पीएम किसान सम्मान निधि में बड़ा बदलाव, अब इन किसानों को नहीं मिलेगा योजना का लाभ

पीएम किसान सम्मान निधि में बड़ा बदलाव, अब इन किसानों को नहीं मिलेगा योजना का लाभ

Posted On - 09 Feb 2021

पीएम किसान सम्मान निधि योजना : जानें, कितने किसानों पर पड़ेगा इसका असर?

सरकार ने पीएम किसान सम्मान निधि योजना में बड़ा बदलाव किया है। अब इस योजना में वही किसान जुड़ पाएगा जिसके नाम खेत होगा। अभी तक इस योजना में ऐसा चला आ रहा था कि अगर पुरखों के पास खेत है तो उसमें अपना हिस्सा दिखाकर इस योजना का लाभ ले लिया जाता था। पर अब ऐसा बिलकुल भी नहीं चलेगा। सरकार ने अब इस योजना में इस नियम को कड़ा कर दिया है। इस नियम के बदलाव के बाद अब इस योजना में जुडऩे वाले किसानों को समस्या हो सकती है। खास कर ऐसे किसान जो संयुक्त रूप से खेती करते हैं। इस नियम से देश के करीब एक करोड़ किसानों पर इसका असर पड़ेगा। हालांकि जो किसान इस योजना से पहले जुड़े हुए है उन पर इसका कोई असर नहीं होगा। उन्हें पहले की तरह 6 हजार रुपए की राशि सालाना उनके खाते दी जाती रहेगी। अब जो नए किसान यदि इस योजना में जुड़ते हैं तो उन्हें अपने नाम खेत होने के दस्तावेज देने होंगे।

 

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क्यों किया गया नियम में बदलाव?

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की रकम 33 लाख गलत खातों में जाने के बाद अब इस योजना के लिए नियमों में बदलाव किया गया है। पीएम किसान स्कीम में 6 हजार रुपये सालाना की रकम उन्हीं किसानों को मिलेगी जिनके नाम से खेत होगा। मतलब ये कि किसानों को खेत का म्यूटेशन (दाखिल-खारिज) अपने नाम से कराना होगा। यहां ये उल्लेखनीय है कि अब तक जो किसान पुरखों के नाम के खेत में अपने शेयर का निकाले गये भू स्वामित्व प्रमाण पत्र (एलपीसी) निकालकर इसका फायदा ले रहे थे, आगे से ऐसा नहीं कर पाएंगे। दरअसल, कृषि भूमि का अपने नाम पर म्यूटेशन नहीं कराने वाले किसानों की संख्या काफी बड़ी है। इस हिसाब से इस नियम से कई किसान प्रभावित होंगे। हालांकि इन नए नियमों का असर पुराने लाभार्थियों पर नहीं पड़ेगा जो पहले से ही इस योजना से जुड़े हैं।

 


संयुक्त रूप से खेती करने वाले किसानों के सामने समस्या

नए नियम के अनुसार योजना के लिए रजिस्ट्रेशन करा रहे नए आवेदकों को अब आवेदन फॉर्म में अपनी जमीन के 
प्लाट नंबर का भी जिक्र करना होगा। ऐसे किसान परिवार जिनके पास संयुक्त रूप से खेती की जमीन है, उनके लिए मुश्किलें बढ़ सकती हैं। क्योंकि अब तक ये किसान अपने हिस्से की खातियानी जमीन के आधार पर पीएम किसान सम्मान निधि योजना का फायदा उठा रहे थे। अब किसानों को अपने हिस्से की जमीन अपने नाम पर करानी होगी, तभी वे इस योजना का लाभ उठा सकेंगे। अगर किसानों ने जमीन खरीदी है तो कोई परेशानी नहीं है, जमीन अगर खातियानी है, तो ये काम पहले पूरा करना होगा।


इन किसानों को नहीं मिलेगा योजना का लाभ

  • अगर कोई किसान खेती करता है लेकिन वह खेत उसके नाम न होकर उसके पिता या दादा के नाम हो तो उसे 6000 रुपये सालाना का लाभ नहीं मिलेगा।
  • अगर कोई किसान किसी दूसरे किसान से जमीन लेकर किराए पर खेती करता है, तो भी उसे भी योजना का लाभ नहीं मिलेगा।
  • अगर कोई किसान या परिवार में कोई संवैधानिक पद पर है तो उसे लाभ नहीं मिलेगा।
  • 10,000 रुपए से अधिक की मासिक पेंशन पाने वाले सेवानिवृत्त पेंशनभोगियों को इसका लाभ नहीं मिलेगा।


अब तक केवल 60 लाख किसान ही जुड़ पाए है इस योजना से

राज्य में पीएम किसान सम्मान निधि योजना के लाभुकों की संख्या लगभग 60 लाख है। लेकिन, राज्य में किसान परिवारों की संख्या एक करोड़ 65 लाख है। यानी, अब भी आधे किसान इस योजना से नहीं जुड़े हैं। अब नई व्यवस्था में उन्हें जुडऩेलिए म्यूटेशन (दाखिल खारिज) कराना होगा। बता दें कि इस योजना के तहत चयनित किसानों को हर साल छह हजार रुपये उनके खाते में केन्द्र सरकार देती है। यह राशि हर चार महीने पर तीन किस्त में दो-दो हजार करके दी जाती है। पैसा समय पर खुद खाते में चला जाता है। राज्य सरकार केवल किसानों को सत्यापित कर नाम रिकॉर्ड भेजती है।

 

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तीन साल से लागू है यह योजना

राज्य में किसान सम्मान निधि योजना 1 दिसम्बर, 2018 यानी तीन साल से लागू है। इसका उद्देश्य सभी किसानों के परिवारों की वित्तीय जरूरतों को पूरा करना है। उपादानों की खरीद के लिए राशि केंद्र सरकार द्वारा जारी की जाती है। एक किसान के परिवार में पति, पत्नी और नाबालिग बच्चे को शामिल किया गया है। यानी इन सदस्यों में किसी को एक को योजना का लाभ मिलेगा।


अब तक कितनी बार हुआ इस योजना में बदलाव

  • पीएम किसान सम्मान निधि योजना में अब तक इस योजना में तीन बदलाव किए जा चुके हैं। इस योजना में यह तीसरी बार बदलाव किया गया। पहले किसानों के आवेदन के आधार पर सीधे उनके खाते में राशि भेज दी जाती थी।
  • उसके बाद केन्द्र सरकार ने खातों को आधार से लिंक करने का प्रावाधान किया। यानी लाभ को आधार आधारित किया गया। साथ ही, आयकर देने वाले किसानों को लाभ से वंचित किया।
  • अब नए किसानों को आवेदन करने से पहले जमीन अपने नाम करानी होगी।

 

 

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