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ये 5 कृषि यंत्र खेती के काम को बनाएंगे आसान, जानिएं आधुनिक कृषि यंत्रों की विशेषताएं

ये 5 कृषि यंत्र खेती के काम को बनाएंगे आसान, जानिएं आधुनिक कृषि यंत्रों की विशेषताएं

अब किसानों को निराई - गुड़ाई के कार्य में नहीं होगी दिक्कत, खर्चा भी होगा कम

भारत में अधिकतर किसान परंपरागत रूप से खेती करते आ रहे हैं। इससे उनको अधिक श्रम के साथ खर्चा भी अधिक होता है। आज अनेक प्रकार के कृषि यंत्र बाजार में उपलब्ध हैं जो खेती के काम को आसान बनाने में मदद करते हैं। पर जानकारी के अभाव में हमारे किसान भाई इनका प्रयोग नहीं कर पाते हैं। नतीजा वही अधिक श्रम व पैसा खर्च करने के बाद भी न तो उत्पादन में बढ़ोतरी होती है और न ही श्रम लागत कम हो पाती है। इससे किसानों को जितना लाभ फसल के उत्पादन पर होना चाहिए उतना नहीं मिल पाता है। आज हम बात करेंगे खेती में निराई-गुड़ाई के कार्य में प्रयोग किए जाने वाले यंत्रों के बारे मेें, जो किसानों को कम खर्च में निराई-गुड़ाई का कार्य करने में उनकी मदद करेंगे। किसान अपनी जरूरत के हिसाब से यंत्रों का चयन कर सकता है।

 

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पावर वीडर

पावर वीडर आमतौर पर छोटी मशीनें होती हैं जिसको इस्तेमाल करना बेहद आसान है। इसमें एक या दो इंजन लगे होते हैं. इंजन से ब्लेड, मैकेनिकल क्लच और गियरबॉक्स को जोडऩे के लिए एक शाफ्ट लगी होती है। इसकी गति को नियंत्रित करने के लिए चेन या बेल्ट ड्राइव अथवा वर्म गियर का उपयोग किया जाता है। सामान्यत दो या चार गियर वाले वीडर आते हैं। छोटे वीडर 1.5 से 5 हॉर्स पावर क्षमता वाले होते हैं। आमतौर पर दो स्ट्रोक इंजनों की क्षमता करीब 25 से 50 सीसी है। इनकी ईंधन खपत 60 से 80 मिनट प्रति लीटर होती है। इसका उपयोग खरपतवार निकालने के लिए किया जाता है। 

यह सब्जियों फूलों व फलों के पौधों सहित कपास में अनाश्यक कतारों के बीच में उग आई खरपतवार निकालने के काम आता है। इसके अलावा ये गन्ना की फसल मेें निराई-गुड़ाई तथा मिट्टी चढ़ाने में काम आता है। यह खासकर उन छोटे तथा सीमान्त किसानों के लिए फायदेमंद रहता है जो ट्रैक्टर तथा उससे संबंधित यंत्रों पर भारी- भरकम दाम खर्च करने में सक्षम नहीं हैं। अपने आकर और फीचर्स के चलते कई कीमतों के पावर वीडर बाजार में उपलब्ध हैं। मिनी पावर वीडर की कीमत 10,000 रूपए से शुरू होकर 50,000 रुपए तक हो सकती है। जबकि मध्यम या दीर्घ पावर वीडर पचास हजार से डेढ़ लाख रुपए तक की कीमतों में आते हैं। उन्नत और एडवांस तकनीक वाले पावर वीडर की कीमतें एक से ढाई लाख रुपए तक हो सकती है।

 


 

पूसा वीडर

यह निराई-गुड़ाई के लिए बहुत कम कीमत में मौजूद है। 8 किलोग्राम वजन वाले इस साधारण यंत्र से भी निराई-गुड़ाई का काम किया जाता है। यंत्र में लगे हैंडल को अपनी सुविधानुसार ऊपर नीचे एडजस्ट कर सकते हैं। इस यंत्र को खड़े हो कर ही चलाया जाता है।


पूसा 4 पहिए का वीडर

यह बहुत ही साधारण यंत्र है। इस यंत्र में निराई-गुड़ाई करने के लिए 30 सेंटीमीटर चौड़ा फाल लगा है। इस यंत्र से 40 सेंटीमीटर या उस से ज्यादा कतार से कतार की दूरी वाली फसलों की गुड़ाई कर सकते हैं। यंत्र का वजन तकरीबन 12 किलोग्राम है। खड़े हो कर एक व्यक्ति द्वारा इसे चलाया जाता है। हाथ से चला कर गुड़ाई करने वाले ये दोनों यंत्र भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, पूसा, नई दिल्ली द्वारा बनाए गए हैं। इन के लिए आप इस संस्थान के कृषि अभियांत्रिकी विभाग से संपर्क कर के पूरी जानकारी ली जा सकती है।


ट्रेकआन कल्टीवेटर कम वीडर

यह यंत्र गन्ना, कपास, मैंथा, फूल, पपीता और केले की फसलों व दूसरी कतार वाली फसलों की निराई-गुड़ाई व खाद मिलाने के काम आता है। यह यंत्र पहाड़ी इलाकों में कृषि व बागानों के काम के लिए भी कारगर है। इस यंत्र से निराई-गुड़ाई का खर्च तकरीबन 30 से 40 रुपए प्रति बीघा आता है। यह कल्टीवेटर कम वीडर 2 माडलों में मौजूद है। पहला मौडल टीके160पी पेट्रोल से चलने वाला है व दूसरा मौडल टीके 200के केरोसिन से चलता वाला है। दोनों में 4 स्ट्रोक इंजन होता है। इस में 4.8 हार्सपावर का इंजन लगा है। इस में लगे रोटर की चौड़ाई 12 से 18 इंच तक है। इस यंत्र का वजन तकरीबन 80 किलोग्राम है। इस यंत्र को अमर हैड एंड गीयर मैन्यूफैक्चरिंग कंपनी द्वारा बनाया गया है। यह यंत्र अपने आप आगे की ओर खेत तैयार करता हुआ चलता है। मशीन को धकेलना नहीं पड़ता है। जरूरत के मुताबिक रोटर की चौड़ाई व गहराई घटाई-बढ़ाई जा सकती है।


पावर टिलर चालित यंत्र

इस यंत्र को केंद्रीय कृषि अभियांत्रिकी संस्थान भोपाल, मध्य प्रदेश द्वारा बनाया गया है। इस यंत्र को 8-10 हार्स पावर के टिलर के साथ जोड़ कर चलाया जा सकता है। इस की कीमत करीब 18000 से 20000 रुपए है।

 

नोट- उपरोक्त कृषि यंत्रों को खरीदने के इच्छुक किसान भाई ट्रैक्टर जंक्शन से संपर्क कर सकते हैं। उपरोक्त कृषि औजार किस कार्य में उपयोगी है उत्तर जानिए.

 

 

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