बिहार में रबी फसलों की खरीद की तिथि बढ़ाई, अब 20 अप्रैल से शुरू होगी सरकारी खरीद

Published - 13 Apr 2021

बिहार में रबी फसलों की खरीद की तिथि बढ़ाई, अब 20 अप्रैल से शुरू होगी सरकारी खरीद

न्यूनतम समर्थन मूल्य : जानें, इस बार यहां मंडी में किसानों के लिए क्या हैं खास व्यवस्थाएं?

उत्तर भारत के कई राज्यों में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं सहित अन्य रबी फसलों की खरीद शुरू हो गई है। इसी क्रम में अब बिहार में रबी फसलों की खरीद 20 अप्रैल से की जाएगी। पहले राज्य में 15 अप्रैल से रबी फसलों की खरीद की जानी थी लेकिन कुछ कारणों के चलते इसे आगे बढ़ा दिया गया है। अब ये खरीद 20 अप्रैल से शुरू की जाएगी। मीडिया से मिली जानकारी के अनुसार बिहार में अभी गेहूं की कटाई का काम चल रहा है जिसे देखते हुए यहां की सरकार ने गेहूं खरीदी की तिथि को आगे बढ़ाकर 20 अप्रैल कर दिया है। इस बार राज्य सरकार केंद्र के द्वारा घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य पर चना, मसूर तथा गेहूं की खरीदी करेगी। इसके लिए राज्य में पैक्स ने 6400 खरीदी केंद्र बनाया है। बिहार में रबी फसलों की खरीदी 15 जुलाई 2021 तक तक की जाएगी।

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एक किसान अधिकतम बेच सकेगा 150 क्विंटल गेहूं

राज्य में गेहूं बेचने के लिए प्रति किसान अधिकतम सीमा तय कर दी गई है। इसके मुताबिक जिस किसान के पास खुद की भूमि है वह अधिकतम 150 क्विंटल गेहूं बेच सकते हैं, जबकि जिन किसान के पास खुद की भूमि नहीं है वह बटाई या लीज पर भूमि लेकर खेती कर रहे है उनके लिए अधिकतम 50 क्विंटल की सीमा निर्धारित की गई है। इस बार एक लाख मीट्रिक टन गेहूं तथा 3.25 लाख मीट्रिक टन मसूर खरीदा जाएगा।


राज्य में रबी फसलों की खरीदी का लक्ष्य तय

खरीद करने वाली एजेंसियों के द्वारा राज्य में मसूर तथा गेहूं खरीदी का लक्ष्य रखा है। राज्य में मसूर को सरकारी एजेंसियों के द्वारा न्यूनतम समर्थन मूल्य पर 3.25 लाख मीट्रिक टन खरीदी का लक्ष्य रखा है तथा चना की सरकारी खरीदी 2 लाख मीट्रिक टन का लक्ष्य है। गेहूं के लिए एक लाख मीट्रिक टन की खरीदी न्यूनतम समर्थन मूल्य पर किए जाने का अनुमान रखा गया है, लेकिन गेहूं किसानों का आवक जारी रहता है तो खरीदी लक्ष्य को बढ़ाया जाएगा। बिहार में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर मसूर, चना तथा गेहूं की सरकारी खरीदी के लिए पैक्स ने 6400 खरीदी केंद्र बनाए हैं। इन सभी केंद्रों पर 20 अप्रैल से खरीदी शुरू कर दिया जाएगा।


बिहार में चना, मसूर तथा गेहूं का तय समर्थन मूल्य

केंद्र सरकार खरीफ, रबी तथा नकदी फसलों को मिलकर 23 फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य निर्धारित करती है। यह मूल्य देश के सभी राज्यों में सामान्य रूप से लागू होते है। इस वित्त वर्ष के लिए चना, मसूर तथा गेहूं का भी न्यूनतम समर्थन मूल्य तय किया हैं। इसमें गेहूं- 1975 रुपए प्रति क्विंटल, चना-5100 रुपए प्रति क्विंटल, मसूर-5100 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित है।

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48 घंटों में मिलेगा फसल किसानों को भुगतान

जिस किसान से गेहूं, चना तथा मसूर की खरीदी की जाएगी। उन सभी किसानों के बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से 48 घंटे तक में भुगतान कर दिया जाएगा। खरीदी में किसी भी प्रकार के बिचौलिया तथा व्यापारी शामिल नहीं किया जाएगा। किसान अपने पंचायत के एजेंसियों में ही बेच सकते हैं। केंद्रों पर कोरोना प्रोटोकाल लागू रहेगा कोरोना को देखते हुए राज्य सरकार ने सभी खरीदी केंद्रों पर कोरोना से बचने के लिए एहतियात बरत रही है। खरीदी केंद्रों पर जाने वाले किसानों के लिए मास्क जरूरी होगा। इसके साथ ही सेनेटाइजर, साबुन, पेयजल की व्यवस्था भी किसान भाइयों के लिए की गई है। किसानों को शारीरिक दूरी बनाकर रखना होगा।


किसानों को ये दस्तावेज ले जाने होंगे जरूरी

बिहार पैक्स में गेहूं बेचने के लिए राज्य सरकार ने कुछ दस्तावेज निर्धारित किए हैं। जिसे साथ लेकर अपने साथ लेकर खरीद केंद्रों पर जाना होगा। इन दस्तावेजों के अनुसार ही पैक्स में ऑनलाइन फार्म भरा जाएगा। इसके लिए किसानों को अपना फोटो पहचान पत्र (आधार कार्ड / वोटर पहचान पत्र), बैंक पास बुक की छाया प्रति, भूमि संबंधित दस्तावेज लेकर जाना जरूरी होगा।

 

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