प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना : क्लेम पाने के लिए 31 जुलाई तक कराएं फसल का बीमा

Share Product प्रकाशित - 08 Jul 2025 by Tractor Junction

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना : क्लेम पाने के लिए 31 जुलाई तक कराएं फसल का बीमा

जानें, खरीफ सीजन में किन फसलों का बीमा करा सकते हैं आप इसके लिए कितना देना होगा प्रीमियम

Pradhan Mantri Fasal Bima Yojana 2025 : किसानों की आय और खेती की स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए केंद्र और राज्य सरकारें लगातार नीतियां लाने में जुटी हैं। इसी कड़ी में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PM Fasal Bima Yojana) ने खरीफ-2025 और रबी-2025-26 के लिए अधिसूचना जारी कर दी है। इस योजना के तहत 31 जुलाई, 2025 तक किसान चाहे वे ऋणी हों, गैर ऋणी हों या बंटाईदार, अलग-अलग फसलों का बीमा करा सकते हैं। यह योजना फसल बीमा, खेती की रक्षा और प्राकृतिक आपदाओं के प्रभाव को कम करने में मददगार साबित होगी।

योजना के तहत कौन कर सकता है आवेदन

  • ऋणी किसान : संबंधित बैंक/सहकारी समिति के ज़रिए फसल बीमा करा सकते हैं।
  • गैर ऋणी किसान : नजदीकी सीएससी, डाकघर, बैंक शाखा या कृषि विभाग की शाखा में जाकर बीमा करा सकते हैं।
  • बंटाईदार किसान : जो हिस्सेदार खेत पर खेती करते हैं, वे भी पात्र हैं।

संयुक्त निदेशक कृषि (विस्तार) धनराज मीणा ने स्पष्ट किया कि सभी किसान 31 जुलाई तक आवेदन कर सकते हैं।

किसान को योजना के तहत कितना देना होगा बीमा का प्रीमियम

प्रदेश के किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (Pradhan Mantri Fasal Bima Yojana) के तहत खरीफ फसल का बीमा कराने के लिए 2 प्रतिशत प्रीमियम देना होगा। वहीं रबी फसल के लिए 1.5 प्रतिशत प्रीमियम जमा कराना होता है। इसके अलावा इस योजना के तहत वाणिज्यिक या बागवानी फसलों का बीमा भी होता है जिसकी प्रीमियम दर 5 प्रतिशत रखी गई है। यह राशि किसान ही जमा करेंगे और शेष प्रीमियम केंद्र और राज्य सरकार की ओर से संयुक्त रूप से जमा कराई जाएगी। 

योजना के तहत किन परिस्थितियों को किया जाता है कवर

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत सूखा या लंबी सूखी अवधि वाली फसलों, बाढ़ व जल भराव, कीट व रोग, भूस्खलन, बिजली गिरना, प्राकृतिक आग, तूफान, ओलावृष्टि, चक्रवात को से नुकसान को कवर किया जाता है। 

योजना के तहत कैसे मिलता है बीमा क्लेम 

फसल कटाई के 14 दिन बाद तक बचे उपार्जित फसलों को अगर उपरोक्त किसी घटना में नुकसान पहुंचे, तो किसान 72 घंटे के भीतर “कृषि रक्षक” पोर्टल, हेल्पलाइन 14447 या क्रॉप इंश्योरेंस ऐप पर क्लेम दर्ज करा सकता है। इसके बाद बीमा कंपनी व कृषि विभाग के अधिकारी सर्वे करते हैं और नुकसान का आकलन करने के बाद फसल बीमा क्लेम का फॉर्म भरवाते हैं और इसके बाद बीमा क्लेम की राशि सीधे किसानों के खाते में भेज दी जाती है।

