कोरोना महामारी से मचा हाहाकार, क्या फिर से पूरे देश में लगेगा लंबा लॉकडाउन?

कोरोना महामारी से मचा हाहाकार, क्या फिर से पूरे देश में लगेगा लंबा लॉकडाउन?

Posted On - 03 May 2021

कोरोना लॉकडाउन : जानें, सुप्रीम कोर्ट की केंद्र सरकार को सलाह और सरकार का क्या है रूख?

कोरोना महामारी ने पूरे भारत में पैर पसार लिए हैं। संक्रमण का स्तर चरम पर पहुंच चुका है। केंद्र व राज्य सरकारों के कोरोना से लड़ने के सारे इंतजाम नाकाफी साबित हो रहे हैं। इसे देखते हुए हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार पर नाराजगी जताते हुए एक बार फिर से लॉकडाउन लगाने पर विचार करने की सलाह दी है। हालांकि देश में तेजी से बढ़ते कोरोना संक्रमण के मामलों को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 20 अप्रैल को राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में साफ तौर पर कहा था कि हम सब लोगों को मिलकर लॉकडाउन से बचने का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कहा था कि लॉकडाउन केवल अंतिम उपाय के रूप में उपयोग किया जाना चाहिए। लेकिन इन दिनों कोरोना को लेकर देश में जो हालत बने हुए है उसे देखते हुए एक बार फिर से देश लॉकडाउन की स्थिति की ओर बढ़ रहा है। 

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सुप्रीम कोर्ट ने लॉकडाउन को लेकर दिए अहम सुझाव

मीडिया में प्रकाशित खबरों के अनुसार पर देश में कोरोना से मचे हाहाकार के बीच सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को कई अहम सुझाव दिए हैं। सुप्रीम कोर्ट ने वायरस के संक्रमण पर लगाम लगाने के लिए लॉकडाउन की सलाह दी है। इसके अलावा उच्चतम न्यायालय ने वैक्सीन की खरीद पॉलिसी को फिर से रिवाइज करने को कहा है। कोर्ट ने कहा है कि अगर ऐसा नहीं किया गया तो सार्वजनिक स्वास्थ्य के अधिकार में बाधा उत्पन्न होगी जो संविधान के अनुच्छेद 21 का एक अभिन्न अंग है। अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़, एल नागेश्वर राव और एस रवींद्र भट की बेंच ने ये भी कहा कि लॉकडाउन लगाने से पहले सरकार ये भी सुनिश्चित करें कि इसका सामाजिक और आर्थिक प्रभाव कम पड़े। कोर्ट के मुताबिक जिन लोगों पर लॉकडाउन का असर पड़ सकता है उनके के लिए खास इंतजाम किए जाएं।


हॉस्पिटल में दाखिले के लिए राष्ट्रीय नीति बनाए केंद्र सरकार

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को हॉस्पिटल में दाखिले के लिए राष्ट्रीय नीति बनाने की सलाह दी है। कोर्ट ने ये नीति दो हफ्ते के अंदर बनाने को कहा है। सुप्रीम कोर्ट के मुताबिक किसी को भी स्थानीय आवासीय प्रमाण या पहचान प्रमाण की कमी के लिए अस्पताल में भर्ती या आवश्यक दवाओं से वंचित नहीं किया जाएगा। इसी के साथ ही कोरोना वैक्सीन को लेकर सुप्रीम कोर्ट के तीन न्यायाधीशों की पीठ ने सुझाव दिया कि टीकों की खरीद को केंद्रीकृत किया जाए, और राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के भीतर वितरण को विकेंद्रीकृत किया जाए। 


टीकाकरण अभियान पर मांगा जवाब

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और राज्यों दोनों को अगले 6 महीनों के लिए वैक्सीन स्टॉक की मौजूदा और अनुमानित उपलब्धता के बारे में जानकारी देने को कहा है। टीकाकरण की कीमत निर्धारण में हस्तक्षेप न करने के लिए केंद्र की दलीलों का उल्लेख करते हुए कोर्ट ने स्पष्टीकरण मांगा कि क्या किसी दूसरे विकल्प पर विचार किया गया था ताकि टीकाकरण अभियान को तेज किया जा सके।


