मुख्यमंत्री बीज स्वावलंबन योजना: बीज उत्पादन के लिए 15 करोड़ रुपए खर्च करेगी सरकार

मुख्यमंत्री बीज स्वावलंबन योजना: बीज उत्पादन के लिए 15 करोड़ रुपए खर्च करेगी सरकार

Posted On - 23 May 2022

जानें, क्या है राज्य सरकार की मुख्यमंत्री बीज स्वावलंबन योजना और इससे किसानों को लाभ

राजस्थान सरकार की ओर से किसानों को कम दर पर बीज उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री बीज स्वावलंबन योजना चलाई जा रही है। इस योजना का लाभ यहां के किसानों को मिल रहा है। हाल ही में इस योजना को लेकर राज्य के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अहम निर्णय लिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मुख्यमंत्री बीज स्वावलंबन योजना के तहत किसानों को बीज उत्पादन के लिए 15 करोड़ रुपए की लागत से बीज उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। यह राशि वित्तीय वर्ष 2022-23 के लिए मुख्यमंत्री कृषक साथी योजना से स्वीकृत की गई है। 

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मुख्यमंत्री ने अपने बजट भाषण में किया था इसे शामिल

बता दें कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अपने बजट भाषण वित्तीय वर्ष 2022-23 में बीज स्वावलंबन योजना के आकार को दोगुना करने करने की बात कही थी। इसके तहत आगामी दो वर्षों में 50 हजार किसानों को लाभान्वित करने की घोषणा की गई थी। इसके तहत 30 करोड़ रुपए खर्च कर 9 लाख क्विंटल बीज का उत्पादन करवाया जाएगा। 

इन फसलों के बीजों का किया जाएगा उत्पादन

मुख्यमंत्री बीज स्वावलंबन योजना के तहत गेहूं, चना, जौ, ज्वार, सोयाबीन, मूंगफली, मूंग, मोठ एवं उड़द की फसलों की 10 वर्ष से कम अवधि की उन्नत किस्मों के बीजों का उत्पादन किया जाएगा। इसमें न्यूनतम 50 प्रतिशत लघु एवं सीमांत किसानों को शामिल किया जाएगा। इससे एक ओर किसानों की आय बढ़ेगी, वहीं दूसरी ओर किसानों को इन फसलों के गुणवत्ता पूर्ण बीज उपलब्ध हो सकेंगे। 

किसानों को दिया जाएगा 100 करोड़ का अनुदान

प्रदेश में आगामी 3 वर्षों में 50 हजार किसानों को 20 हजार किलोमीटर सिंचाई पाइप लाइन के लिए 100 करोड़ रुपए का अनुदान दिया जाएगा। इसके लिए वित्तीय वर्ष 2022-23 के बजट में किसानों को 14 करोड़ रुपए की अनुदान राशि का प्रावधान किया गया है। इसी के साथ सरकार ने चने की एमएसपी भी बढ़ा दी है। इससे प्रदेश के चने की खेती करने वाले किसानों को अच्छा फायदा मिलेगा

15 हजार किसानों को डिग्गी निर्माण के लिए मिलेगा अनुदान

प्रदेश के बारिश की लगातार कमी को देखते हुए राज्य सरकार की ओर से आगामी 3 वर्षों में 15 हजार किसानों को डिग्गी निर्माण के लिए 450 करोड़ रुपए का अनुदान दिया जाएगा। वित्तीय वर्ष 2022-23 में 5 हजार किसानों को डिग्गी निर्माण के लिए 150 करोड़ रुपए का अनुदान मुख्यमंत्री कृषक साथी योजना के तहत प्रदान किया जाएगा। 

खेत तालाब योजना पर 344.25 करोड़ रुपए का अनुदान

एक सरकारी बयान में दी गई जानकारी के मुताबिक तीन वर्षों में 45 हजार किसानों को खेत तालाब निर्माण के लिए 344.25 करोड़ रुपए का अनुदान दिया जाएगा। बयान के अनुसार, इसी तरह एक अन्य मंजूरी में मुख्यमंत्री ने राजस्थान कृषि तकनीक मिशन के तहत महंगे यंत्रों और उपकरणों की खरीद पर वित्तीय वर्ष 2022-23 में 108.80 करोड़ रुपए अनुदान के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।

