बांस की खेती के लिए सरकार से मिलेगी 50 प्रतिशत सब्सिडी

बांस की खेती के लिए सरकार से मिलेगी 50 प्रतिशत सब्सिडी

Posted On - 17 Jan 2022

जानें, क्या है सरकार की राष्ट्रीय बांस मिशन योजना और इससे कैसे मिलेगा फायदा

बांस की खेती को बढ़ावा देने के लिए सरकार की ओर से राष्ट्रीय बांस मिशन योजना चलाई जा रही है। इसके तहत बांस उत्पादक राज्यों में किसानों को सब्सिडी का लाभ प्रदान किया जाता है। बांस की खेती बड़ी लाभकारी मानी जाती है। एक बार इसका रोपण करने के बाद इससे 40 साल तक कमाई की जा सकती है। किसानों को बांस उत्पादन के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से बांस उत्पादक किसानों को सहायता दी जाती है। इसी कड़ी में मध्यप्रदेश के हरदा में एक जिला एक उत्पाद के तहत बांस पर 50 प्रतियशत तक सब्सिडी का लाभ प्रदान किया जा रहा है। आज हम  ट्रैक्टर जंक्शन के माध्यम से किसानों को बांस पर मध्यप्रदेश सरकार की ओर से दिए जाने वाले अनुदान (सब्सिडी) की जानकारी दे रहे हैं आशा करते हैं कि ये जानकारी आपके लिए लाभकारी होगी। 

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कम खर्च में कर सकते हैं बांस की खेती

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार हरदा जिले को एक जिला एक उत्पाद के तहत बांस की खेती के लिए चुना गया है। इसके लिए बीते दिनों एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया जिसमें किसानों को बांस की खेती के लिए प्रोत्साहित किया गया है और बांस की खेती पर मिलने वाले अनुदान और अन्य सरकारी सुविधाओं की जानकारी दी गई। इस एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन मध्यप्रदेश के प्रमुख सचिव वन विभाग अशोक वर्णवाल के मुख्य आतिथ्य में किया गया। कार्यशाला में वर्णवाल ने कहा कि बांस की फसल अन्य फसलों की तुलना में सुरक्षित और अधिक लाभदायक है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदा के समय अन्य फसल खराब हो जाने का डर रहता है, किन्तु बांस की फसल किसी भी मौसम में खराब नहीं होती है। बांस की फसल कम खर्चे में कर सकते है क्योंकि खाद, कीटनाशक और सिंचाई की लागत बहुत कम होती है। 

एक बार लगाओ और हर साल उत्पादन पाओ

प्रमुख सचिव बर्णवाल ने कहा कि बांस की फसल इस दृष्टि से भी बेहतर है कि इसे एक बार लगाओ और हर साल उत्पादन प्राप्त करों। उन्होंने कहा कि बांस उत्पादन के लिए पर्याप्त बाजार उपलब्ध है। बांस की खेती में मानव श्रम भी बहुत कम लगता है। इसकी मार्केटिंग में कोई समस्या नहीं है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश को हम ‘‘बेम्बू स्टेट’’ बनाने का प्रयास कर रहे है। प्रमुख सचिव बर्णवाल ने इस अवसर पर कहा कि खेतों और अन्य स्थानों पर फेंसिंग के लिए सीमेंट के पोल के स्थान पर बांस लगाने पर फेंसिंग कम खर्चे में हो जाती है। किसान भाई एक हेक्टेयर में 625 बांस के पौधे लगा सकते हैं।       

क्या है मध्यप्रदेश राज्य बांस मिशन योजना

मध्यप्रदेश बांस मिशन के तहत मध्यप्रदेश सरकार 4 हजार हेक्टेयर एरिया में बांस की खेती करने का लक्ष्य रखा गया है। इसमें कई प्रकार की भूमि को शामिल किया गया है, जैसे सरकारी वन भूमि, किसानों की खुद की भूमि पर भी बांस की पैदावार की जा सकती है। इस योजना की खास बात ये है की किसान बांस की विभिन्न किस्मों में से अपनी पसंद की किस्म की खेती कर सकता है, इस योजना के तहत वन भूमि 2400 हेक्टेयर व किसानों के खुद की भूमि 1600 हेक्टेयर का लक्ष्य रखा गया है। इसके तहत मध्यप्रदेश में 17 लाख 55 हजार के करीब बांस के पौधों का रोपण किया जाएगा। सरकार की ओर से इस योजना पर लगभग 25 करोड़ रुपए का निवेश किया जाएगा।

मध्यप्रदेश राज्य बांस मिशन योजना में कितनी मिलेगी सब्सिडी (अनुदान)

