बिहार फसल सहायता योजना : किसानों को मिलेगी सरकार से आर्थिक मदद

बिहार फसल सहायता योजना : किसानों को मिलेगी सरकार से आर्थिक मदद

Posted On - 13 Oct 2021

जानें, क्या है फसल सहायता योजना और इससे कैसे मिलता है फायदा

केंद्र और राज्य सरकारों ने किसानों के लाभार्थ कई योजनाएं चलाई जा रही है। केंद्र सरकार की ओर से किसानों को फसल आदान खरीदने के लिए पीएम किसान सम्मान निधि का लाभ दिया जाता है। इस योजना के तहत किसानों को हर चार-चार माह के अंतराल में 2-2 हजार रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। साल में कुल 6 हजार  रुपए किसानों को आर्थिक सहायता लाभ प्रदान किया जाता है। केंद्र की तरह ही कई राज्यों में किसानों की फसल हानि की भरपाई के लिए योजनाएं चलाई जा रही है। कई राज्यों में इसका लाभ पीएम फसल बीमा के माध्यम से किसानों को दिया जाता है। वहीं कई जगह पर सरकारें खुद अपने स्तर पर योजना संचालित कर किसानों को फसल नुकसान की भरपाई के लिए मुआवजा राशि देती है। ऐसी ही एक योजना बिहार राज्य सरकार की ओर से शुरू की गई है। इस योजना का नाम फसल सहायता योजना है। ये योजना बिहार राज्य के रैयत और गैर रैयत दोनों तरह के किसानों के लिए है। इस फसल सहायता योजना के तहत वहीं किसान लाभ के पात्र होंगे जिन्होंने निर्धारित तिथि तक इस योजना में आवेदन किया है। इस वर्ष पिछले खरीफ सीजन (2020-21) की फसलों की हुई क्षति के लिए का मुआवजा राशि वितरित की जा चुकी है। शेष जो भी रह गए हैं, वे भी दी जा रही है। बता दें कि इस साल 13 सितंबर 2021 से किसानों को रबी की क्षति पर मुआवजा राशि सरकार की ओर से देनी शुरू की गई थी।  

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रबी सीजन में (2020-21) 70 लाख किसानों ने किया आवेदन

फसल सहायता योजना के तहत किसानों को क्षति का मुआवजा दिया जाता है। राज्य सरकार के पास पिछले खरीफ सीजन (2020-21) में करीब 70 लाख किसानों ने आवेदन किया था जिसको क्षति का मुआवजा राज्य सरकार की ओर से 13 सितंबर 2021 को देना शुरू किया गया। बिहार सरकार के सहकारिता विभाग की ओर से साल (2020-21) में खरीफ फसलों में हुए नुकसान की भरपाई के लिए किसानों को ये राशि प्रदान की गई। इस योजना के तहत सरकार इस बार रैयत और गैर रैयत दोनों तरह के पात्र किसानों को नकदी का भुगतान किया है। अनुमान है कि इस योजना के तहत राज्य के किसानों के बीच 226 करोड़ रुपए वितरित किए जाएंगे। सरकारी आंकड़ों के अनुसार अब तक करीब 218 करोड़ 40 लाख रुपए का भुगतान किया जा चुका है। यह राशि पिछले साल खरीफ मौसम में हुए नुकसान की भरपाई के तौर पर दी गई है। 

साढ़े चार लाख से अधिक किसान मुआवजा लेने के पात्र

इससे पहले फसल सहायता योजना में रबी की सहायता राशि के रूप में बिहार के लगभग 4 लाख 63 हजार किसानों को पात्र बताया गया था। सहकारिता विभाग ने 4 लाख 47 हजार 70 किसानों के बीच राशि बांट दी है और शेष को भी जल्द बैंक खाते में राशि भिजवाई जा रही है।   

फसल सहायता योजना की पात्रता / शर्तें

  • फसल सहायता योजना बिहार के लिए के लिए बिहार राज्य के किसान ही आवेदन कर सकते हैं। यानि किसान बिहार राज्य का मूल निवासी होना चाहिए।
  • फसल सहायता योजना के तहत रैयत और गैर रैयत दोनों तरह के किसान पात्र होंगे। 
  • रैयत किसानों से तात्पर्य उन किसानों से है जो अपनी स्वयं की भूमि पर खेती करते हैं। जबकि गैर रैयत किसान वे होते हैं जो किसी अन्य की भूमि पर खेती का काम करते हैं। 
  • फसल सहायता योजना में मुआवजा राशि पाने के लिए किसान को अपना पंजीकरण करना होगा।
  • फसल सहायता योजना के तहत अधिकतम 2 हैक्टेयर तक की क्षति के लिए सहायता राशि प्रदान की जाएगी। 
  • सहायता राशि का निर्धारण फसल कटनी के आधार पर और राशि का भुगतान डीबीटी के माध्यम से सीधे किसानों के बैंक खाते में किया जाएगा।

