• Home
  • News
  • Agriculture News
  • केले की खेती : केला उत्पादक किसानों के लिए अच्छी खबर, बनाना एंड्राइड एप शुरू

केले की खेती : केला उत्पादक किसानों के लिए अच्छी खबर, बनाना एंड्राइड एप शुरू

केले की खेती : केला उत्पादक किसानों के लिए अच्छी खबर, बनाना एंड्राइड एप शुरू

जानें, क्या है बनाना एंड्राइड एप, इसे कहां से कर सकते हैं डाउनलोड

केले की खेती करने वाले किसानों के लिए एक अच्छी खबर है। अब केले का उत्पादन करने वाले किसानों को घर बैठे केले की खेती की जानकारी मिलेगी। भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (आईसीएआर) और राष्ट्रीय केला अनुसंधान केंद्र के द्वारा देश के केला उत्पादक किसानों के लिए एक मोबाईल एप शुरू किया गया है। इस एप के जरिये किसानों को केले से संबंधित सभी प्रकार की जानकारी उपलब्ध करवाई जाएगी। यह एप सेंटर फॉर डेवेलपमेंट ऑफ एडवांस कंप्यूटिंग, हैदराबाद द्वारा बनाया गया है। बता दें कि भारत केले के उत्पादन में विश्व में 2.75 करोड़ टन के साथ पहला स्थान रखता है । इसके बाद चीन का स्थान आता है जो 1.2 करोड़ टन के साथ दूसरे स्थान पर है। भारत में केले के उपभोक्ता अधिक रहने के कारण निर्यात में बहुत पीछे हैं। विश्व में केले का निर्यात सबसे ज्यादा फीलिपंस करता है। इसका एक कारण यह भी है की केले के उत्पादक किसानों को केले की अच्छी प्रजाति का उपलब्ध नहीं होने के साथ में वैज्ञानिक तरह से केले की खेती न करना है। केले की वैज्ञानिक तरीके से खेती कर न केवल उत्पादकता को बढ़ाया जा सकता है बल्कि केला उत्पादक किसानों की आय में भी वृद्धि की जा सकती है। इसे ध्यान में रखते हुए ही इस एप को किसानों के लिए शुरू किया गया है ताकि वे अच्छी प्रजाति व गुणवत्ता वाले केले का उत्पादन करके निर्यात में बढ़ोतरी में अपना योगदान दे सकें। 

AdBuy Used Tractor

 

सबसे पहले सरकार की सभी योजनाओ की जानकारी के लिए डाउनलोड करे, ट्रेक्टर जंक्शन मोबाइल ऍप - http://bit.ly/TJN50K1


क्या है ये एंड्राइड एप

सेंटर फॉर डेवेलपमेंट ऑफ एडवांस कंप्यूटिंग, हैदराबाद द्वारा बनाए गए और भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (आईसीएआर) और राष्ट्रीय केला अनुसंधान केंद्र के द्वारा शुरू किए गए इस मोबाइल एप का नाम बनाना प्रोडक्शन टेक्नोलांजी (केला-उत्पादन प्रौद्योगिकी) है। यह एप तीन भाषाओं हिंदी, अंग्रेजी तथा तमिल में उपलब्ध है। आगे इसे ओर भाषाओं में लाया जाएगा। 


इस एप से किसानों को क्या-क्या मिलेंगी जानकारियां

केला किसानों को केले की खेती के अलावा अन्य प्रकार की जानकारी उपलब्ध भी उपलब्ध करवाई जाएगी। इस एप के जरिये किसान जलवायु, मृदा, पौधा रोपण सामग्री, रोपाई, जल प्रबन्धन, पोषक तत्व प्रबन्धन, उर्वरक समायोजन समीकरण, संबंधित जानकारी उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके अलावा किसानों को फलों का परिपक्व होना और फल गुच्छों की कटाई की जानकारी दी जाएगी।

AdBuy New Tractor


कहां से डाउनलोड कर सकते हैं इस एप को

सेंटर फॉर डेवेलपमेंट ऑफ एडवांस कंप्यूटिंग, हैदराबाद द्वारा बनाए गए और भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (आईसीएआर) और राष्ट्रीय केला अनुसंधान केंद्र के द्वारा शुरू किए गए बनाना प्रोडक्शन टेक्नोलॉजी (केला-उत्पादन प्रौद्योगिकी) एप को गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है। अपनी भाषा के अनुसार किसान एप में भाषा का चयन कर सकते हैं। 