राज्यवार अपडेट: राजस्थान में खास अलर्ट

राजस्थान में भी खरीफ-2025 के लिए अंतिम तिथि 31 जुलाई, 2025 तक बढ़ा दी गई है।

जितना जल्दी बीमा कराएंगे, उतनी जल्दी क्लेम प्रक्रिया शुरू होगी।

Tractor Junction App

हरियाणा में बागवानी फसलों का बीमा कराने की तारीख बढ़ाई

हरियाणा सरकार की ओर से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की तर्ज पर राज्य स्तर पर अपने प्रदेश के किसानों के लिए मुख्यमंत्री बागवानी योजना (Mukhyamantri Bagwani Bima Yojana) चला रखी है। ध्यान दें कि यह योजना प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का हिस्सा नहीं है, बल्कि हरियाणा सरकार द्वारा चलाई जा रही एक स्वतंत्र राज्य स्तरीय योजना है। यहां के किसान अब मुख्यमंत्री बागवानी योजना के तहत फसलों का बीमा 31 जुलाई तक करा सकते हैं। पहले अंतिम तिथि 31 मई थी, अब बढ़कर 31 जुलाई कर दी गई है। संयुक्त निदेशक बागवानी सुधीर यादव ने बताया कि किसान सिर्फ 2.5% प्रीमियम दे कर लाभ उठा सकते हैं। योजना के तहत सब्जी के लिए 750 रुपए प्रति एकड़ और फल की फसल के लिए 1,000 प्रति एकड़ के हिसाब से बीमा किया जाएगा। बीमा कराने के लिए “मेरी फसल‑मेरा ब्यौरा” पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करना अनिवार्य है।

योजना के तहत कितना मिलेगा बीमा क्लेम

यदि किसान की फसल में 100% नुकसान होता है, तो सरकार सब्जियों के लिए 30,000 रुपए प्रति एकड़ और फसल की फसल के लिए 40,000 रुपए प्रति एकड़ के हिसाब से बीमा क्लेम देगी। यह राशि किसान के बैंक खाते में सीधे ट्रांसफर की जाएगी। 

खरीफ फसल के बीमे के लिए क्या है आवेदन की प्रक्रिया 

  • खरीफ फसल बीमे के लिए ऋणी किसान बैंक/सहकारी समिति के माध्यम से बीमा करा सकते हैं। 
  • गैर ऋणी किसान सीएससी, डाकघर अथवा कृषि विभाग के जरिये बीमा करा सकते हैं। 

हरियाणा बागवानी योजना के तहत कैसे करें बीमा के लिए आवेदन

बागवानी योजना हरियाणा के तहत सब्जी व फल फसलों का बीमा कराने के लिए आपको मेरी फसल‑मेरा ब्यौरा पोर्टल पर लॉग इन करना होगा। इसके बाद आपको फसल का चयन करना है। खेत विवरण दर्ज करके इस आवेदन को ऑनलाइन जमा कराना होगा। इसी के साथ आपको बागवानी फसल के लिए निर्धारित 2.5 प्रतिशत प्रीमियम का भुगतान भी करना होगा।

बागवानी योजना के तहत फसल बीमा के लिए आवेदन हेतु आवश्यक दस्तावेज 

  • ऋणी किसान के लिए :  बैंक पासबुक, आधार, बैंक खाता विवरण आदि। 
  • गैर ऋणी के लिए : आधार, जमाबंदी, पासबुक आदि।
  • इसी के साथ किसान को फसल विवरण, नंबर, और बागवानी योजना के लिए हरियाणा हेतु पोर्टल स्क्रीनशॉट भी अपलोड करना होगा। 

योजना के संबंध में अधिक जानकारी के लिए कहां करें संपर्क ? 

बागवानी योजना के तहत बीमा कराने में कोई समस्या आ रही है तो इसके लिए फसल बीमा हेल्पलाइन नंबर 14447, कृषि रक्षक पोर्टल पर संपर्क किया जा सकता है। इसके अलावा बागवानी योजना पोर्टल जिला कृषि कार्यालय, मोबाइल सपोर्ट के जरिये भी इसकी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

ट्रैक्टर जंक्शन हमेशा आपको अपडेट रखता है। इसके लिए ट्रैक्टरों के नये मॉडलों और उनके कृषि उपयोग के बारे में एग्रीकल्चर खबरें प्रकाशित की जाती हैं। प्रमुख ट्रैक्टर कंपनियों जॉन डियर ट्रैक्टर, महिंद्रा ट्रैक्टर आदि की मासिक सेल्स रिपोर्ट भी हम प्रकाशित करते हैं जिसमें ट्रैक्टरों की थोक व खुदरा बिक्री की विस्तृत जानकारी दी जाती है। अगर आप मासिक सदस्यता प्राप्त करना चाहते हैं तो हमसे संपर्क करें।

अगर आप नए ट्रैक्टर, पुराने ट्रैक्टर, कृषि उपकरण बेचने या खरीदने के इच्छुक हैं और चाहते हैं कि ज्यादा से ज्यादा खरीददार और विक्रेता आपसे संपर्क करें और आपको अपनी वस्तु का अधिकतम मूल्य मिले तो अपनी बिकाऊ वस्तु को ट्रैक्टर जंक्शन के साथ शेयर करें।

Call Back Button