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नई गन्ना नीति : गन्ने की आपूर्ति सीमा बढ़ाई, किसानों को होगा लाभ

नई गन्ना नीति : गन्ने की आपूर्ति सीमा बढ़ाई, किसानों को होगा लाभ

जानें, गन्ना की एफआरपी बढऩे के बाद राज्यवार गन्ने का नया रेट

केंद्र सरकार की ओर से गन्ना का एफआरपी 5 रुपए प्रति क्विंटल बढ़ा दिया गया। इससे अब गन्ना का एफआरपी 285 रुपए से बढक़र 290 हो गया है। गन्ना का ये एफआरपी चीनी मिलों के लिए तय किया जाता है। इसके अलावा राज्य सरकारें अपने-अपने स्तर पर भी किसानों के लिए गन्ना का लाभकारी मूल्य तय करती है। राज्यों के द्वारा जारी गन्ने के मूल्य को स्टेट एडवायजरी प्राइस (एसपी) कहा जाता है। वास्तव में ये स्टेट एडवायजरी प्राइस (एसपी) ही किसानों को दिया जाता है। अभी पिछले दिनों पंजाब और हरियाणा ने गन्ना किसानों के एसपी मूल्य में बढ़ोतरी की है। सबसे ज्यादा हरियाणा ने पंजाब से भी 2 रुपए ज्यादा गन्ना का एसपी मूल्य बढ़ाया है। फिलहाल यूपी सरकार ने गन्ना किसानों का एसपी मूल्य बढ़ाने की कोई घोषणा तो नहीं की है। लेकिन किसानों के लिए गन्ना की आपूर्ति सीमा को जरूर बढ़ा दिया है। इससे चीनी मिलों द्वारा किसानों से अधिक गन्ना की खरीद की जा सकेगी। 

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मीडिया से मिली जानकारी के अनुसार केेंद्र सरकार की ओर से गन्ने के मूल्य में बढ़ोतरी के बाद गन्ने के किसानों को अगले माह से गन्ने की आपूर्ति शुरू हो जाएगी। अभी उत्तर प्रदेश में गन्ने का मूल्य 315 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया हुआ है। यूपी सरकार ने अगले पेराई सत्र के लिए गन्ने की नई सट्टा नीति घोषित कर दी है। इसके तहत गन्ने के बढ़ते उत्पादन को देखते हुए प्रति किसान प्रति हेक्टेयर गन्ने की आपूर्ति सीमा बढ़ा दी गई है। इस लक्ष्य के अनुसार ही किसान गन्ना को चीनी मिल को बेच सकते हैं।


अब कितना गन्ना बेच सकेंगे यूपी के किसान

उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के किसानों के लिए जारी की गई नई गन्ना सट्टा नीति अनुसार ही किसानों को गन्ना बेचने का लक्ष्य दिया जा रहा है। राज्य के सीमांत, लघु सीमांत तथा सामन्य किसान अधिकतम गन्ना बेचने का लक्ष्य इस प्रकार निर्धारित किया गया है- 

  • सीमांत कृषक (1 हेक्टेयर तक)          - 850 क्विंटल तक गन्ना बेच सकेंगे।
  • लघु सीमांत किसान (2 हेक्टेयर तक)   - 1,700 क्विंटल तक गन्ना बेच सकेंगे।
  • सामान्य कृषक (5 हेक्टेयर तक)          - 4,250 क्विंटल तक गन्ना बेच सकेंगे।

 

इसके अलावा उपज में बढ़ोतरी की दशा में गन्ने की खरीदी लक्ष्य को बढ़ाया जाएगा। प्रदेश सरकार ने राज्य के किसानों के लिए गन्ने के अधिक पैदावार होने पर लक्ष्य निर्धारित कर दिया है। इसके तहत सीमांत कृषक (1 हेक्टेयर तक)- 1,350 क्विंटल, लघु सीमांत किसान (2 हेक्टेयर तक)- 2,700 क्विंटल और सामान्य किसान (5 हेक्टेयर तक)-6,750 क्विंटल गन्ना बेच सकेंगे।

 

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किस आधार पर तय किया गया है गन्ना का लक्ष्य

उत्तर प्रदेश के गन्ना विकास विभाग द्वारा आपूर्तिकर्ता कृषकों की अधिकतम गन्ना आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए पिछले 2 वर्ष, 3 वर्ष तथा 5 वर्ष की औसत गन्ना आपूर्ति में से अधिकतम औसत गन्ना आपूर्ति को पेराई सत्र 2021-22 के लिए बेसिक कोटा माने जाने का निर्देश दिए गए हैं। जो किसान नए सदस्य बने हैं या एक वर्ष से गन्ने की आपूर्ति कर रहे हैं, उस किसान को एक वर्ष का ही बेसिक कोटा माना जाएगा।


