सूक्ष्म सिंचाई परियोजनाओं से किसानों को तोहफा

सूक्ष्म सिंचाई परियोजनाओं से किसानों को तोहफा

Posted On - 24 Nov 2020

सूक्ष्म सिंचाई परियोजनाओं के लिए 3,971 करोड़ के सस्ते लोन मंजूर

केंद्र सरकार की ओर से कृषि क्षेत्र में काफी योजनाओं को मंजूरी दी जा रही है। उनमें से हाल ही में केंद्रीय कृषि मंत्रालय की ओर से सूक्ष्म सिंचाई परियोजनाओं को लागू करने के लिए 3,971.31 करोड़ रुपए के ऋण को मंजूरी दी गई है। इससे तमिलनाडु, हरियाणा, गुजरात, आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल, पंजाब व उत्तराखंड राज्य के किसानों को फायदा होगा। मीडिया को दी जानकारी में केंद्रीय कृषि मंत्रालय ने कहा कि उसने सूक्ष्म सिंचाई परियोजनाओं को लागू करने के लिए 3,971.31 करोड़ रुपए के ऋण को मंजूरी दी है, जिसके लिए सब्सिडी दी जाएगी। सबसे अधिक ऋण तमिलनाडु के लिए मंजूर किया गया है। सूक्ष्म सिंचाई परियोजनाओं को लागू करने के लिए राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) के तहत बनाए गए सूक्ष्म सिंचाई कोष (एमआईएफ) के तहत ब्याज छूट के साथ कर्ज दिया जा रहा है। वर्ष 2019-20 में चालू किए गए इस फंड की कुल राशि 5,000 करोड़ रुपए है। मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि एमआईएफ की संचालन समिति ने 3,971.31 करोड़ रुपए के ऋण के लिए परियोजनाओं को मंजूरी दी है।

 

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सूक्ष्म सिंचाई परियोजना : किस राज्य के लिए कितनी राशि मंजूर

इसमें तमिलनाडु के लिए सबसे अधिक 1,357.93 करोड़ रुपए का ऋण मंजूर किया गया है, जिसके बाद हरियाणा के लिए 790.94 करोड़ रुपए, गुजरात के लिए 764.13 करोड़ रुपए, आंध्र प्रदेश के लिए 616.13 करोड़ रुपए, पश्चिम बंगाल के लिए 276.55 करोड़ रुपए, पंजाब के लिए 150 करोड़ रुपए और उत्तराखंड के लिए 15.63 करोड़ रुपए मंजूर किए गए हैं। हालांकि, नाबार्ड ने अभी तक राज्यों को कुल 1,754.60 करोड़ रुपए की ऋण राशि जारी की है। इसमें से लगभग 659.70 करोड़ रुपए हरियाणा, तमिलनाडु और गुजरात को दिए गए हैं।

 


राजस्थान में परियोजना सुरक्षा राशि जमा कराने की अंतिम तिथि अब 7 दिसंबर तक बढ़ाई

प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान (कुसुम योजना (कंपोनेंट-ए) में किसानों की बंजर/अनुपयोगी भूमि पर राजस्थान विद्युत वितरण निगमों के 33 तथा 11 के.वी. के सब स्टेशन सेे 5 किलो मीटर के अंदर 500 किलोवॉट से 2 मेगावॉट क्षमता के सौर ऊर्जा संयंत्रों की स्थापना के लिए परियोजना सुरक्षा राशि जमा करा कर विद्युत क्रय अनुबन्ध करने की अंतिम तिथि 7 दिसंबर 2020 कर दी गई है।

पहले इसकी अंतिम तिथि 10 नवंबर थी। राजस्थान अक्षय ऊर्जा निगम के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक डॉ. सुबोध अग्रवाल ने बताया कि कुसुम योजना -कंपोनेंट-ए के अंतर्गत प्रदेश में सौर ऊर्जा से विद्युत उत्पादन के लिए कुल 722 मेगावॉट क्षमता के लिए 623 सौर ऊर्जा उत्पादकों को आंवटन पत्र जारी किए गए थे, जिनमें से अब तक 168 मेगावॉट क्षमता के लिए 162 सौर ऊर्जा उत्पादकों द्वारा विद्युत क्रय अनुबन्ध हेतु अपने आवेदन प्रस्तुत किए जा चुके हैं।


सूक्ष्म सिंचाई योजना : मध्यप्रदेश में घरेलू संयोजनों पर सोलर रूफटाप लगाने के लिए रेट तय किए

इधर मध्यप्रदेश राज्य की मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने घरेलू संयोजनों पर सोलर रूफटाप लगाने के लिये निविदा के माध्यम से रेट तय कर ठेकेदारों (एजेंसियों) को कार्य आवंटित कर दिया है। तय रेट विगत वर्षों से काफी कम हैं जो कि तीन कि.वा. तक रेट 37000/- प्रति कि.वा. तथा 3 से 10 कि.वा. तक रेट 39,800/- प्रति कि.वा. है। इसमें 3 कि.वा. तक 40 प्रतिशत तथा 3 कि.वा. से अधिक शेष भार पर 20 प्रतिशत सब्सिडी शामिल है। रेट, सब्सिडी, अधिकृत एजेंसी व तकनीकी विवरण की विस्तृत जानकारी मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी की वेबसाइट portal.mpcz.in या निकटतम बिजली कार्यालय से प्राप्त की जा सकती है।


घर पर सोलर प्लांट लगाने पर कितना आएगा खर्चा / सोलर प्लांट

• एक कि.वा. से ऊपर – 3 कि.वा. तक – रुपए 37000/- प्रति कि.वा.
• 3 कि.वा. से ऊपर -10 कि.वा. तक- रुपए 39800/- प्रति कि.वा.
• 10 कि.वा. से ऊपर -100 कि.वा. तक – रुपए 36500/- प्रति कि.वा.
• 100 कि.वा. से ऊपर -500 कि.वा. तक – रुपए 34900/- प्रति किवा.

 

वेबसाईट / टोल फ्री नंबर

मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने कहा है कि उक्त राशि में सब्सिडी शामिल है, सब्सिडी घटाकर एजेन्सी को भुगतान की जाने वाली राशि 3 कि.वा. हेतु 66600 रुपए और 5 कि.वा. पर 135320 रुपए है। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि कंपनी द्वारा दिए तकनीकी विवरण के कार्य के लिए उक्त राशि से अधिक भुगतान नहीं करें। गु्रप हाउसिंग सोसायटी को कॉमन सुविधा वाले संयोजन पर 500 कि.वा. तक (10 कि.वा. प्रति घर) 20 प्रतिशत की सब्सिडी मिलेगी। कंपनी द्वारा अधिकृत एजेंसी, तकनीकी विवरण, सब्सिडी व भुगतान की जाने वाली राशि की जानकारी के लिए विद्युत वितरण कंपनी के निकटतम कार्यालय, कंपनी की वेबसाईट portal.mpcz.in पर देखें या टोल फ्री नंबर 1912 पर संपर्क किया जा सकता है।

 

 

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