राज्य बांस मिशन के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. यू.के. सुबुद्धि के अनुसार बांस उत्पादन पर राज्य के किसानों को निम्नलिखित सुविधाएं प्रदान की जाती हैं-

  • राज्य बांस मिशन द्वारा संचालित योजना में  किसानों को निजी भूमि पर बांस रोपण किया जाता है।
  • रोपित बांस पौधों के लिए 3 वर्षों में कुल 120 रुपए प्रति पौधों के मान से अनुदान दिया जाएगा।
  • किसानों को बांसरोपण की कुल लागत 240 रुपए प्रति पौधे की 50 प्रतिशत राशि 120 रुपए अनुदान के रूप में तीन वर्षो तक 50:30:20 के अनुपात में वितरित की जाएगी।
  • पहले साल में प्रथम किश्त 36 रुपए प्रति पौधा रोपण उपरांत दिए जाएंगे, द्वितीय किश्त 24 रुपए 4 माह बाद जीवित पौधों पर भुगतान की जाएगी।
  • दूसरे साल में 36 रुपए प्रति पौधा की दर से माह नवंबर-दिसंबर में कम से कम 80 प्रतिशत जीवितता पर तथा तीसरे वर्ष 24 रुपए प्रति पौधा की दर से माह नवंबर-दिसंबर में शत-प्रतिशत पौधों की जीवितता के आधार पर अनुदान दिया जाएगा।

किसानों को कहां से मिलेंगे बांस के पौधे

मध्यप्रदेश राज्य बांस मिशन के तहत किसानों को अपने खेत में बांस का रोपण के लिए मध्यप्रदेश राज्य बांस मिशन द्वारा एक्रीडिटेड बांस रोपणियों अथवा सूचीबद्ध की गई टिशु कल्चर प्रयोगशालाओं से स्वयं पौधा खरीदना होगा। इसके लिए किसान को निर्धारित प्रारूप प्रपत्र 3 में आवेदन एवं बांस खेती का प्राक्कलन का प्रारूप प्रपत्र 1 एवं 2 में आवेदन के साथ प्रस्तुत करना होगा।

बांस की खेती पर सब्सिडी हेतु कहां करें आवेदन

मध्यप्रदेश बांस मिशन के तहत मध्यप्रदेश सरकार की ओर से मंडल के अनुसार जोन बनाए गए हैं। यहां किसान भाई अपने वनमंडलाधिकारी से संपर्क कर बांस की खेती के लिए दिए जा रहे अनुदान के लिए आवेदन कर सकते हैं। योजना के तहत अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और महिला किसानों को प्राथमिकता दी जाएगी। बांस पर सब्सिडी के लिए आवेदन हेतु आप मध्यप्रदेश राज्य की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर इसका फार्म का प्रारूप देख कर सकते हैं। 

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फॉर्म के लिए लिंक- https://www.mpforest.gov.in/bamboomission/pdf/MPSBM_571_310321.pdf

बांस की खेती पर सब्सिडी (अनुदान) के लिए आवेदन हेतु आवश्यक दस्तावेज

बांस की खेती पर अनुदान प्राप्त करने के लिए किसानों को मंडाधिकारी को आवेदन करना होगा। आवेदन के लिए किसान को कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेजों की आवश्यकता होगी जो इस प्रकार से हैं-

•    आवेदन करने वाले किसान का आधार कार्ड
•    आधार से लिंक मोबाइल नंबर
•    किसान के खेत के कागजात
•    बैंक पास बुक का विवरण
•    पते के सबूत के तौर पर किसान का आईडी प्रूफ- राशन कार्ड, पेन कार्ड आदि में से काई एक
•    ऋण पुस्तिका की छाया प्रति

बांस की खेती से कितना होगा लाभ

बांस की फसल की पहली कटाई चार से पांच वर्षों में होती है। बांस की ऊँचाई 40-60 फीट तक होती है। एक एकड़ में 60 से 75 टन उपज एक एकड में संभावित है। बांस की वर्तमान खरीद 255 रुपए प्रति क्विंटल है। बांस की खेती में एक एकड़ से शुरुआत में 1 लाख 25 हजार रुपए तक की आमदनी हो सकती है। बता दें कि प्रत्येक चार वर्ष पर बांस खरीद दर में 3 प्रतिशत की बढ़त हो रही है।

योजना के संबंध में अधिक जानकारी के लिए कहां करें संपर्क

मध्यप्रदेश राज्य बांस मिशन योजना के संबंध में अधिक जानकारी के लिए किसान भाई इसकी आधिकारिक वेबसाइट https://www.mpforest.gov.in/bamboomission/index.html# पर जाकर प्राप्त कर सकते हैं। इसके अलावा अपने क्षेत्र के मंडालाधिकारी से संपर्क कर सकते हैं।


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