मीठी क्रांति : मधुमक्खी पालन नीति 2021 से बढ़ेगी किसानों की आय

जानें, क्या है मधुमक्खी पालन पर राज्य सरकार की योजना और इससे क्या लाभ

देश में किसानों की आय बढ़ाने के लिए सरकार की ओर से अनेक योजनाएं संचालित की जा रही है। इन योजनाओं के माध्यम से किसानों को लाभ पहुंचाया जा रहा है। इन योजनाओं के तहत सरकार की ओर से खेती के अलावा पशुपालन, बागवानी और मछलीपालन को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। इसी तरह ही सरकार देश में मधुमक्खी पालन को प्रोत्साहित कर रही है। मधुमक्खी पालन को बढ़ावा  लिए सरकार ने अलग से योजना तैयार की है जिसे मधुमक्खी पालन नीति 2021 का नाम दिया गया है। इसके तहत किसानों की आय दुगनी करने के लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है। 


क्या है सरकार की मधुमक्खी पालन नीति 2021 (Beekeeping Policy 2021)

देश-विदेशों में शहद की मांग जिस अनुपात में बढ़ रही है, उसकी तुलना में इसका उत्पादन बहुत कम है। ऐसे में शहद उत्पादन से किसानों की आय बढ़ाई जा सकती है। इसी बात को ध्यान मेें रखते हुए सरकार किसानों को मधुमक्खी पालन व्यवसाय से जोडऩा चाहती है ताकि किसान खेतीबाड़ी या बागवानी के साथ मधुमक्खी पालन को अपनाकर अपनी आय में बढ़ोतरी कर सके। मधुमक्खी पालन पर सरकार की ओर से अनुदान दिया जाता है। बता दें कि हरियाणा में मधुमक्खी पालन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने हरियाणा मधुमक्खी पालन नीति-2021 और कार्ययोजना 2021-2030 का शुभारंभ किया है।


क्या है मीठी क्रांति (Sweet Revolution)

सरकार की ओर से किसानों को मधुमक्खी पालन से जोडऩे के लिए मीठी क्रांति की शुरुआत की गई है। इससे किसानों को दो तरह से फायदा होगा। एक तो किसानों की आमदनी बढ़ेगी, वहीं दूसरी ओर फसलों का उत्पादन बढ़ेगा। खेत में मधुमक्खी पालन से फसलों का उत्पादन 15 प्रतिशत बढ़ सकता है।  


हरियाणा राज्य का शहद के उत्पादन को 10 गुना तक बढ़ाने का लक्ष्य

हरियाणा राज्य सरकार ने मधुमक्खी पालन नीति 2021 की कार्ययोजना के तहत हरियाणा सरकार ने राज्य में शहद उत्पादन को 10 गुना बढ़ाने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए सरकार की ओर से राज्य के किसानों को मधुमक्खी पालन शुरू करने के लिए प्रेरित किया जाएगा। इसके साथ ही, पहली बार मधुमक्खी पालन की पहल को अपनाने के लिए 5,000 नए किसानों / शहद उत्पादक (Honey Producer) को राज्य सरकार की ओर से सहायता प्रदान की जाएगी।


मधुमक्खी पालन नीति 2021 के तहत होंगे ये काम

  • मधुमक्खी पालन के साथ-साथ किसानों को सूरजमुखी और सरसों जैसी वैकल्पिक फसलों की बुवाई के लिए भी प्रोत्साहित किया जाएगा। 
  • शहद और इसके उत्पादों जैसे रॉयल जेली, बीवैक्स, प्रोपोलिस, मधुमक्खी पराग और मधुमक्खी विष की बिक्री से किसानों की आय को बढ़ाया जाएगा।
  • निजी उद्यमियों को मधुमक्खी के बक्सों के निर्माण का व्यवसाय शुरू करने के लिए प्रोत्साहित किया जायेगा और विभाग द्वारा इन बक्सों की गुणवत्ता की निगरानी की जाएगी। 
  • विभाग द्वारा मधुमक्खी पालन को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न पहल की जाएगी, जिसके अंतर्गत हनी ट्रेड सेंटर, विलेज आफ एक्सीलेंस, टेस्टिंग लैब आदि की स्थापना की जाएगी। 


मक्खीपालन योजना : राज्य से 600 करोड़ रुपए के शहद का किया गया है निर्यात 

बागवानी विभाग के महानिदेशक डॉ. अर्जुन सिंह सैनी ने हरियाणा मधुमक्खी पालन नीति-2021 और कार्य योजना 2021-2030 पर विस्तृत प्रस्तुतिकरण दिया। प्रस्तुतिककरण के दौरान उन्होंने मीडिया को बताया कि हरियाणा देश में शहद उत्पादन में सातवें स्थान पर है। हरियाणा में 4800 मीट्रिक टन शहद का उत्पादन होता है। वर्ष 2019-2020 में देश में करीब 1 लाख मीट्रिक टन शहद का उत्पादन हुआ। देश में उत्पादित शहद का 60 प्रतिशत, जिसकी कीमत 600 करोड़ रुपए है, का निर्यात किया जाता है।


मधुमक्खी पालन पर कितनी मिलेगी सब्सिडी

हरियाणा में मधुमक्खी पालन करने पर सब्सिडी को 45 प्रतिशत तक बढ़ा दिया है। इससे पहले मधुमक्खी पालन पर 40 प्रतिशत तक की सब्सिडी दी जाती थी, लेकिन अब 45 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी के साथ 85 प्रतिशत सब्सिडी दी जाएगी। बताया जा रहा है कि राज्य का उद्यान विभाग जल्द ही मधुमक्खी पालन, संवर्धन समेत अन्य योजनाओं में बढ़ाई गई सब्सिडी राशि का प्रचार-प्रसार बड़े पैमाने पर करेगा। इसके तहत किसानों, बागबानों और बेरोजगार युवाओं को प्ररित किया जाएगा, ताकि अधिक संख्या में मधुमक्खी पालन को अपनाया जाए।


मधुमक्खी पालन पर सब्सिडी प्राप्त हेतु कैसे करें आवेदन

उद्यान विभाग का मानें, तो सरकारी योजनाओं में बढ़ी सब्सिडी राशि का लाभ लेने के लिए किसान, बागबान और बेरोजगार युवा अपने जिलों के उद्यान अधिकारियों या उपनिदेशक एकीकृत मधुमक्खी पालन विकास केंद्र रामनगर, कुरुक्षेत्र से सीधे संपर्क कर सकते हैं। इसके बाद आवेदन कर योजनाओं का लाभ उठा सकते हैं।

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