जायद की फसल के बारे में

भारत में जायद फसलों की खेती 

रबी और खरीफ सीजन के मध्य में बोई जाने फसल को जायद फसल कहते हैं। ज़ायद की फ़सल में तेज गर्मी और शुष्क हवाएं सहन करने की अच्छी क्षमता होती है। उत्तर भारत के अधिकांश राज्यों में जायद की फसल (Jayad ki Fasal) की जाती है। 

जायद फसलों का मौसम 

जायद फसलों (Jayad Crops) को जायद खरीफ और जायद रबी में बांटा जा सकता है। जायद रबी की फसलों का बीज लगाने का सही समय फरवरी से मार्च है और कटाई का समय अप्रैल से मई है। जबकि जायद खरीफ की फसलों का बीज लगाने का सही समय अगस्त से सितंबर और कटाई का समय दिसंबर से जनवरी है। 

जायद की प्रमुख फसलें 

जायद सीजन की प्रमुख फसलों में मूंग, उड़द या उर्द, सूरजमुखी, मूंगफली, मक्का, चना, हरा चारा, कपास, जूट, धान, ज्वार, रेप्सीड, खरबूजा, तरबूज, ककड़ी, लोबिया, पत्तेदार सब्जियां, खीरा, टिंडा, तोरई, भिंडी और अरबी आदि शामिल है। 

जायद सीजन फसलों की अधिक जानकारी 

जायद सीजन की फसलों में प्रतिकूल परिस्थतियों को सहन करके उगने की क्षमता पाई जाती है। यदि आपके गांव में सिंचाई जल की अच्छी व्यवस्था है तो इन फसलों की बुवाई फरवरी-मार्च में की जा सकती है। यहां आपको जायद फसल किसे कहते हैं?, जायद फसल की बुवाई, जायद की फसलें ट्रिक, जायद फसल के उदाहरण, जायद फसल की सूची आदि की जानकारी मिलेगी। बस ट्रैक्टर जंक्शन के साथ जुड़े रहिए। 

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