भारतीय मक्का को मिली नई पहचान, एक एकड़ में 50 क्विंटल की पैदावार

भारतीय मक्का को मिली नई पहचान, एक एकड़ में 50 क्विंटल की पैदावार

Posted On - 31 May 2021

बिहार में पूर्णिया का गुलाबबाग बना एशिया की सबसे बड़ी मक्का मंडी

मक्का उत्पादन में सबसे पहला नाम अमेरिका का आता है। यहां करीब विश्व का 35 प्रतिशत से अधिक मक्का का उत्पादन होता है। भारत में भी मक्का का उत्पादन पिछले कुछ सालों से बढ़ा है। ऐसे कई किसान है जो गेहूं व धान की खेती की जगह मक्का का उत्पादन करके लाभ कमा रहे हैं। इस बार बिहार के पूर्णिमा और सीमांचल में मक्का की जबरदस्त पैदावार हुई। यहां हुई प्रति एकड़ उत्पादन पैदावार ने अमेरिका को भी पीछे छोड़ दिया है। इस लिहाज से पूर्णिमा का गुलाब बाग मंडी एशिया की सबसे बड़ी मक्का मंडी बन गई है। यहां से कई देशों को मक्का की सप्लाई की जाती है। जिले में दो लाख से अधिक किसान मक्का की खेती से जुड़े हुए हैं। वहीं, पचास हजार से अधिक व्यवसायी और मजदूर भी इससे रोजगार पा रहे हैं। इतना ही नहीं देश की बड़ी मल्टीनेशनल कंपनियां भी पूर्णिया के गुलाबबाग में आकर मक्का की खरीद कर रही हैं। 

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यहां प्रति एकड़़ 50 क्विंटल होता है मक्का का उत्पादन

पूर्णिया और सीमांचल में मक्का की खेती बड़े पैमाने पर की जाती है। यहां किसान प्रति एकड़ 50 क्विंटल तक मक्का का उत्पादन करते हैं। इस मामले में पूर्णिया ने विश्व के सबसे अधिक उत्पादकता वाले क्षेत्र अमेरिका के मिडवेस्ट हार्टलैंड को पीछे छोड़ दिया है। अमेरिका में मक्का की उत्पादन क्षमता 48 क्विंटल प्रति एकड़ तक है। पूर्णिया के गुलाबबाग मंडी अनाज संघ के अध्यक्ष पप्पू यादव द्वारा मीडिया को बताए गए अनुसार गुलाबबाग मक्का के मामले में एशिया की सबसे बड़ी मंडी है। यहां से कई देशों में मक्का की सप्लाई होती है। यहां से मक्का विशाखापतनम समेत कई पोर्ट पर जाता है जहां से जहाज के माध्यम से कई देशों में मक्का का निर्यात किया जाता है।


गुलाबबाग मंडी में क्या चल रहा है मक्का का भाव

यहां के मक्का व्यापारियों के अनुसार मक्का का रेट उसकी क्वालिटी और मास्चराईजेशन पर निर्भर करता है। यहां 14 प्रतिशत से नीचे मास्चराइजेशन वाले मक्का की कीमत 1500 से 1550 रुपए प्रति क्विंटल है। जबकि इससे अधिक मास्चराइजेशन वाले मक्का की कीमत करीब 1450 रुपए प्रति क्विंटल है। 


जल्द शुरू होगी मक्के की सरकारी खरीद

जिला कृषि पदाधिकारी संतलाल प्रसाद ने मीडिया को बताया कि पूर्णिया जिले में 65 हजार हेक्टेयर में मक्के की खेती होती है। इस रबी सीजन में यहां करीब साढ़े छह लाख मीट्रिक टन मक्के का उत्पादन हुआ है। सरकार ने मक्का का समर्थन मूल्य 1850 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया है। जल्द ही समर्थन मूल्य पर मक्का की खरीद शुरू की जाएगी।


देश में कहां-कहां होता है मक्का का उत्पादन

भारत में मक्का की खेती जिन राज्यों में व्यापक रूप से की जाती है वे हैं - आन्ध्र प्रदेश, बिहार, कर्नाटक, राजस्थान, उत्तर प्रदेश इत्यादि। इनमे से राजस्थान में मक्का का सर्वाधिक क्षेत्रफल है व आन्ध्र में सर्वाधिक उत्पादन होता है। परन्तु मक्का का महत्व जम्मू कश्मीर, हिमाचल, पूर्वोत्तर राज्यों, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, गुजरात व झारखंड में भी काफी अधिक है।


