किसान ने मछली पालन से 8 माह में की 20 लाख रुपए की कमाई

जानें, गांव गोलकुंडा के किसान अभय मिश्रा की सफलता की कहानी

किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से सरकार की ओर से कई प्रकार की योजनाएं चलाई जा रही है। इन योजनाओं का लाभ उठाकर किसान अपनी आमदनी बढ़ाने के साथ ही इससे काफी अच्छा मुनाफा कमा सकता है। इन्हीं योजनाओं में से एक योजना मछली पालन योजना है। इस योजना के तहत किसानों को मछली पालन के लिए अनुदान दिया जाता है। सरकार की ओर से दी गई सहायता से मछली पालक किसान इस व्यवसाय की शुरुआत करके काफी लाभ कमा सकते हैं। आज हम ट्रैक्टर जंक्शन के माध्यम से आपको एक ऐसे किसान की सफलता की कहानी आपको बता रहे है जिसने सरकारी योजनाओं का लाभ उठाकर मात्र 6 से 8 माह में मछली पालन व्यवसाय से करीब 20 लाख रुपए की कमाई की। हम बात कर रहे हैं मध्यप्रदेश के भोपाल के एक छोटे से गांव गोलकुंडा के किसान अभय मिश्रा की। ये वह किसान हैं जिन्होंने मछली पालन व्यवसाय को अपनी आजीविका का साधन बनाने के साथ ही उससे काफी अच्छा मुनाफा कमाया है।  

आधा हेक्टेयर में किया दो तालाबों का निर्माण

मीडिया में प्रकाशित खबरों के आधार पर भोपाल जिले के एक किसान अभय मिश्रा ने शासन की योजनाओं का फायदा लेकर सिर्फ आधा हेक्टेयर के तालाब में मछली पालन करके मात्र 6 से 8 माह की अवधि में ही 20 लाख की शुद्ध कमाई की है। यह किसान बैरसिया के ग्राम गोलकुंडा के रहने वाले हैं। मिश्रा बताते हैं कि वर्ष 2019-20 में मछली पालन विभाग भोपाल के मार्गदर्शन में स्वयं की भूमि पर मछली पालन हेतु आधा हेक्टेयर में दो तालाब का निर्माण किया। जिसमें एक तालाब में 3.75 लाख कोई कार्प का संचयन किया गया, जिसका उत्पादन 40 टन लिया गया। दूसरे तालाब में 60 हजार पंगेशियस का मत्स्य बीज संचयन किया गया जिसका उत्पादन 52 टन लिया गया। मिश्रा ने बताया कि मछलियों के आहार के लिए उच्च प्रोटीन युक्त 95 टन फ्लोटिंग फिश फीड का उपयोग किया।

ऐसे किया दोनों तालाबों का प्रबंधन

उन्होंने अपने निजी भूमि में निर्मित तालाब में उच्च घनत्व से मत्स्य बीज का संचयन किया। इसके लिए उन्होंने आधुनिक वाटर फिल्टर का उपयोग किया। जिसकी जल क्षमता एक लाख लीटर प्रति घंटा है। साथ ही दोनों तालाब में ऑक्सीजन की मात्रा बढ़ाने के लिए ऐरिऐशन पंप, ऐरो ट्यूब का उपयोग किया गया। मत्स्य पालन से संबंधित सभी जलीय पैमाने एवं सभी उपयुक्त उच्च प्रबंधकीय गतिविधियों का पालन किया और समय-समय पर मछली पालन विभाग की मदद से उन्होंने इस क्षेत्र में अपना एक मुकाम हासिल कर लिया।

175 टन प्रति हेक्टेयर के हिसाब से 20 लाख रुपए कमाए

किसान अभय मिश्रा ने मत्स्य उत्पादन में उच्च उत्पादकता 175 टन प्रति हेक्टेयर के हिसाब से मछली उत्पादन कर 6 से 8 माह में ही 20 लाख रुपए की शुद्ध आय प्राप्त की है। नवीन गतिविधि के रूप में वर्ष 2020-21 में इनके द्वारा वायो फ्लाक का निर्माण कर 1.60 लाख गिफ्ट तिलापियां के मत्स्य बीज का संचयन कर वर्तमान में भी मत्स्य पालन किया जा रहा है।

