुर, बक्सर, रोहतास,भभुआ, गया, जहानाबाद, अरवल, नवादा, औरंगाबाद, गोपालगंज, मुजफ्फरपुर, पश्चिमी चम्पारण, दरभंगा, समस्तीपुर, मुंगेर, शेखपुरा, लखीसराय, भागलपुर, बाँका, मधेपुरा तथा किशनगंज जिले के किसानों को शामिल किया था। बिहार सरकार ने कृषि इनपुट अनुदान योजना रबी (2019-20) के तहत 23 जिले के किसानों से 18 अप्रैल तक आवेदन मांगे गए थे। अब सरकार की ओर से किसानों के खाते में राशि पहुंचना शुरू हो गई है।

 

कृषि इनपुट अनुदान योजना में आवेदन की स्थिति

कृषि इनपुट अनुदान योजना  में 18 अप्रैल तक  कुल 13 लाख 23 हजार 929 किसानों द्वारा ऑनलाइन आवेदन किए गए थे। किसानों द्वारा किए गए आवेदन की जांच तेजी से जारी है। अभी तक 3 लाख 56 हजार आवेदनों की जांच कृषि समन्वयक द्वारा की जा चुकी है तथा 9,416 आवेदनों को जिला कृषि पदाधिकारी द्वारा जांच किए गए हैं। इसके उपरांत संबंधित जिला के एडीएम द्वारा 4 हजार 716 आवेदनों की जाँच की गई है। इसी प्रकार प्रतिदिन किसानों के आवेदन को जांच के बाद पैसा भेजा जायेगा। 

 

यह भी पढ़ें : किसान पहचान पत्र : कार्ड से मिलेगा सभी सरकारी योजनाओं का फायदा

 

कृषि इनपुट अनुदान योजना में अनुदान / DBT AGRICUTURE Bihar Govt.

  • किसानों को कृषि इनपुट अनुदान भारत सरकार द्वारा अधिसूचित प्राकृतिक आपदाओं एवं राज्य सरकार द्वारा स्थानीय आपदाओं के अधीन निर्धारित मापदंडों के अनुरूप दिया जाता है। 
  • किसानों को कृषि इनपुट अनुदान वर्षाश्रित यानि असिंचित फसल क्षेत्र के लिए 6,800 रूपये हेक्टेयर की दर से दिया जाएगा। 
  • जबकि सिंचित क्षेत्र के लिए किसानों को 13,500 रूपये प्रति हेक्टेयर की दर से यह अनुदान दिया जाएगा। 
  • यह अनुदान प्रति किसान अधिकतम 2 हेक्टेयर के लिए ही देय है।
  • सरकार द्वारा प्रभावित किसानों को इस योजना के अंतर्गत फसल क्षेत्र के लिए कम से कम 1,000 रूपये अनुदान दिया जाएगा।
  • यह पैसा किसान के आधार नंबर से जुड़े बैंक खाता में दिया जाएगा।
  • राज्य सरकार द्वारा इस कृषि इनपुट अनुदान के लिए 518.42 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं।

 

यह भी पढ़ें : एसबीआई की लैंड परचेज स्कीम, जानिए किन किसानों को मिलेगा फायदा

 

डीबीटी के माध्यम से भुगतान/ DBT BIHAR/DBT AGRICUTURE

योजना के तहत फसल नुकसान के अनुदान के लिए आवेदन का समय 18 अप्रैल को पूरा हो गया था। इसके बाद किसानों को उनके बैंक खाता में नुकसान के अनुसार पैसा ट्रांसर्फर किया जा रहा है। 19 अप्रैल को राज्य के 11 जिलों के 2,551 प्रभावित किसानों के खाते में 1,5873,743 रुपये डी.बी.टी. के माध्यम से अंतरित कर दिए गए हैं।

 

 

बिहार कृषि इनपुट अनुदान योजना (2019-20) की ऑनलाइन जानकारी

किसान बिहार सरकार की कृषि इनपुट अनुदान योजना सहित महत्वपूर्ण योजनाओं की जानकारी के लिए https://dbtagriculture.bihar.gov.in/ पर लॉगिन कर सकते हैं। इस वेबसाइट पर पंजीकृत किसान (https://dbtagriculture.bihar.gov.in registration), कृषि इनपुट रबी (2019-20), प्रधानमंत्री सम्मान निधि योजना, जल-जीवन हरियाली योजना, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, डीजल अनुदान खरीफ, कृषि यांत्रिकरण योजना, डीजल अनुदान रबी, जैविक खेती अनुदान आवेदन, बीज अनुदान आवेदन व कृषि इनपुट अनुदान योजनाओं की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

 

सभी कंपनियों के ट्रैक्टरों के मॉडल, पुराने ट्रैक्टरों की री-सेल, ट्रैक्टर खरीदने के लिए लोन, कृषि के आधुनिक उपकरण एवं सरकारी योजनाओं के नवीनतम अपडेट के लिए ट्रैक्टर जंक्शन वेबसाइट से जुड़े और जागरूक किसान बने रहें।
 

Quick Links

scroll to top
Close
Call Now Request Call Back