एकीकृत बागवानी विकास योजना : अब सरकार देगी कोल्ड स्टोरेज सब्सिडी

एकीकृत बागवानी विकास योजना : अब सरकार देगी कोल्ड स्टोरेज सब्सिडी

Posted On - 26 Aug 2020

एकीकृत बागवानी विकास योजना ( Integrated Horticulture Development Scheme )

सरकार की ओर से किसानों को आधुनिक खेती की ओर अग्रसर करने के लिए कई प्रकार की योजनाएं चलाई जा रही है उन योजना में सरकार की ओर से अनुदान देकर किसानों को प्रोत्साहित किया जाता है ताकि वे आधुनिक संसाधनों का इस्तेमाल कर उत्पादन बढ़ाए जिससे उनकी आमदनी में भी बढ़ोतरी हो। इसी उद्देश्य को लेकर सरकार द्वारा एकीकृत बागवानी विकास मिशन योजना  ( horticulture department schemes ) चलाई जा रही है। इस योजना के कई घटक है जिसके तहत किसानों को हाईटेक नर्सरी से लेकर कोल्ड स्टोरेज एवं ग्रामीण बाजार तक के निर्माण पर सरकार द्वारा अनुदान दिया जाता है। इस समय छत्तीसगढ़ राज्य उद्यानिकी विभाग द्वारा एकीकृत बागवानी विकास (राष्ट्रीय बागवानी मिशन) योजना 2020-21 अंतर्गत विभिन्न घटकों/गतिविधियों हेतु अनुदान सहायता प्राप्त किए जाने के संबंध में किसानों / निजी उद्यमों से आवेदन आमंत्रित किए गए है। एकीकृत बागवानी विकास मिशन के तहत विभिन्न घटकों लिए अनुदान हेतु आवेदन किए जा सकते हैं। 

 

सबसे पहले सरकार की सभी योजनाओ की जानकारी के लिए डाउनलोड करे, ट्रेक्टर जंक्शन मोबाइल ऍप - http://bit.ly/TJN50K1


हाईटेक नर्सरी

हाईटेक नर्सरी में आधुनिक सुविधाओं से युक्त नर्सरी तैयार करके पौधे तैयार किए जाते हैं। इसके लिए शेड या पाली हाउस का निर्माण कर उसमें नर्सरी का लगाने का कार्य किया जाता है। इसमें विभिन्न प्रकार के पौधे तैयार किए जाते हैं। जैसलमेर के मोहनगढ़ की हाईटेक नर्सरी में हर वर्ष लाखों पौधे तैयार किए जाते हैं। इनमें शीशम, नीम, करंज, गुड़हल, अमलतास, गुलमोहर, नींबू, अनार, बेलपत्र, गुलाब, चमेली, मोगरा आदि डेढ़ लाख से अधिक पौधे तैयार किए गए है जो किसानों को उपलब्ध कराए जाते हैं। इसी प्रकार जयपुर में भी हाईटेक नर्सरी में पौधे तैयार कर किसानों को वितरित किए जाते है। आप भी हाईटेक नर्सरी निर्माण के लिए सरकार से अनुदान प्राप्त कर सकते हैं। इसके लिए छत्तीसगढ़ राज्य उद्यानिकी विभाग द्वारा एकीकृत बागवानी विकास (राष्ट्रीय बागवानी मिशन) योजना 2020-21 अंतर्गत आवेदन मांगे गए है। इसके तहत निजी क्षेत्र के लिए हाइटेक नर्सरी स्थापित करने के लिए कुल लागत 40 प्रतिशत अनुदान के रूप में दिया जाता है। इसके अलावा छोटी नर्सरी, टिश्यूकल्चर यूनिट, प्लग टाईप नर्सरी स्थापित करने के लिए भी अनुदान दिया जाता है जो इस प्रकार है।

 

 

•    हाइटेक नर्सरी (निजी क्षेत्र) - संख्या 01 - अधिकतम अनुदान 40 लाख, कुल लागत 100 लाख रुपए   
•    छोटी नर्सरी (निजी क्षेत्र) - संख्या 04 - अधिकतम अनुदान 7.50 लाख, कुल लागत 15 लाख रुपए
•    टिश्यू कल्चर यूनिट (निजी क्षेत्र) - संख्या 01 - अधिकतम अनुदान 100 लाख, कुल लागत 250 लाख रुपए
•    प्लग टाईप नर्सरी (निजी क्षेत्र) - संख्या 2 - अधिकतम अनुदान 52 लाख, कुल लागत 104 लाख रुपए


कोल्ड स्टोरेज सब्सिडी ( Cold storage subsidy )

किसी भी उत्पादित चीज को लंबे समय तक सुरक्षित रखने के लिए कोल्ड स्टोरेज का होना बहुत जरूरी है ताकि उत्पादित फल, सब्जियां या अन्य फसल उत्पाद लंबे समय तक ताजा व सुरक्षित रखे जा सके। कोल्ड स्टोरेज निर्माण के लिए भी एकीकृत एकीकृत बागवानी विकास ( राष्ट्रीय बागवानी मिशन ) योजना तहत अनुदान दिया जाता है। अभी फिलहाल छत्तीसगढ़ में अनुदान के लिए आवेदन मांगे गए है इसलिए हम यहां छत्तीसगढ़ राज्य में मिलने वाले अनुदान को बता रहे हैं जो इस प्रकार है।

