मोदी सरकार का आत्मनिर्भर भारत अभियान : बिना गारंटी के मिलेगा 3 लाख करोड़ रुपए का लोन

मोदी सरकार का आत्मनिर्भर भारत अभियान : बिना गारंटी के मिलेगा 3 लाख करोड़ रुपए का लोन

Posted On - 13 May 2020

जानिएं 20 लाख करोड़ के आर्थिक पैकेज में किसानों को क्या मिला

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 12 कई को 20 लाख करोड़ रुपए के आत्मनिर्भर भारत पैकेज का ऐलान किया था। पीएम मोदी ने साफ कहा था कि 20 लाख करोड़ रुपए के इस पैकेज के जरिए किसानों, गरीबों और कारोबारियों की मदद की जाएगी। 13 मई को देश की वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने दिल्ली में प्रेस कांफ्रेंस के माध्यम से राहत पैकेज की बारीकियां बताई और जानकारी दी कि किस क्षेत्र को कितनी राहत मिलेगी। ट्रैक्टर जंक्शन के माध्यम से आप जान सकते हैं कि किस तरह देश की आम जनता, उद्योगपतियों और किसानों को लाभ मिलेगा।

 

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इकनॉमी, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेमोग्राफी, सिस्टम जैसे पांच स्तंभों पर निर्भर करेगा आत्मनिर्भर भारत अभियान

वितमंत्री निर्मला सीतारमण ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि मंगलवार को पीएम नरेंद्र मोदी ने पैकेज का एलान किया था। इसके लिए कई एक्सपर्ट से बातचीत की गई थी। इसका मकसद आर्थिक ग्रोथ तेज करना और भारत को आत्मनिर्भर बनाना है। इसे आत्मनिर्भर भारत अभियान नाम दिया गया है। उन्होंने कहा कि इकनॉमी, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेमोग्राफी, सिस्टम जैसे पांच स्तंभों पर यह अभियान निर्भर करेगा। लोकल ब्रांड को ग्लोबल बनाना भी इस अभियान का हिस्सा है। डीबीटी, माइक्रो इंश्योरेंस स्कीम, उज्जवला स्कीम के चलते गरीबों व किसानों को काफी मदद मिली है। ये सभी स्कीमें आर्थिक सुधारों के चलते शुरू की जा सकीं। सरकार ने पिछले छह साल में कई तरह के रिफॉर्म किए हैं। इनमें जीएसटी, बैंकिंग रिफॉर्म शामिल हैं। इससे बड़ा बदलाव देखने को मिला है। उन्होंने कहा किआज से हम रोजाना आपको पैकेज के बारे में जानकारी देंगे। हमारा मकसद देश के गरीब लोगों को मदद पहुंचाना है।

 

 

अब तक किसानों व गरीबों को क्या मिला

वित्तमंत्री ने बताया कि सरकार ने 41 करोड़ खातों में डीबीटी के तहत 52 हजार करोड़ रुपये डाला गया है। उज्जवला योजना के तहत बड़ी राहत दी गई है इससे पहले भारतीय रिजर्व बैंक ने लिक्विडिटी बढ़ाने के लिए कई कदम उठाए हैं। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना में गरीबों को 5-5 किलो गेहूं और चावल दिया गया है। हर परिवार को दाल देने का भी काम किया गया है।

 

12 लाख करोड़ रुपए के पैकेज का ब्रेकअप

20 लाख करोड़ रुपए के पैकेज का करीबन 8 लाख करोड़ रुपए पहले ही आरबीआई और सरकार ने जारी कर दिया था। अब 12 लाख करोड़ रुपए के पैकेज का ब्रेकअप दिया जा रहा है।

 

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इनको मिलेगा बिना गारंटी 3 लाख करोड़ का लोन

  • सीतारमण ने कहा कि हम लिक्विडिटी बढ़ाने के लिए कदम उठा रहे हैंञ हम 15 उपायों का एलान करते हैं, जिनमें छह कुटीर उद्योग के लिए हैं। एक उपाय डिस्काम के लिए हैं. तीन टैक्स से जुड़े उपाय हैं।
  • छोटे उद्योगों (एमएसएमई) के लिए 6 बड़े कदम उठाए गए है। इनमें एमएसएमई को 3 लाख करोड़ रुपये का बिना गारंटी के लोन दिया जाएगा। 
  • एमएसएमई को चार साल के लिए लोन दिया जाएगा। 
  • वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा उठाए गए कदमों से 45 लाख एमएसएमई को राहत दी गई है। एक साल तक टैक्स चुकाने से छूट दी गई है।
  • वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा आकार बढ़ाने की चाहत रखने वाली एमएसएमई को फंड्स ऑफ फंड्स का प्रावधान किया गया है जिससे 50 हजार करोड़ की इक्विटी इंफ्यूजन होगी। 
  • संकट में फंसे एमएसएमई को 20 हजार करोड़ दिए जाएंगे। 
  • सक्षम एमएसएमई, जो कोरोना की वजह से परेशान हैं, उन्हें कारोबार विस्तार के लिए 10,000 करोड़ रुपए के फंड्स ऑफ फंड के माध्यम से सहयोग दिया जाएगा।
  • वित्तमंत्री ने कहा कि एमएसएमई की परिभाषा में बदलाव होगा। पहले एमएसएमई को चिंता रहती थी कि अगर उनका आकार बड़ा हो गया ता उन्हें कई छूट नहीं मिलेगी। अब एमएसएमई के लिए निवेश की सीमा बढ़ाई गई है। उनके टर्नओवर को भी बढाया गया है। एक करोड़ से कम निवेश करने वाले और 5 करोड़ टर्नओवर वाले को माइक्रो कहा जाएगा।
  • एमएसएमई के लिए पांचवां कदम यह है कि 200 करोड़ रुपये के लिए ग्लोबल टेंडर नहीं होगा।

 

 

प्रेस कान्फ्रेंस में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की मुख्य बातें

  • समाज के कई वर्गों से बातचीत कर पैकेज तैयार किया गया है। पैकेज के जरिए ग्रोथ को बढ़ाना है। भारत को आत्मनिर्भर बनाना है। इसलिए इसे आत्मनिर्भर भारत अभियान कहा जा रहा है।
  • आत्मनिर्भर भारत का मतलब आत्मविश्वासी भारत का है, जो लोकल लेवल पर उत्पाद बनाकर ग्लोबल उत्पादन में योगदान करें। स्थानीय ब्रांड को दुनिया के सामने पहचान दिलानी है।
  • देश में वेंटिलेटर और पीपीई किट का इस्तेमाल हो रहा है।
  • डीबीटी के जरिए हमारी सरकार गरीबों तक मदद पहुंचाने का काम कर रही है।
  • मोदी सरकार लोगों से बातचीत और संवेदनशीलता में भरोसा रखती है और बजट के बाद तुरंत कोरोना का प्रकोप आ गया। जिसके बाद करीब 79 करोड़ गरीब लोगों खातों में पैसा दिया गया।
  • आरबीआई आने वाले दिनों में बाजार में पैसा लेकर आएगा जिसे लेकर आपको आने वाले दिनों में जानकारी दी जाएगी।

 

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