कोरोना की चेन तोड़ने के लिए दो सप्ताह के लॉकडाउन की सिफारिश

कोरोना की तेजी से बढ़ती रफ्तार को देखते हुए राष्ट्रीय टास्क फोर्स ने सरकार से कोरोना की चेन तोड़ने के लिए दो सप्ताह के राष्ट्रीय लॉकडाउन की सिफारिश की है। कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए हरियाणा और ओडिशा सहित कुछ राज्यों ने पहले ही लॉकडाउन की घोषणा कर दी गई है। कोविड-19 टास्क फोर्स के मुताबिक कोरोना तेजी से अपना रूप बदल रहा है, जिसके कारण कोरोना पर काबू पाना मुश्किल हो गया है। टास्क फोर्स ने जोर देते हुए कहा है कि अगर इसी तरह कोरोना के मामले बढ़ते रहे तो देश का स्वास्थ्य ढांचा पूरी तरह से टूट जाएगा। 


ओडिशा व हरियाणा ने 5 मई से की लॉकडाउन की घोषणा

ओडिशा सरकार ने राज्य में कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिए पांच मई से राज्य में 14 दिन का लॉकडाउन लगाने की घोषणा कर दी है। मुख्य सचिव एससी मोहपात्रा की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि सप्ताहांत को छोडक़र सभी अन्य दिनों में जरूरी सेवाएं उपलब्ध रहेंगी। वहीं हरियाणा सरकार ने अब राज्य में तीन मई से 7 दिनों के लिए पूर्ण लॉकडाउन की घोषणा की है। इस बात की जानकारी हरियाणा के गृहमंत्री अनिल विज ने एक ट्वीट के जरिए दी है।


राजस्थान में 3 से 17 मई तक महामारी रेड अलर्ट जन अनुशासन पखवाड़ा

राजस्थान सरकार ने 3 मई से 17 मई 2021 तक 'महामारी रेड अलर्ट जन अनुशासन पखवाड़ा घोषित किया है। गृह विभाग ने इसको लेकर 30 अप्रैल को नई गाइडलाइन जारी की थी। राज्य सरकार ने विषम परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए और सख्त कदम उठाते हुए महामारी रेड अलर्ट-जन अनुशासन पखवाड़ा की गाइडलाइन जारी कर दी है। नई गाइडलाइन के अनुसार, 3 मई सोमवार प्रातः: 5 बजे से 17 मई सोमवार प्रातः: 5 बजे तक ‘महामारी रेड अलर्ट-जन अनुशासन पखवाड़ा रहेगा। इस दौरान सभी कार्यस्थल, व्यावसायिक प्रतिष्ठान एवं बाजार बंद रहेंगे। शुक्रवार 7 मई दोपहर 12 बजे से सोमवार 10 मई प्रातः: 5 बजे तक एवं शुक्रवार 14 मई दोपहर 12 बजे से 17 मई प्रातः: 5 बजे तक ‘महामारी रेड अलर्ट-जन अनुशासन वीकेंड कर्फ्यू लागू रहेगा।  


अब आंध्रप्रदेश में 5 मई से 14 दिन के कर्फ्यू का ऐलान

कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच अब आंध्र प्रदेश सरकार ने भी राज्य में आंशिक कर्फ्यू लगाए जाने का ऐलान किया है। मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से मीडिया को दी गई जानकारी के मुताबिक, राज्य में 5 मई से 14 दिनों के लिए आंशिक कर्फ्यू लगाया जा रहा है। बता दें कि देशभर में दर्ज हो रहे कोरोना के सबसे ज्यादा नए मामलों वाले राज्यों में से एक आंध्र प्रदेश भी है। स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, बीते 24 घंटे में देश के अंदर कोरोना के 3 लाख 68 हजार 147 नए मामले आए हैं। इनमें से 23 हजार 920 मामले आंध्र प्रदेश से आए हैं।


देशभर में लॉकडाउन को लेकर अभी फिलहाल केंद्र सरकार कोई विचार नहीं

केंद्र सरकार के अधिकारियों का कहना है कि ऐसा कोई प्लान नहीं है। आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि देशभर में लॉकडाउन का केंद्र सरकार कोई प्लान नहीं है, लेकिन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को जरूर कोरोना के संक्रमण को थामने के लिए पाबंदियां बढ़ाने को कहा गया है। बता दें कि देशभर में लॉकडाउन को लेकर केंद्र सरकार का मानना है कि इससे बड़ी संख्या में रोजगार छिन जाएंगे। खासतौर पर प्रवासी मजदूर इससे प्रभावित होंगे। इसी के चलते केंद्र सरकार की ओर से लॉकडाउन पर विचार नहीं किया जा रहा है। 

 

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