हैंडमेड पेपर उद्योग : गोबर से बनेगा पैसा, घर में 10 मवेशी तो 15 हजार रुपए महीने की ज्यादा कमाई

हैंडमेड पेपर उद्योग : गोबर से बनेगा पैसा, घर में 10 मवेशी तो 15 हजार रुपए महीने की ज्यादा कमाई

Posted On - 12 May 2020

जानिए हैंडमेड पेपर उद्योग के बारे में

ट्रैक्टर जंक्शन पर किसान भाइयों का स्वागत है, आज हम बात करते हैं ग्रामीण स्वरोजगार की। केंद्र की मोदी सरकार किसानों को आर्थिक आधार पर मजबूत करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। अगर आप गाय के गोबर से पैसा कमाना चाहते हैं तो केंद्र सरकार आपके सहयोग के लिए तैयार है।  देश में गोबर से कागज बनाने का सफल प्रयोग हो चुका है। एमएसएमई मंत्रालय के तहत काम करने वाले खादी ग्रामोद्योग (केवीआईसी) की यूनिट केएनएचपीआई ने तो गाय के गोबर से कागज का उत्पादन भी शुरू कर दिया है। अब देशभर में इस प्रकार के प्लांट लगाने की योजना तैयार की जा रही है। कागज बनाने के लिए गोबर के साथ कागज के चिथड़े का इस्तेमाल किया जाता है। एक गाय के गोबर से प्रतिदिन 50 रुपए की अतिरिक्त कमाई हो सकती है। अगर घर में 10 मवेशी हैं तो 500 रुपए की अतिरिक्त कमाई होगी। इस प्रकार एक महीने में 15 हजार व एक साल में 1 लाख 80 हजार की अतिरिक्त कमाई की संभावना बनती है।

 

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प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम से आम लोगों तक पहुंचाने की तैयारी

गाय के गोबर से पेपर बनाने की विधि को अब प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के तहत गांव-गांव तक पहुंचाया की तैयारी जारी है। गाय के गोबर से तैयार हैंडमेड पेपर की क्वालिटी बहुत अच्छी होती है। देश में पूर्ण रूप से प्लास्टिक पर बैन होने की स्थिति में ऐसे पेपर के कैरी बैग अच्छा विकल्प साबित होंगे। इस तरह का प्लांट लगाने से किसानों की आय बेहतर हो सकेगी और युवाओं को अच्छा रोजगार मिल सकेगा।

 

 

गाय के गोबर से कागज बनाने के लिए लोन व सब्सिडी

इस प्रकार के प्लांट लगाने के लिए सरकार की तरफ से कर्ज मुहैया कराया जा रहा है। गोबर से कागज बनाने वाले प्लांट लगाने में 15 लाख रुपये खर्च होंगे। एक प्लांट से एक माह में 1 लाख कागज के बैग बनाए जा सकते हैं। ये हैंडमेड पेपर हैं तो इससे हर प्लांट में कुछ लोगों को रोजगार भी मिलेगा। अगर 15 लाख में कोई प्लांट लगाता है तो इसमें 10 से 12 लोगों को रोजगार मिल सकता है। किसान भाई जिला उद्योग केंद्र व अन्य नोडल एजेंसियों से संपर्क कर सकते हैं। 

 

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गाय का गोबर बिकेगा 5 रुपए किलो

गोबर से कागज बनाने के साथ वेजिटेबल डाई बनाने का भी काम किया जा सकता है। गोबर में से कागज बनाने लायक सिर्फ 7 फीसदी मैटेरियल निकलते हैं। बाकी के 93 फीसदी का इस्तेमाल वेजिटेबल डाई बनाने में यूज किया जा सकता है। ये वेजिटेबल डाई पर्यावरण के अनुकूल होते हैं। इसका निर्यात भी किया जा सकता है। इस स्कीम से किसानों की आय बढ़ाई जा सकती है। कागज और विजिटेबल डाई बनाने के लिए सरकार 5 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से किसानों से गोबर खरीदना होगा। एक जानवर एक दिन में 8-10 किलोग्राम गोबर मिल सकता है। ऐसे में, किसानों को अपनी मवेशियों से रोजाना कम से कम 50 रुपए तक की अतिरिक्त कमाई हो सकती है।

 

 

देश में हर साल 5 हजार करोड़ रुपए का गोबर

सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ एग्रीकल्चरल इंजीनियरिंग की एक रिपोर्ट के अनुसार देशभर में पशुओं से हर साल 100 मिलियन टन गोबर मिलता है जिसकी कीमत 5,000 करोड़ रुपए है। इस गोबर का ज्यादातर प्रयोग बायोगैस बनाने के अलावा कंडे और अन्य कार्यों में किया जाता है।

 

केंद्रीय मंत्री ने किया था लॉंच

12 सितंबर 2018 को तत्कालीन केंद्रीय सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) मंत्री गिरिराज सिंह ने कुमारप्पा नेशनल हेंडमेड पेपर इंस्टीट्यूट में गोबर से बने पेपर कैरी बैग को लॉन्च किया था। इस दौरान उन्होंने कहा था कि गाय के गोबर से बने उत्पाद गुणवत्ता में बेहतर हैं और किफायती भी हैं। इन्हें देशभर में पसंद किया जा रहा हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोच का ही परिणाम हैं कि किसान गाय के गोबर से भी पैसा कमा सकेगा। 

 

गाय पालन करने वालों को ऐसे होगा मुनाफा

इस प्लांट के जरिए गाय पालन करने वालों को भी मुनाफा होगा, जो गोबर वेस्ट हो जाता था अब गाय पालक उससे भी पैसे कमा सकते हैं। प्रति किलो गाय के गोबर की कीमत 5 रुपये बताई जा रही है और गाय प्रति दिन 10 किलो तक गोबर करती है। ऐसे में एक गाय से 50 रुपए की अतिरिक्त कमाई। जिस घर में जितना गौवंश है उस घर में उतनी ही ज्यादा कमाई होगी। इसका मतलब गोबर से गोपालक प्रतिदिन अतिरिक्त कमाई कर सकेंगे। एक माह में प्लांट से करीब 1 लाख कागज के बैग बनाए जा सकते हैं। इस प्लांट को लगाए जाने में भारत सरकार की तरफ से लोन मुहैया करवाया जा रहा है। इसके अलावा गोबर से कागज बनाने की तकनीक के प्रचलित होने से पर्यावरण की भी सुरक्षा होगी। क्योंकि फिलहाल कागज बनाने के लिए पेड़ पौधे तथा वनस्पतियों का प्रयोग किया जाता है। लेकिन जब बड़े पैमाने पर गोबर से कागज बनाया जाएगा तो इससे पेड़ पौधों की सुरक्षा बढ़ेगी। 

 

गाय के गोबर से कागज बनाने की योजना की ऑनलाइन जानकारी

लघु, सूक्ष्म और मध्यम उद्योग मंत्रालय सैकड़ों योजनाओं के माध्यम से लोन व सब्सिडी उपलब्ध कराता है। सरकारी योजनाओं की जानकारी के लिए आप एमएसएमई की ऑफिसियल वेबसाइट https://msme.gov.in/hi पर लॉगिन कर सकते हैं।

 

 

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