पंजाब बजट 2020 की मुख्य बातें - पंजाब बजट की पूरी जानकारी

पंजाब बजट 2020 की मुख्य बातें - पंजाब बजट की पूरी जानकारी

Posted On - 29 Feb 2020

पंजाब बजट 2020 (Punjab Budget) / पंजाब बजट 2020-किसानों से जुड़ी सभी प्रमुख बातें

पंजाब के वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल ने 28 फरवरी शुक्रवार को राज्य का बजट जारी किया। बजट में कृषि व संबंधित क्षेत्र पर 12526 करोड़ रुपये व ग्रामीण विकास पर 3830 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। ट्रैक्टर जंक्शन आपको पंजाब के बजट-2020 में किसानों के लिए की गई घोषणाओं की जानकारी दे रहा है। 
 

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पंजाब बजट-2020 की खास घोषणाएं 

  • पंजाब में सरकारी कर्मचारियों की रिटयरेंट उम्र घटाई : पंजाब में सरकारी कर्मचारियों की रिटायरमेंट की उम्र 60 साल से घटाकर 58 साल दी गई है। 59 साल वाल कर्मचारी एक अप्रैल को रिटायर होंगे। वहीं 58 साल से अधिक और 59 साल से कम उम्र वाले कर्मचारियों को इसी साल एक अक्टूबर का रिटायर किया जाएगा।
  • पंजाब में किसानों के लिए कर्जमाफी : राज्य में किसान कर्जमाफी योजना इस साल-2020 भी जारी रहेगी। इसके लिए बजट में 2000 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। सरकार ने फसल ऋण माफी योजना के तहत पांच एकड़ तक जोत वाले किसानों के दो लाख रुपए तक के फसली ऋण पूरी तरह माफ कर दिए हैं। 
  • भूमिहीन और कृषि श्रमिकों के ऋण होंगे माफ : कर्जमाफी के अगले चरण के लिए लिए विशेष तौर पर भूमिहीन और कृषि श्रमिकों के 25 हजार रुपए तकऋण माफ करने के लिए 520 करोड़ रुपए का आवंटन।
  • किसानों को नि:शुल्क बिजली : किसानों को मुफ्त बिजली सुविधा में भी कोई कटौती न करते हुए कृषि क्षेत्र के लिए बजट में 8275 करोड़ रुपये रखे गए हैं। 
  • पानी बचाओ पैसा कमाओ योजना : पानी बचाओ पैसा कमाओ योजना के बैनर तले कृषि उपभोक्ताओं के लिए एक पायलट परियोजना 6 फीडरों पर शुरू की गई है। 221 किसानों ने इस योजना के तहत नामांकन किया है। योजना के प्राथमिक परिणाम बेहतर रहे हैं। जिसके बाद योजना का विस्तार कर 244 फीडरों को कवर किया जाएगा।
  • फसल अवशेष प्रबंधन (पराली) पर मुआवजा : फसली अवशेष प्रबंधन के लिए किसानों को एमएसपी के अलावा 100 रुपये प्रति क्विंटल का मुआवजा दिया गया है। इस साल 31 हजार किसानों को 20 करोड़ की राशि पहले ही अदा की जा चुकी है।
  • प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना : अनुसूचित जाति आधारित गांवों में शिक्षा, स्वास्थ्य, जल आपूर्ति, स्वच्छता, शैचालय और पानी आदि की समस्या से निपटने के लिए और सुविधाएं मुहैया करवाने के लिए 2020-21 हेतू 46 करोड़ रुपये उपलब्ध करवाए गए हैं। जिस गांव में अनुसूचित जाति के लोगों की संख्या 50 प्रतिशत से अधिक है उनके नवीनीकरण के लिए विशेष योजना के तहत 10 करोड़ रुपये आरक्षित किए गए हैं।
  • पानी बचाने के लिए संवेदनशील ब्लाकों में 18 हजार हेक्टेयर को मक्के की फसल के अधीन लाया गया है। कपास का रकबा बढ़ाकर 3.92 लाख हेक्टेयर, किन्नू का रकबा बढ़ाकर 53 हजार हेक्टेयर और अमरूद का रकबा 9 हजार हेक्टेयर कर दिया गया है।
  • राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत इस वित्त वर्ष में सरकार ने 200 करोड़ का प्रावधान किया है। कृषि जल संसाधन और ग्रामीण विकास से जुड़ी योजनाओं को प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई येाजना के तहत लाया गया है। जिसके लिए 141 करोड़ की राशि आवंटित की गई है।
  • पंजाब कृषि विश्वविद्यालय लुधियाना के सहयोग से नए मीठे संतरे की अन्य किस्मों को बढ़ाया जाएगा। चार नए एस्टेट वेरका (अमृतसर) में नाशपाती एस्टेट, सुजानपुर (पठानकोट) में लीची एस्टेट, वजीदपुर (पटियाला) में अमरूद एस्टेट और कोटकपूरा (फरीदकोट) में बागवानी एस्टेट स्थापित किए जा रहे हैं।
  • पशुओं को संक्रामक रोगों से बचाने के लिए पंजाब पशु चिकित्सा वैक्सीन संस्थान लुधियाना को 32 करोड़ रुपये की लागत से अपग्रेड किया जाएगा। गडवासू लुधियाना के घटक कालेज के रूप में  फाजिल्का के गांव सांपावाली में 62 करोड़ की लागत से एक वेटरिनरी कालेज और रीजनल रिसर्च सेंटर स्थापित किया जाएगा।
  • इस वित्त वर्ष में सात प्रतिशत डेयरी उत्पादन बढ़ाने का लक्ष्य है। कपूरथला में 13 करोड़ की लागत से एक नया कैटल फीड प्लांट स्थापित किया जा रहा है।
  • मछली पालन और उत्पादकता बढ़ाने की तरफ सरकार का ध्यान है। राज्य में गुणवत्ता वाली मछली की मांग और आपूर्ति के बीच की खाई पाटने के लिए मानसा के गांव अलीशेर खुर्द में सरकारी मछली पूंग फार्म स्थापित किया गया है। 
  • आवारा पशुओं की देखभाल के लिए 25 करोड़ रुपए का प्रावधान।
  • मंडी फीस 4 से घटा कर 1 फीसदी करने का प्रस्ताव।
  • बजट में गुरदासपुर और बलाचौर में कृषि कालेज बनाने का प्रस्ताव भी रखा गया है।
  • महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (आरईजीएस) में 320 करोड़ रुपए का प्रावधान। 
  • तरनतारन में 20 करोड़ रुपये की लागत से भैंस अनुसंधान केंद्र स्थापित किया जा रहा है। दिसंबर 2020 तक यह पूरा हो जाएगा। 
  • बजट में फसली विविधता को बढ़ाने के लिए प्रावधान किए गए हैं।
 
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