इन किसानों को दी जाएगी प्राथमिकता

किसान की मृत्यु हो जाने पर उसके परिवार के सदस्य को गन्ना बेचने के लिए मान्य रहेगा। लेकिन यह सुविधा सिर्फ इस गन्ना सत्र के लिए ही रहेगी। 
इसके अलावा अद्र्ध सैनिकों, सैनिकों, भूतपूर्व सैनिकों एवं स्वतंत्रता सेनानियों को गन्ना बेचने में प्राथमिकता दी जाएगी। इसके लिए उन्हें जारी प्रमाण-पत्र को दिखाना जरुरी होगा। 

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ज्यादा उपज होने पर किसान कैसे बढ़ा सकता है अपना विक्रय लक्ष्य

किसी किसान को ऐसा लगता है की उनका गन्ने का उत्पादन पहले से अधिक होने वाला है तो ऐसी स्थिति में किसान फसल कटाई से पहले अंतिम तिथि 30 सितंबर 2021 तक शुल्क के साथ आवेदन कर लक्ष्य को बढ़ा सकते हैं। इसके साथ ही ड्रिप सिंचाई से गन्ने का उत्पादन करने वाले किसानों को अतिरिक्त सट्टे में प्राथमिकता दी जाएगी तथा अतिरिक्त सट्टे में अस्वीकृति गन्ना प्रजातियों को प्राथमिकता नहीं दी जाएगी। ट्रेंच विधि से बुवाई, सहफसली खेती एवं ड्रिप के प्रयोग एक ही खेत पर शुरू करने वाले चयनित उत्तम गन्ना कृषकों से उपज बढ़ोतरी के प्रार्थना-पत्र नि: शुल्क प्राप्त किए जा सकते हैं। 


गन्ने के सर्वे से लेकर गन्ने की आपूर्ति तक की समय सारणी जारी

उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के गन्ना किसानों के लिये सर्वे से लेकर गन्ने की आपूर्ति के लिए समय सारणी जारी कर दी है। किसान इस समय सारणी के आधार पर गन्ने के नए सदस्य तथा गन्ने की आपूर्ति कर सकते हैं। कृषकवार सर्वे एवं सट्टा सूची का ग्रामवार प्रदर्शन 20 जुलाई 2021 से 30 अगस्त 2021 के मध्य रहेगा।

  • प्री-कलेंडर का ऑनलाइन वितरण 1 सितंबर 2021 से 10 सितंबर 2021 तक है।
  • समिति स्तरीय सट्टा प्रदर्शन 11 सितंबर 2021 से 30 सितंबर 2021 तक है।
  • गन्ना समितियों के नए सदस्य की भर्ती 30 सितंबर 2021 तक है। 
  • कृषकवार सट्टे की मात्रा का आगमन 10 अक्टूबर 2021 तक है।


यूपी में किसान कब से बेचे सकेंगे गन्ना

राज्य के किसानों को गन्ना बेचने के लिए मोबाइल पर मैसेज भेजा जाएगा। किसानों हेतु ई.आर.पी. एवं मोबाइल एप पर अंतिम व्यवस्था के तहत किसानों के लिए सुलभ स्थान पर एक अलावा टर्मिनल लगा कर पूछताछ केंद्र स्थापित किया जाएगा। गन्ना आपूर्ति के संबंध में कोई विशेष तात्कालिक समस्या उत्पन्न होने की स्थिति में जिला गन्ना अधिकारी एवं क्षेत्रीय उप गन्ना द्वारा नियमानुसार समस्या का त्वरित निराकरण कराया जाएगा। गन्ना किसान किसी भी समस्या के निराकरण के लिए टोल फ्री नंबर 1800-121-3203 पर फोन करके शिकायत दर्ज करा सकते हैं। 


यूपी सरकार भी बढ़ा सकती है गन्ना का रेट

पंजाब और हरियाणा सरकार की ओर से गन्ना का रेट बढ़ाए जाने के बाद ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है कि चुनावी साल में योगी सरकार गन्ना किसानों को जल्द खुशखबरी दे सकती है और यहां के किसानों के गन्ना का मूल्य बढ़ाया जा सकता है। यदि ऐसा होता है राज्य के लाखों गन्ना किसानों को फायदा होगा। वर्तमान में राज्य के 28 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल में गन्ना की खेती होती है। बता दें कि अभी वर्तमान में यहां के किसानों को गन्ने की कीमत वैराइटी के हिसाब से 310 रुपए, 315 रुपए और 325 रुपए प्रति क्विंटल मिल रही है। योगी सरकार आने के तुरंत बाद गन्ने के रेट 10 रुपए प्रति क्विंटल बढ़ाए गए थे। इसके बाद से गन्ना के रेट में बढ़ोतरी नहीं हुई है।


इन राज्यों में क्या है गन्ना का भाव (एसपी मूल्य)

गन्ने के मूल्य में केंद्र सरकार ने 5 रुपए की वृद्धि कर के देश भर के किसानों के लिए 290 रुपए प्रति क्विंटल कर दिया है। जबकि अन्य राज्य ने एसपी के मूल्य में वृद्धि की है जो इस प्रकार है-

  • हरियाणा     - 362 रुपए प्रति क्विंटल
  • पंजाब        - 360 रुपए प्रति क्विंटल
  • उत्तर प्रदेश  - 315 रुपए प्रति क्विंटल   
     

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