राजस्थान सरकार का बीज वितरण और अनुदान कार्यक्रम

राजस्थान सरकार की ओर से रबी और खरीफ फसलों के प्रमाणिक बीज किसानों को अनुदान पर उपलब्ध कराए जाते हैं। इसके लिए सरकार की ओर से प्रमाणिक बीज वितरण हेतु अनुदान सहायता कार्यक्रम चला रखा गया है। इसके तहत किसानों को गुणवत्तायुक्त प्रमाणिक बीज 50 प्रतिशत अनुदान पर उपलब्ध कराया जाता है। बता दें कि फसल उत्पादन में गुणवत्तायुक्त / प्रमाणित बीज का प्रमुख योगदान होता है। इससे न केवल प्रति इकाई फसल उत्पादन में 15 से 20 प्रतिशत की वृद्धि होती है, अपितु फसल उत्पादन के अन्य आदानों यथा उवर्रक, सिंचाई आदि का भी समुचित उपयोग होता है।

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प्रमाणित बीजों की खरीद पर किसानों को मिलने वाला लाभ

कृषि विभाग, राजस्थान की ओर से संचालित विभिन्न योजनाओं के तहत प्रमाणित बीज वितरण पर देय लाभ का विवरण निम्नानुसार है।

  • दलहनी फसलों में मूंग, मोठ, उडद, अरहर, चना की दस वर्ष तक की अवधि की अधिसूचित किस्मों के प्रमाणित बीज की कीमत का 50 प्रतिशत अथवा 5 हजार रुपए प्रति क्विंटल, जो भी कम हो अनुदान दिया जाएगा। वहीं दस वर्ष से अधिक अवधि की अधिसूचित किस्मों के प्रमाणित बीज की कीमत का 50 प्रतिशत अथवा 2500 रुपए प्रति क्विंटल, जो भी कम हो का लाभ प्रदान किया जाएगा।
  • न्यूट्री सीरियल फसलों में बाजरा एवं ज्वार की दस वर्ष से कम अवधि की अधिसूचित किस्मों पर प्रमाणित बीज की कीमत का 50 प्रतिशत अथवा 3 हजार प्रति क्विंटल, जो भी कम हो पर किसानों को दिया जाएगा। वहीं दस वर्ष से अधिक अवधि की अधिसूचित किस्मों पर प्रमाणित बीज की कीमत का 50 प्रतिशत अथवा 1500 रुपए प्रति क्विंटल, जो भी कम हो का लाभ प्रदान किया जाएगा। इसी के साथ बाजरा एवं ज्वार की संकर किस्मों के प्रमाणित बीज की कीमत का 50 प्रतिशत अथवा 10 हजार रुपए प्रति क्विंटल जो भी कम हो का लाभ दिया जाएगा।
  • मोटा अनाज में मक्का एवं जौ किस्मों पर अनुदान दिया जाएगा जिसमें दस वर्ष से कम अवधि की अधिसूचित किस्मों पर प्रमाणित बीज की कीमत का 50 प्रतिशत अथवा 3 हजार रुपए प्रति क्विंटल, जो भी कम हो का लाभ दिया जाएगा। वहीं दस वर्ष से अधिक अवधि की अधिसूचित किस्मों पर प्रमाणित बीज की कीमत का 50 प्रतिशत अथवा 1500 रुपए प्रति क्विंटल, जो भी कम हो का लाभ प्रदान किया जाएगा। इसी के साथ मक्का की हाईब्रिड संकर किस्मों के प्रमाणिक बीज की कीमत का 50 प्रतिशत अथवा 10 हजार रुपए प्रति क्विंटल, जो भी कम हो लाभ दिया जाएगा।
  • गेहूं एवं धान- गेहूं एवं धान की दस वर्ष से कम अवधि की अधिसूचित किस्मों के प्रमाणित बीज की कीमत का 50 प्रतिशत अथवा 2 हजार प्रति क्विंटल, जो भी कम हो का लाभ दिया जाएगा। वहीं दस वर्ष से अधिक अवधि की अधिसूचित किस्मों के प्रमाणित बीज की कीमत का 50 प्रतिशत अथवा एक हजार रुपए प्रति क्विंटल, जो भी कम हो दिया जाएगा।
  • सोयाबीन, मूंगफली, तिल, अरंडी, सरसों की 15 वर्ष तक की अवधि की अधिसूचित किस्मों के प्रमाणित बीज की कीमत का 50 प्रतिशत या 4 हजार रुपए प्रति क्विंटल, जो भी कम हो एवं 15 वर्ष तक की अवधि की अधिसूचित संकर किस्मों /तिल किस्मों के प्रमाणित बीज की कीमत का 50 प्रतिशत या 8 हजार प्रति क्विंटल, जो भी कम हो का लाभ प्रदान किया जाएगा। 
  • ग्वार की दस वर्ष से कम अवधि की अधिसूचित किस्मों के बीज की कीमत का 50 प्रतिशत अथवा 1200 रुपए प्रति क्विंटल, जो भी कम हो दिया जाएगा।

