कोरोना संक्रमण का असर : अब इस राज्य में 25 मई तक होगी चना, मसूर और सरसों की खरीद

कोरोना संक्रमण का असर : अब इस राज्य में 25 मई तक होगी चना, मसूर और सरसों की खरीद

Posted On - 07 May 2021

खरगोन की कपास एवं अनाज मंडी में 10 मई तक नीलामी कार्य रहेगा बंद

कोरोना संक्रमण के बीच किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं सहित अन्य रबी फसलों की खरीदी कार्य जारी है। इस बार सरकार किसानों से अधिक से अधिक रबी की फसल खरीदने के मूड में है। हाल ही में मध्यप्रदेश मेें किसानों से चना, मसूर ओर सरसों की खरीदी की जा रही है। राज्य सरकार ने इन फसलों की खरीदी की अवधि भी बढ़ाकर 25 मई तक कर दिया है ताकि राज्य के हर किसान से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर ज्यादा से ज्यादा खरीद कर लाभ पहुंचाया जा सके। मीडिया से मिली जानकारी के आधार पर राज्य के कृषि मंत्री कमल पटेल ने बताया है कि कोरोना संकट को दृष्टिगत रखते हुए किसानों के हित में निर्णय लिया गया है कि अब चना, मसूर और सरसों का उपार्जन 25 मई तक किया जाएगा। उन्होंने बताया है कि ऋण वसूली के मूलधन पर लगने वाले ब्याज की राशि 31 करोड़ रुपए का भुगतान सरकार द्वारा किया जाएगा।

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श्योपुर में 9 मई तक नहीं होगी एमएसपी पर खरीद

राज्य की श्योपुर मंडी में 9 मई तक रबी फसलों की खरीदी को बंद कर दिया गया है। कलेक्टर राकेश कुमार श्रीवास्तव के निर्देशन में कोविड-19 संक्रमण को दृष्टिगत रखते हुए श्योपुर जिले के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में कोरोना कफ्र्यू होने से कृषि उपज मंडी का क्रय-विक्रय कार्य 9 मई 2021 तक बंद रहेगा।
सचिव कृषि उपज मंडी श्योपुर श्री एसडी गुप्ता ने जारी पत्र में कहा है कि जिले में कोरोना कफ्र्यू होने से कृषि उपज मंडी का क्रय-विक्रय कार्य 9 मई 2021 तक बंद रहेगा। समस्त कृषकों एवं मंडी व्यापारियों को सूचित किया है कि कोई भी किसान भाई अपनी उपज लेकर मंडी प्रंगाण में विक्रय हेतु न लावे।

 

यहां 10 मई तक मंडियों में नीलामी कार्य रहेगा बंद

बढ़ते कोरोना संक्रमण को देखते हुए जिला प्रशासन द्वारा 10 मई तक लॉकडाउन बढ़ाया है। खरगोन स्थित कपास एवं अनाज मंडी में भी नीलामी कार्य भी 10 मई तक बंद रहेगा। मंडी सचिव रामवीर किरार ने बताया कि व्यापारियों द्वारा इस अवधि में नीलामी कार्य बंद रखा है। किसान अपनी उपज विक्रय के लिए मंडियों में न लाए। मंडी सचिव किरार ने बताया कि सौदा पत्रक से क्रय-विक्रय चालू रहेगा। इसके माध्यम से किसान सीधे व्यापारी को अपनी उपज बेच सकते है।

 

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गेहूं उपार्जन के लिए किसानों को दुबारा भी दिए जाएंगे एसएमएस

मीडिया से मिली जानकारी के अनुसार रबी विपणन वर्ष 2021-22 में समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन का कार्य जारी है। उपार्जन में शासन द्वारा द्वितीय एसएमएस भेजने के संबंध में दिशा-निर्देश जारी किए हैं। कृषक द्वारा किसी कारणवश प्रथम एसएमएस की वैधता अवधि में उपज विक्रय न करने पर किसान की मांग के आधार पर समिति के लॉगिन से द्वितीय एसएमएस करने की सुविधा अनुसार परिरक्षण उपरान्त समिति द्वारा एसएमएस किया जाए। समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन हेतु प्रथम एसएमएस की वैधता अवधि सात दिवस में पात्रता अनुसार पूर्ण मात्रा में उपज का विक्रय न कर पाने की स्थिति में विक्रय उपरान्त शेष रही आंशिक मात्रा का उपार्जन करने हेतु कलेक्टर लॉगइन से एसएमएस करने की सुविधा शासन द्वारा दी गई है।

इसकी वैधता अवधि तीन कार्य दिवस होगी। एसएमएस करने हेतु ऐसे किसानों की मांग अनुसार समिति प्रबंधक, सहकारिता निरीक्षक, सहायक/कनिष्ट आपूर्ति अधिकारी द्वारा किसान का पंजीयन विक्रय मात्रा शेष विक्रय हेतु मात्रा पोर्टल पर पात्रता का सूक्ष्म परीक्षण कर निर्धारित प्रारूप में हस्ताक्षर से प्रस्ताव जिला उपार्जन समिति को भेजने के उपरान्त ऐसे कृषकों को एसएमएस किए जा सकेंगे। एसएमएस कलेक्टर लॉगइन से करने के उपरान्त समिति द्वारा किसानों को तीन कार्य दिवस में उपज लाने के लिये पृथक से सूचना दी जाएगी। ऐसे कृषकों की सीएम हेल्पलाइन शिकायत कंट्रोल रूम या अन्य माध्यम से प्राप्त शिकायत को भी एसएमएस सूची में अनिवार्यत: शामिल किया जाएगा। बता दें कि राज्य में सरकार की ओर से समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीद 15 मई तक चलेगी। 

एमएसपी पर अब तक कितनी हुर्ई गेहूं की खरीद

गेहूं खरीद का कार्य पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, चंडीगढ़, मध्य प्रदेश, राजस्थान सहित अन्य राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में तेजी से चल रहा है।  2 मई, 2021 तक 292.52 लाख मिट्रिक टन (एलएमटी) से अधिक की खरीद की गई है। यह पिछले वर्ष की समान अवधि के 171.53 एलएमटी से लगभग 70 प्रतिशत अधिक खरीद है। 2 मई 2021 तक कुल 292.52 एलएमटी गेहूं खरीद में से पंजाब का योगदान 114.76 एलएमटी (39.23 प्रतिशत), हरियाणा 80.55 एलएमटी (27.53 प्रतिशत) तथा मध्य प्रदेश का योगदान 73.76 एलएमटी (25. 21 प्रतिशत) रहा है।

 

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