कृषि क्षेत्र में बड़ा कदम : केंद्रीय कैबिनेट ने पीएम धन-धान्य कृषि योजना को दी मंजूरी
प्रकाशित - 17 Jul 2025 by Tractor Junction
24000 करोड़ रुपए के परिव्यय वाली इस योजना में शामिल होंगी 36 कृषि योजनाएं, 1.7 करोड़ किसानों को मिलेगा लाभ
PM Dhan Dhanya Krishi Yojana 2025 : किसानों के लिए केंद्र सरकार की ओर से कई तरह की कृषि योजनाएं चलाई जा रही है। वहीं कुछ नई योजनाएं शुरू की जा रही हैं। इसी कड़ी में केंद्र सरकार की ओर से प्रधानमंत्री धन–धान्य कृषि योजना को मंजूरी दी गई है। हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट ने एक ऐतिहासिक फैसले में प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना (PM Dhan Dhanya Krishi Yojana) को मंजूरी दी है।
केंद्र सरकार की इस नई योजना का उद्देश्य देश के कृषि क्षेत्र को आधुनिक, टिकाऊ और अधिक उत्पादक बनाना है। कुल 24,000 करोड़ रुपए के वार्षिक परिव्यय के साथ शुरू की गई इस योजना में 36 मौजूदा कृषि योजनाओं को एकीकृत किया जाएगा, जिससे देशभर के 1.7 करोड़ किसानों को प्रत्यक्ष रूप से लाभ मिलने की संभावना है।
योजना में देश के कितने जिलों को किया जाएगा शामिल
किसान सम्मान निधि योजना की 20वीं किस्त का इंतजार कर रहे किसानों के लिए यह योजना किसी राहत से कम नहीं है। यह योजना फसल कटाई के बाद भंडारण सुविधा, सिंचाई के संसाधनों में सुधार और उत्पादकता बढ़ाने जैसे कई महत्वपूर्ण पहलुओं पर केंद्रित होगी। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि यह योजना अगले 6 सालों तक लागू रहेगी और इसके तहत 100 कृषि जिलों का चयन कर उन्हें विकसित किया जाएगा।
योजना के तहत किन जिलों को मिलेगी प्राथमिकता
केंद्रीय बजट 2025-26 में घोषित इस योजना के तहत उन 100 जिलों को प्राथमिकता दी जाएगी जहां कृषि उत्पादकता कम है, फसल विविधता नहीं है और केसीसी (Kisan Credit Card) के तहत ऋण की उपलब्धता औसत से कम है। इन जिलों को टारगेट कर उन्हें कृषि विकास का मॉडल बनाया जाएगा।
पीएम धन-धान्य कृषि योजना के तहत क्या-क्या होंगे काम
पीएम धन-धान्य कृषि योजना को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। इसके तहत फसल विविधीकरण (Crop Diversification) को प्रोत्साहित किया जाएगा। जलवायु लचीली खेती (Climate Resilient Farming) की तकनीकों को बढ़ावा दिया जाएगा। भंडारण, प्रसंस्करण और मार्केटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किया जाएगा। योजना से किसानों को टेक्नोलॉजी, स्किल डेवलपमेंट और मार्केट लिंकेज में सहयोग मिलेगा। वहीं योजना के तहत जल संसाधनों के बेहतर उपयोग और सिंचाई योजनाओं पर विशेष जोर दिया जाएगा।
कब से लागू होगी पीएम धन–धान्य कृषि योजना
केंद्र सरकार की पीएम धन-धान्य कृषि योजना अक्टूबर 2025 के रबी सीजन से सक्रिय रूप से लागू की जाएगी। प्रत्येक जिले के लिए एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाएगा, जो योजना के क्रियान्वयन और मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी निभाएगा। नीति आयोग इस योजना के लिए डिजिटल डैशबोर्ड तैयार करेगा जिससे रियल-टाइम ट्रैकिंग और मूल्यांकन संभव हो सकेगा।
अगस्त महीने से प्रशिक्षण और जागरूकता अभियान होगा शुरू
अगस्त महीने से प्रशिक्षण कार्यक्रम और जागरूकता अभियान शुरू किए जाएंगे ताकि योजना की जानकारी गांव-गांव तक पहुंचे। प्रत्येक जिले में कलेक्टर की अध्यक्षता में एक समिति बनेगी जिसमें प्रगतिशील किसान, पंचायत प्रतिनिधि और संबंधित विभागों के अधिकारी शामिल होंगे। इसी तरह राज्य और केंद्रीय स्तर पर भी दो टीमें गठित की जाएंगी।
11 मंत्रालयों की योजनाएं होंगी शामिल
पीएम धन-धान्य कृषि योजना में केवल कृषि मंत्रालय ही नहीं, बल्कि 11 अलग-अलग मंत्रालयों और विभागों की योजनाओं को एकीकृत किया जाएगा। इस “कन्वर्जेंस मॉडल” में राज्य सरकारों की योजनाओं को भी समाहित किया जाएगा, जिससे संसाधनों का अधिकतम उपयोग और क्षेत्रीय आवश्यकताओं के अनुसार क्रियान्वयन संभव हो सकेगा।
पीएम धन-धान्य कृषि योजना में इन योजनाओं के शामिल होने की है संभावना (किसानों के लिए सरकारी योजनाएं)