प्रमाणित बीज पर अनुदान प्राप्त करने के लिए पात्रता और शर्तें

  • राजस्थान राज्य के सभी श्रेणी के किसानो को जिले में जनसंख्या के अनुपात में अनुदान का लाभ प्रदान किया जाएगा।
  • स्वपरागित फसल होने से तीन वर्ष में एक बार, परपरागित फसल हेतु दो वर्ष में एक बार एवं संकर किस्मों हेतु प्रति वर्ष अनुदान पर बीज प्राप्त किया जा सकता है।
  • दलहनी फसलें, मोटा अनाज, गेहूं, धान एवं ग्वार फसले के तहत एक कृषक को अधिकतम 2 हैक्टेयर हेतु अनुदानित दर पर प्रमाणित बीज दिया जाएगा।
  • सभी प्रकार की तिलहनी फसलों हेतु अधिकतम 5 हैक्टेयर तक ही प्रमाणित बीज अनुदान पर उपलब्ध कराया जा सकता है।
  • अनुदानित बीज पहले आओ पहले पाओ के सिद्धांत पर उपलब्ध कराया जाएगा।

प्रमाणित बीज प्राप्त करने के लिए किसान कैसे करें आवेदन

अनुदानित दर पर प्रमाणित बीज प्राप्त करने हेतु किसान द्वारा संबंधित कृषि पर्यवेक्षक/ सहायक कृषि अधिकारी कार्यालय में संपर्क करना होगा। प्रपत्र में संबंधित कृषि पर्यवेक्षक/ सहायक कृषि अधिकारी से सिफारिश बाद उनके क्षेत्र में कार्यरत ग्राम सेवा/ क्रय विक्रय सहकारी समिति/ सार्वजनिक क्षेत्र की बीज संस्थाओं के अधिकृत निजी विक्रेताओं से सिफारिश की गई फसल की किस्म की बीज अनुदानित दर पर प्राप्त किए जा सकते हैं। इसके अलावा ग्राम सेवा/ क्रय विक्रय सहकारी समिति/तिलहन उत्पादक सहकारी समिति/लेम्पस, पेक्स एवं एफपीओस से संपर्क किया जा सकता है।

किस समय उपलब्ध होगा प्रमाणित बीज

खरीफ, रबी व जायद हेतु उपयुक्त बुआई समय अनुसार किसान अनुदान पर प्रमाणिक बीज प्राप्त कर सकते हैं।

योजना की अधिक जानकारी के लिए कहां करें संपर्क

बीज अनुदान योजना की अधिक जानकारी के लिए किसान राजस्थान सरकार के एग्रीकल्चर पोर्टल https://agriculture.rajasthan.gov.in/content/agriculture/hi.html# पर जाकर विजिट कर सकते हैं। इसके अलावा किसान भाई ग्राम पंचायत स्तर पर कृषि पर्यवेक्षक कार्यालय, पंचायत समिति स्तर पर सहायक कृषि अधिकारी कार्यालय, उपजिला स्तर पर सहायक निदेशक कृषि (विस्तार) कार्यालय से संपर्क करके जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। 


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