कपास की कीमतों में आई तेजी, भंडारण करने वाले किसानों को हो रहा लाभ

कपास की कीमतों में आई तेजी, भंडारण करने वाले किसानों को हो रहा लाभ

Posted On - 16 May 2022

कृषि विभाग को कपास का रकबा बढऩे की उम्मीद, जानें, प्रमुख मंडियों में कपास का ताजा भाव

इस बार गेहूं के साथ ही किसानों को कपास के भी अच्छे भाव मिल रहे हैं। पिछले कुछ दिनों से कपास के भावों में रिकार्ड तेजी दिखाई दे रही है। इससे उन कपास उत्पादक किसानों को काफी लाभ हो रहा है जिन्होंने अपनी कपास की फसल को रोक कर रखा हुआ था। कपास का सीजन खत्म होने के बावजूद बाजार में कपास की मांग बनी हुई है और कीमतों में बढ़ोतरी जारी है। यह पहला मौका है कि किसानों को कपास के इतने ऊंचे भाव मिल रहे हैं। बताया जा रहा है रूस-यूक्रेन युद्ध के चलते सभी फसलों के भावों में तेजी दर्ज की गई है। इसमें गेहूं, सरसों प्रमुख है। अब कपास भी इसमें शामिल हो गया है। कपास के भाव भी रिकार्ड स्तर पर है। 

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कपास के भाव में प्रतिदिन जारी है 200 से 300 रुपए की घटत-बढ़त

बता दें कि महाराष्ट्र की वर्धा की सिंदी मंडी में औसत भाव 13200 रुपए प्रति क्विंटल चल रहा है जो पिछले सीजन से अधिक है। इस समय विभिन्न मंडियों में कपास का भाव अच्छा चल रहा है। प्रतिदिन 200 से 300 रुपए की घटत-बढ़त देखने को मिल रही है। पिछले दिनों की तुलना में इस समय कपास के भावों में तेजी चल रही हैं। इससे किसानों को लाभ हो रहा है। इसे देखते हुए खरीद केंद्र को अगले 10 दिनों के लिए और खोले जाने का फैसला लिया गया है। इससे किसानों को काफी लाभ होगा। 

महाराष्ट्र की मंडियों में कपास के भाव पहुंचे 14 हजार रुपए प्रति क्विंटल

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार महाराष्ट्र की मंडियों में कपास का भाव 14 हजार रुपए के रिकार्ड स्तर को छू गया है। यहां की मंडियों में इस सीजन कपास के भावों में एक बार भी गिरावट नहीं आई है। कपास उत्पादक किसानों को इस बार अब तक का सबसे अधिक भाव मिल रहा है। कृषि विभाग के अनुसार इस बार कपास का रकबा अधिक होने का अनुमान है, क्योंकि इस बार किसानों को कपास के अच्छे दाम मिल रहे हैं। ऐसे में कपास किसान अब अधिक रकबे में कपास की खेती में रूचि दिखा सकते हैं। 

देश की प्रमुख मंडियों में कपास का भाव

इस बार मंडियों में कपास के ऊंचे भाव चल रहे हैं। देश की प्रमुख मंडियों में कपास के जो भाव चल रहे हैं वे इस प्रकार से हैं- 

महाराष्ट्र में कपास का भाव

महाराष्ट्र वर्धा की सिंदी मंडी में कपास का औसत भाव 13200 रुपए प्रति क्विंटल चल रहा है। अकोला मंडी में कपास का भाव 12880 रुपए प्रति क्विंटल है। वहीं महाराष्ट्र की अन्य मंडियों में कपास का भाव 12600 रुपए प्रति क्विंटल रहा। 

गुजरात में कपास का भाव 

गुजरात की जामनगर मंडी में कपास का भाव 12110 रुपए प्रति क्विंटल, वहीं भाव नगर मंडी में कपास का भाव 12100 रुपए प्रति क्विंटल है। राजकोट मंडी में कपास का भाव 12150 रुपए प्रति क्विंटल चल रहा है। इसी प्रकार धोराजी मंडी में कपास का भाव 12170 रुपए प्रति क्विंटल है। 

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हरियाणा में कपास का भाव 

हरियाणा की रोहतक मंडी में कपास का भाव 9540 रुपए प्रति क्विंटल चल रहा है। वहीं एलेनाबाद मंडी में कपास का भाव 9560 रुपए प्रति क्विंटल है। हरियाणा की फतेहाबाद मंडी में कपास के भाव 9570 रुपए प्रति क्विंटल चल रहे हैं। हिसार मंडी में कपास के भाव 9550 रुपए प्रति क्विंटल है। मेहम मंडी में कपास का भाव 9530 रुपए प्रति क्विंटल और आदमपुर मंडी में कपास के भाव 9550 रुपए प्रति क्विंटल है। सिरसा मंडी मेें मध्यम कपास का भाव 9540 रुपए प्रति क्विंटल चल रहा है।

अन्य मंडियों में कपास का भाव

  • महुआ-स्टेशन रोड गुजरात मंडी भाव 12190 रुपए प्रति क्विंटल चल रहा है। 
  • कपास का भेसान मंडी भाव 12100 रुपए प्रति क्विंटल चल रहा है। 
  • कपास का गोंडल मंडी भाव 12150 रुपए प्रति क्विंटल है। 

क्या है कपास का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2021-22

कपास मध्यम रेशा का न्यूनतम समर्थन मूल्य 5726 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। जबकि कपास लंबा रेशा का न्यूनतम समर्थन मूल्य 6025 रुपए प्रति क्विंटल है। 

कपास के एमएसपी और बाजार भाव में दोगुना अंतर

क्वालिटी के अनुसार कपास का एमएसपी यानि न्यूनतम समर्थन मूल्य क्रमश: 5726 और 6025 रुपए है। जबकि बाजार में कपास का भाव 12 हजार से ऊपर बना हुआ है। इस तरह देखा जाए तो एमएसपी और बाजार भाव में दुगुना अंतर है। इससे किसान जिन्होंने अपनी फसल एमएसपी नहीं बेचकर बाजार में व्यापारियों को बेची उन्होंने इससे अच्छा मुनाफा कमाया। वहीं जो किसान कपास की फसल को रोक कर बेच रहे हैं वे इससे अब भी इससे लाभ प्राप्त कर रहे हैं।  

कपास को लेकर आगे बाजार का रूख

कपास के भावों में अभी फिलहाल तेजी बनी हुई है। बाजार जानकारों की मानें तो अभी कपास के भाव में गिरावट के बहुत कम आसार हैं। जो किसान कपास को रोककर चल रहे हैं उन्हें लाभ हो रहा है। इसलिए अभी फिलहाल कपास का भाव ऊंचा बना रहेगा। बता दें कि इस बार गुलाबी सुंडी के प्रकोप से कपास की फसल को नुकसान हुआ है इससे कपास का उत्पादन घटा है। यही कारण है कि बाजार में कपास की मांग के अनुसार उत्पादन नहीं हो पाया, परिणामस्वरूप भावों में तेजी का रूख बना हुआ है।  


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