मछली पालन के लिए सरकार से क्या-क्या मिलती है सहायता (Fish Farming)

मछली पालन को बढ़ावा देने के लिए सरकार की ओर से राष्ट्रीय स्तर पर पीएम मत्स्य संपदा योजना चलाई जा रही है। इसके तहत किसानों को मछली पालन व्यवसाय खोलने के लिए सहायता प्रदान की जाती है। इस योजना के तहत किसानों को सरकार की ओर से 75 प्रतिशत तक सहायता प्रदान की जाती है। शेष 25 प्रतिशत पैसा ही मछली पालक को लगाना पड़ता है। सरकार की ओर से दिए जाने वाला कुल अनुदान 75 प्रतिशत है। इसमें कुल लागत का 50 प्रतिशत केंद्र सरकार और 25 प्रतिशत राज्य सरकार वहन करती है। बता दें कि केंद्र की मोदी सरकार की ओर से सितंबर 2020 को पीएम मत्स्य संपदा योजना को लागू की गई थी। इस योजना के तहत किसानों को मछलीपालन के ऋण और निशुल्क प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है। 

तीन तरह से मिलता है इस योजना से लाभ

प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत किसानों को तालाब, हैचरी, खाने की मशीन, क्वालिटी टेस्टिंग लैब की सुविधा दी जाती है। इसके साथ ही मछली रखने के लिए और उनके संरक्षण की भी व्यवस्था दी जाएगी।

समेकित मत्स्य पालन

इस खंड में किसानों को रिसर्कुलेटरी एक्वाकल्चर, बायोफ्लॉक, एक्वापोनिक्स, मछली के चारे की मशीन, वातानुकूलित वाहन और मछली रखने के लिए जगह दी जाएगी।

विशेष लाभ

इस खंड में केज में मछली पालन, रंगीन मछली पालन, प्रचार प्रसार और ब्रांडिंग, मछलियों का रखरखाव जैसे काम किए जाएंगे।

मछली पालन में कितनी आती है लागत

मछली पालन के लिए एक हेक्टेयर तालाब के निर्माण में करीब 5 लाख रुपए की लागत आती है। इसमें कुल राशि का 50 प्रतिशत केंद्र सरकार, 25 प्रतिशत राज्य सरकार अनुदान देती है। शेष 25 प्रतिशत मछली पालक को देना होता है। इस प्रकार के तालाबों के लिए भी सरकार खर्च के हिसाब से केंद्र और राज्य सरकार अनुदान देती है, जिसमें से 25 फीसदी मछली पालक को देना होता है। 

कहां से मिलेगा मछली का बीज

मछली के बीज किसी भी हैचरी से खरीदे जा सकते हैं। दिल्ली, सहारनपुर, हरिद्वार, आगरा में मछली हैचरी हैं जहां से बीज खरीदा जा सकता है। हर जिले में मछली पालन विभाग होता है, जो मछली पालकों को हर तरह की मदद करता है। इसके अलावा नया काम शुरू करने वालों को विभाग द्वारा मछली पालन की ट्रेनिंग भी दी जाती है। 

एक एकड़ तालाब में होगी सालाना 5 लाख रुपए की कमाई

यदि आप एक बार मछली पालन शुरू कर देते हैं, तो आप इससे लगातार कमाई कर सकते हैं। बता दें कि आप एक एकड़ के तालाब से हर साल करीब 5 लाख रुपए की कमाई कर सकते हैं। यदि आपके पास तालाब नहीं है तो आप मछली पालन का काम टैंक में भी करके अच्छी कमाई कर सकते हैं। 

मछली पालन के लिए कैसे मिल सकता है बैंक से लोन

मछली पालन हेतु लोन लेने के लिए सबसे पहले आपको अपने क्षेत्र के मत्स्य पालन विभाग में संपर्क करना होगा। बता दें कि मत्स्य पालन योजना के तहत कार्यालय में अपने राज्य के मुताबिक आवेदन करना होगा। इसके अलावा आप लोन के लिए किसी भी अपने नजदीकी सरकारी बैंक में संपर्क कर सकते हैं। यदि आप प्रधानमंत्री मत्स्य योजना के तहत आवेदन करना चाहते है, तो इसके लिए बैंक द्वारा आपको एक आवेदन फार्म दिया जाएगा। जिसे भरने के बाद लोन के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।  

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