बिहार फसल सहायता योजना की विशेषताएं और लाभ ( Bihar Fasal Sahayata Yojana )

  • फसल सहायता योजना में रबी और खरीफ दोनों प्रकार की फसलों को शामिल किया गया है। खरीफ की सभी फसलों को इस योजना में शामिल किया गया है। 
  • फसल सहायता योजना के तहत दी जाने वाली सहायता अनुदान राशि का राज्य सरकार अपने तय किए गए मानकों के अनुसार देती है। रबी और खरीफ के लिए राज्य सरकार ने मानक तय किए हुए है। इसी अनुसार सहायता राशि का भुगतान किया जाता है। 
  • फसल सहायता योजना में औसत से एक प्रतिशत भी कम उत्पादन होने पर किसानों को हरियाणा सरकार सहायता राशि के रूप में नकदी देती है।
  • इस योजना के तहत किसान को फसल की एक से 20 प्रतिशत तक हुई क्षति के लिए मुआवजा राशि प्रदान की जाती है। इसके तहत प्रति हेक्टेयर साढ़े सात हजार रुपए की सहायता राशि किसान को दी जाती है।
  • यदि फसल में क्षति 20 प्रतिशत से अधिक हुई है तो सहायता राशि 10 हजार रुपए प्रति हेक्टेयर दी जाती है।
  • किसानों को अधिकतम दो हेक्टेयर रकबे की क्षतिपूर्ति हेतु इस योजना का लाभ दिया जाता है। 
  • फसल सहायता योजना के तहत उन्हीं किसानों को सहायता राशि अनुदान का लाभ दिया जाएगा जिनकी फसल प्राकृतिक आपदा जैसे- आंधी, तूफान, ओलावृष्टि, बाढ़ आदि से नष्ट हुई हो। इसके अलावा अन्य प्रकार से नुकसान होने पर कोई मुआवजा राशि नही दी जाएगी। 

फसल सहायता योजना 2021 में आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेज

  • आवेदन करने वाले किसान की फोटो
  • आवेदन करने वाले किसान का आधार कार्ड
  • पहचान पत्र (भारत निर्वाचन आयोग द्वारा मान्यता प्राप्त) जैसे- वोटर आईडी/पैन कार्ड आदि
  • बैंक पासबुक के प्रथम पृष्ट की प्रति 
  • किसान का आवासीय प्रमाण पत्र 
  • किसान की खेत की जमीन के कागजात

बिहार राज्य फसल सहायता योजना हेतु निम्नलिखित कागजात की स्व-प्रमाणित प्रति होना आवश्यक हैं- यह दस्तावेज रैयत और गैर रैयत दोनों प्रकार के किसानों के लिए जरूरी है- 

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  1. भू-स्वामित्व प्रमाण पत्र / जमीन की रसीद 
  2. स्व-घोषणा प्रमाण पत्र 

बिहार फसल सहायता योजना 2021 के लिए कैसे करें आवेदन ( Bihar Fasal Bima Yojana Registration 2021  )

फसल सहायता योजना बिहार के लिए किसानों राज्य सरकार की ओर से तय की गई अंतिम तिथि तक आवेदन करना होता है। इस साल खरीफ सीजन की फसलों के लिए राज्य के सहकारिता विभाग ने 31 जुलाई तक आवेदन की तिथि तय की थी। जिसका मुआवजा किसानों को दिया जा रहा है। आगे रबी सीजन की फसलों के लिए रजिस्ट्रेशन किए जाएंगे जिसकी तिथि राज्य सरकार की ओर से दी जाएगी। इस योजना में रजिस्ट्रेशन कराने के लिए राज्य के किसानों को इसकी अधिकारिक वेबसाइट www.pacsonline.bih.nic.in पर जाकर रजिस्ट्रेशन कराना होगा। इसके अलावा सहकारिता विभाग के पोर्टल https://pacsonline.bih.nic.in/fsy/ पर भी पर आवेदन किया जा सकता है। 
 

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