•    कोल्ड रूम (स्टेगिंक) (सामान्य क्षेत्र)-संख्या 20-अधिकतम अनुदान 5. 25 लाख, कुल लागत 15 लाख रुपए
•    कोल्ड, स्टोरेज टाइप-1 (सामान्य क्षेत्र)-संख्या 16-अधिकतम अनुदान 140 लाख, कुल लागत 400 लाख रुपए
•    कोल्ड, स्टोरेज टाइप-2 (सामान्य क्षेत्र)-संख्या 12-अधिकतम अनुदान 25 लाख, कुल लागत 35 लाख रुपए
•    रेफ्रिजरेटेड वैन (सामान्य क्षेत्र)-संख्या 01-अधिकतम अनुदान 10 लाख, कुल लागत 26 लाख रुपए


ग्रामीण बाजार / अपनी मंडी

एकीकृत बागवानी विकास ( राष्ट्रीय बागवानी मिशन ) योजना के कई घटक है। इनमें से बाजार से संबंधित घटकों का निर्धारण किया गया है और इसी के अनुसार अनुदान मुहैया कराया जाता है। छत्तीसगढ़ राज्य में इसके लिए दिए जाने वाला अनुदान इस प्रकार है-

•    ग्रामीण बाजार / अपनी मंडी (सामान्य क्षेत्र)-संख्या 25-अधिकतम अनुदान 10 लाख, कुल लागत 25 लाख रुपए।
•    खुदरा बाजार / आउटलेट (सामान्य क्षेत्र)-संख्या 25-अधिकतम अनुदान 25 लाख, कुल लागत 25 लाख रुपए।
•    स्थिर / मोबाईल वेडिंग कार्ट (सामान्य क्षेत्र)-संख्या 35-अधिकतम अनुदान 15 लाख रुपए है। 

 

इसके अलावा एकीकृत बागवानी मिशन के तहत निम्नलिखित घटकों के लिए भी अनुदान दिया जाता है जो इस प्रकार है

•    बीज अधोसंरचना-संख्या 01-अधिकतम अनुदान 100 लाख, कुल लागत 200 लाख रुपए। 
•    मशरूम उत्पादन इकाई (निजी क्षेत्र)-संख्या 10-अधिकतम अनुदान 8 लाख, कुल लागत 20 लाख रुपए।
•    मशरूम स्पॉन यूनिट (निजी क्षेत्र)-संख्या 6-अधिकतम अनुदान 6 लाख, कुल लागत 15 लाख रुपए।
•    मशरूम कम्पोस्ट यूनिट (निजी क्षेत्र)-संख्या 2-अधिकतम अनुदान 8 लाख, कुल लागत 20 लाख रुपए।
•    इंटिग्रेटेड पैक हाउस (सामान्य क्षेत्र)-संख्या 01-अधिकतम अनुदान 17.50 लाख, कुल लागत 50 लाख रुपए।


योजना का लाभ लेने हेतु कब करें आवेदन 

एकीकृत बागवानी विकास (राष्ट्रीय बागवानी मिशन) योजना 2020-21 अंतर्गत विभिन्न घटकों / गतिविधियों हेतु अनुदान सहायता प्राप्त किए जाने के संबंध में इच्छुक कृषकों/निजी उद्यमों से 31 अगस्त 2020 तक प्रस्ताव आमंत्रित किए गए है।  इस तिथि तक प्राप्त प्रस्ताव को प्राथमिकता के आधार पर ‘पहले आओ पहले पाओ ‘ के तहत स्वीकृति हेतु सम्मिलित किया जाएगा। निर्धारित समय सीमा में परियोजना प्रस्ताव अपने जिले के उप / सहायक संचालक उद्यान के समक्ष 7 प्रतियों में जमा करें। प्रस्ताव परियोजना फाइल की स्पाइरल बाइंडिंग होनी चाहिए। 

 

 


सब्सिडी का लाभ लेने के लिए कहां करें आवेदन

योजना की विस्तृत जानकारी व दिशा-निर्देश जिले के सहायक संचालक उद्यान एवं संचालनालय रायपुर से संपर्क कर प्राप्त कर सकते हैं। इसके आलवा विभागीय वेबसाईट http://agriportal.cg.nic.in/horticulture/HortiHi/  से प्राप्त किया जा सकता है। प्रस्ताव बैंक के माध्यम से संबंधित जिला कार्यालय में जमा किया जाएगा। 


विशेष - एकीकृत बागवानी विकास योजना 2020-21 छत्तीसगढ़ के संबंध में पूर्ण जानकारी देने का प्रयास किया गया है। इस संबंध में ओर अधिक जानना चाहते है तो आप इसकी बेवसाइट  http://agriportal.cg.nic.in/horticulture/HortiHi/  पर जाकर विजिट कर सकते हैं।


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