बता दें कि अभी पीएम धन-धान्य कृषि योजना के तहत शामिल की जाने वाली योजनाओं का पूरी तरह से खुलासा नहीं किया गया है, लेकिन योजना के तहत जिन योजनाओं को शामिल किए जाने की संभावना जताई जा रही है, उनमें से कुछ योजनाएं इस प्रकार हो सकती हैं:
- प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (पीएमकेएसवाई) - सिंचाई सुविधाओं के लिए
- प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (पीएमएफबीवाई) - फसल बीमा
- प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) - न्यूनतम आय सहायता
- पीएम-कुसुम योजना - सौर ऊर्जा आधारित पंप और उत्पाद
- परम्परागत कृषि विकास योजना - जैविक खेती
- सतत कृषि पर राष्ट्रीय मिशन (एनएमएसए)
- ग्रामीण भंडारण योजना – ग्रामीण भंडार
- राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन (एनएफएसएम)
- तिलहन और ऑयल पाम पर राष्ट्रीय मिशन
- दलहन पर राष्ट्रीय मिशन
- राष्ट्रीय कृषि विकास कार्यक्रम (आरकेवीवाई)
- अटल भूजल योजना - भूमि संरक्षण
- प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना - मछली पालन
- पशुधन बीमा योजना - पशुधन बीमा
- बागवानी के एकीकृत विकास पर मिशन (एमआईडीएच)
- सूक्ष्म सिंचाई निधि (MIF)
- ई-एनएएम (राष्ट्रीय कृषि बाजार)
- मेरा पानी मेरी विरासत – जल संरक्षण
- मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना
- प्रधानमंत्री जन धन योजना – आर्थिक समावेशन (क्रेडिट लिंकेज हेतु)
इसके अलावा 21–36. अन्य संबंधित केंद्रीय और राज्य योजनाएं, जैसे जलवायु‑लचीली खेती, कृषि अनुसंधान, नोडल विभागों की उपलब्ध आश्रित योजनाएं शामिल हो सकती हैं। हालांकि पीएम धन-धान्य कृषि योजना में शामिल की जाने वाली योजनाओं की सटीक जानकारी के लिए हमें अभी फिलहाल पीआईबी (PIB) और कृषि मंत्रालय की वेबसाइट पर "विस्तृत कार्यान्वयन निर्देश" (Operational Guidelines/Advisory) की घोषणा और अपडेट का इंतजार करना होगा।
"कृषि क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक बदलाव की शुरुआत: केंद्रीय कृषि मंत्री
मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने योजना को "कृषि क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक बदलाव की शुरुआत" बताया। उन्होंने कहा कि “आज हमारे देश में 40 प्रतिशत से अधिक खाद्यान्न उत्पादन बढ़ा है, परंतु राज्यों और जिलों में उत्पादकता का असंतुलन बना हुआ है। इस योजना के माध्यम से हम कम उत्पादकता वाले जिलों को राष्ट्रीय औसत नहीं, बल्कि सर्वोच्च उत्पादकता के स्तर तक पहुंचाने का लक्ष्य लेकर चल रहे हैं।”
दलहन आत्मनिर्भरता और फल-सब्जी उत्पादन बढ़ाने पर जोर
कृषि मंत्री ने बताया कि इस योजना के अंतर्गत दलहन आत्मनिर्भरता मिशन को भी अगले 6 सालों तक लागू किया जाएगा, ताकि देश की दालों पर आयात निर्भरता कम हो। साथ ही फल और सब्जी उत्पादन को बढ़ावा देकर प्रसंस्करण और सप्लाई चेन को मजबूत करने की भी योजना है।
कुल मिलाकर PM Dhan Dhanya Krishi Yojana 2025 (2025 की कृषि योजना) भारत के कृषि क्षेत्र को आत्मनिर्भर, टिकाऊ और तकनीकी रूप से सक्षम बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह योजना न केवल किसानों की आय बढ़ाने में सहायता करेगी, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाकर देश के समग्र विकास में भी योगदान देगी।
ट्रैक्टर जंक्शन हमेशा आपको अपडेट रखता है। इसके लिए ट्रैक्टरों के नये मॉडलों और उनके कृषि उपयोग के बारे में एग्रीकल्चर खबरें प्रकाशित की जाती हैं। प्रमुख ट्रैक्टर कंपनियों जॉन डियर ट्रैक्टर, महिंद्रा ट्रैक्टर आदि की मासिक सेल्स रिपोर्ट भी हम प्रकाशित करते हैं जिसमें ट्रैक्टरों की थोक व खुदरा बिक्री की विस्तृत जानकारी दी जाती है। अगर आप मासिक सदस्यता प्राप्त करना चाहते हैं तो हमसे संपर्क करें।
अगर आप नए ट्रैक्टर, पुराने ट्रैक्टर, कृषि उपकरण बेचने या खरीदने के इच्छुक हैं और चाहते हैं कि ज्यादा से ज्यादा खरीददार और विक्रेता आपसे संपर्क करें और आपको अपनी वस्तु का अधिकतम मूल्य मिले तो अपनी बिकाऊ वस्तु को ट्रैक्टर जंक्शन के साथ शेयर करें।
सर्टिफाइड पुराने ट्रैक्टर्स
ट्रैक्टर की प्राइस चेक करें