भारत में सबसे ज्यादा कहां होता है केले का उत्पादन

भारत में केला उत्पादन में अग्रणिय राज्यों में उत्तरप्रदेश, महाराष्ट्र और दक्षिण भारत के तमिलनाडु, केरल, आंध्र प्रदेश आदि राज्य शामिल हैं। इसमें से सबसे ज्यादा केले का उत्पादन उत्तरप्रदेश में होता है। मीडिया से मिली जानकारी के आधार पर करीब 10 साल पहले यूपी में 10 हजार हेक्टेयर में केले की खेती होती थी। अब यह क्षेत्रफल बढक़र करीब एक लाख हेक्टेयर हो गया है। एक हेक्टेयर में लगभग 40 टन केला होता है। ऐसे में कुल उत्पादन लगभग 40 लाख टन होता है। दक्षिण भारत के राज्यों में भी केले की खेती खूब होती है लेकिन वे काफी छोटे राज्य हैं। यूपी में इतने बड़े क्षेत्रफल में होने वाली पैदावार ने अब कई राज्यों को पीछे छोड़ दिया है। बता दें कि एक समय था जब, यूपी में दूसरे राज्यों से केला आता था। आज यूपी का केला देश भर में छाया है। पिछले 10 साल में यूपी में केले का उत्पादन 10 गुना हो गया है। टिशूकल्चर से तैयार उच्च प्रजाति का फल, केले की बढ़ती लोकप्रियता की वजह है। दिल्ली की आजादपुर मंडी में सबसे ज्यादा मांग यूपी के केले की है। इस मंडी के जरिए यहां का केला दूसरे राज्यों को भी जाता है।

 

अगर आप अपनी कृषि भूमि, अन्य संपत्ति, पुराने ट्रैक्टर, कृषि उपकरण, दुधारू मवेशी व पशुधन बेचने के इच्छुक हैं और चाहते हैं कि ज्यादा से ज्यादा खरीददार आपसे संपर्क करें और आपको अपनी वस्तु का अधिकतम मूल्य मिले तो अपनी बिकाऊ वस्तु की पोस्ट ट्रैक्टर जंक्शन पर नि:शुल्क करें और ट्रैक्टर जंक्शन के खास ऑफर का जमकर फायदा उठाएं।

Top Agriculture News

न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद : बिहार में अब 31 मई तक होगी गेहूं की खरीद

न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद : बिहार में अब 31 मई तक होगी गेहूं की खरीद

न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद : बिहार में अब 31 मई तक होगी गेहूं की खरीद (Purchase at minimum support price : Bihar will now purchase wheat by May 31), जानें, एमएसपी पर कितना गेहूं बेच सकेगा एक किसान और क्या देने होंगे दस्तावेज

आलू की स्मार्ट खेती : आधुनिक कृषि यंत्रों और विधियों का रखें ध्यान, कमाएं ज्यादा मुनाफा

आलू की स्मार्ट खेती : आधुनिक कृषि यंत्रों और विधियों का रखें ध्यान, कमाएं ज्यादा मुनाफा

आलू की स्मार्ट खेती : आधुनिक कृषि यंत्रों और विधियों का रखें ध्यान, कमाएं ज्यादा मुनाफा (Smart farming of potatoes ), जानें, आलू की खेती में काम आने वाले कृषि यंत्रों के बारे में

कोरोना संक्रमण का असर : अब इस राज्य में 25 मई तक होगी चना, मसूर और सरसों की खरीद

कोरोना संक्रमण का असर : अब इस राज्य में 25 मई तक होगी चना, मसूर और सरसों की खरीद

कोरोना संक्रमण का असर : अब इस राज्य में 25 मई तक होगी चना, मसूर और सरसों की खरीद ( Impact of corona infection: Now this states will be procured of gram, lentils and mustard by May 25 ) खरगोन की कपास एवं अनाज मंडी में 10 मई तक नीलामी कार्य रहेगा बंद

कृषि वैज्ञानिकों ने तैयार किए गेहूं, चना, मसूर सहित अन्य फसलों के उन्नतशील बीज

कृषि वैज्ञानिकों ने तैयार किए गेहूं, चना, मसूर सहित अन्य फसलों के उन्नतशील बीज

कृषि वैज्ञानिकों ने तैयार किए गेहूं, चना, मसूर सहित अन्य फसलों के उन्नतशील बीज (Agricultural scientists prepare improved seeds of wheat, gram, lentil and other crops), उन्नत बीज का उत्पादन : किसानों को किए जाएंगे वितरित

close Icon

Find Your Right Tractor and Implements

New Tractors

Used Tractors

Implements

Certified Dealer Buy Used Tractor