भारत में कितना होता है मक्का का उत्पादन

संयुक्त राज्य अमेरिका विश्व में मक्का की कुल फसल का 35 प्रतिशत से अधिक उत्पादन करता है, जबकि भारत की हिस्सेदारी सिर्फ 2 प्रतिशत है। भारत में कर्नाटक 16 प्रतिशत मक्का उत्पादन करता है। इसके बाद तेलंगाना और बिहार का नंबर आता है। बता दें कि भारत में खरीफ सीजन में 71 प्रतिशत मक्का उत्पादन होता है, जबकि शेष रबी सीजन में। उत्पादकता से हिसाब लगाए तो अभी भी विश्व की तुलना में औसत से 50 प्रतिशत ही भारत में मक्का की उत्पादकता ली जा रही है। इसके अलावा मक्का के उत्पादन में चीन ब्राजील, मैक्सिको, अर्जेंटीना, अहम भूमिका निभा रहे हैं। विश्व में मक्का का 3 प्रतिशत उत्पादन प्रतिवर्ष के हिसाब से बढ़ रहा है।

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पशु आहार और औद्योगिक रूप से अधिक मात्रा में होती है मक्का की खपत

मक्का की खपत विश्व स्तर पर पशु आहार और औद्योगिक रूप से अधिक मात्रा में होती है। भारत में भी 60 प्रतिशत मुर्गी व अन्य पशु आहार में उपयोग की जाती है। भोजन में केवल 20 प्रतिशत मक्का का उपयोग होता है। गैर खाद्य औद्योगिक उत्पाद बनाने में 20 प्रतिशत की खपत हो रही है। इसमें से 14 प्रतिशत स्टार्च बनाने में उपयोग होने लगी है। पिछले कुछ वर्षों से बिहार, कर्नाटक किसानों के बाद म.प्र., उ.प्र. राजस्थान, आंध्र, तमिलनाडु में मक्का का उत्पादन बड़ी मात्रा में होने लगा है। राजस्थान, म.प्र. आंध्र, तमिलनाडु आदि में खरीफ एवं बिहार और उ.प्र. में रबी में मक्का की फसल होती है। पिछले वर्षों में मक्का की आपूर्ति में बिहार की अहम भूमिका दिखाई दी है। 


भारत से किन-किन देशों को होता है मक्का का निर्यात

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारत के अनाज उत्पादों की हिस्सेदारी में बढ़ोतरी हुई है। भारत से वर्ष 2019-20 के दौरान विश्व भर में 3,70,066.11 मीट्रिक टन अनाज का निर्यात किया गया जिसकी कीमत 1,019.29 करोड़ रुपए/ 142.76 अमरीकी मिलियन डॉलर थी। भारत से मक्का निर्यात जिन देशों को किया जाता है उनमें नेपाल, बांग्लादेश, म्यांमार, पाकिस्तान और भूटान प्रमुख रूप से शामिल हैं। 


भारत में पाया जाता है 7 प्रकार का मक्का

भारत में सात प्रकार का मक्का पाया जाता है। यह सात प्रकार का मक्का- पॉप कॉर्न, स्वीट कॉर्न, फ्लिंट कॉर्न, वैक्सि कॉर्न, पॉड कॉर्न, सॉफ्ट कॉर्न, डेंट कॉर्न हैं। 


गेहूं और धान की जगह मक्का की उपज बढ़ाना अधिक आसान

भारत के अधिकांश मैदानी भागों से लेकर 2700 मीटर ऊंचाई वाले पहाड़ी क्षेत्रों तक मक्का सफलतापूर्वक उगाया जाता है। इसे सभी प्रकार की मिट्टियों में उगाया जा सकता है तथा बलुई, दोमट मिट्टी मक्का की खेती के लिए बेहतर मानी जाती है। मक्का एक ऐसा खाद्यान्न है जो मोटे अनाज की श्रेणी में आता तो है परंतु इसकी पैदावार पिछले दशक में भारत में एक महत्पूर्ण फसल के रूप में मोड़ ले चुकी है क्योंकि यह फसल सभी मोटे व प्रमुख खाद्यानों की बढ़ोत्तरी दर में सबसे अग्रणी है। आज जब गेहूं और धान मे उपज बढ़ाना कठिन होता जा रहा है। वहीं मक्का पैदावार के नए मानक प्रस्तुत कर रही है जो इस समय बढक़र 5.98 तक पहुंच चुका है।

 

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