ड्रोन पर सब्सिडी : ड्रोन खरीदने पर सरकार से मिलेगी 100% सब्सिडी
प्रकाशित - 07 Jul 2022 by Tractor Junction
जानें ड्रोन पर सब्सिडी की पूरी जानकारी
खेती में आधुनिक कृषि यंत्रों की महत्ता बढ़ती ही जा रही है। खाद्यान्न उत्पादन बढ़ाने को लेकर सरकार की ओर से खेती में आधुनिक कृषि यंत्रों के प्रयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है। कृषि यंत्रों की श्रृंखला में ड्रोन को भी शामिल कर लिया गया है। अब किसानों को अन्य कृषि यंत्रों की तरह ड्रोन खरीदने पर भी सरकार की ओर से सब्सिडी का लाभ प्रदान किया जाएगा। किसानों को ड्रोन खरीदने पर करीब 5 लाख रुपए तक की सब्सिडी मिलेगी। वहीं कृषि विश्वविद्यालय को ड्रोन की खरीद पर शत प्रतिशत यानि 100 प्रतिशत सब्सिडी मिल सकती है। किसान भाई अपने निकटतम कृषि विभाग से संपर्क करके सब्सिडी का लाभ उठा सकते हैं। ट्रैक्टर जंक्शन की इस पोस्ट में पांच लाख से कम कीमत के टॉप 3 कृषि ड्रोन की जानकारी भी दी है।
खेती में ड्रोन का क्या है उपयोग
- ड्रोन की सहायता से किसान अपने खेत में फसलों पर कम समय कीटनाशक का छिड़काव कर सकते हैं।
- इतना ही नहीं यदि छिड़काव विधि से यदि बीज की बुवाई कर रहे हो तो ड्रोन की सहायता से बीजों को खेतों में छिडक़ कर बुवाई की जा सकती है।
- इसके अलावा ड्रोन से किसान खेत की निगरानी भी कर सकता है।
ड्रोन के उपयोग से किसानों को होंगे ये लाभ
खेती में ड्रोन के उपयोग से कई प्रकार के लाभ किसान को होंगे। इनमें से कुछ लाभ इस प्रकार से हैं-
खेत में हर जगह एक समान रूप से होगा छिड़काव
ड्रोन की सहायता से छिड़काव करने पर किसानों की कई तरीके से बचत होगी। एक तो कम समय में फसलों पर कीटनाशक का छिड़काव हो जाएगा। दूसरा, ड्रोन के जरिए खेत में हर जगह एक समान छिड़काव होता है। इसके विपरित, यदि पारंपरिक तरीके से छिडक़ाव किया जाए तो सब जगह एक समान छिड़काव नहीं हो पाता है।
खेती की लागत होगी कम, पैसों की होगी बचत
वहीं यदि पारंपरिक तरीके से छिड़काव किया जाए तो दो-तीन मजदूर की आवश्यकता होती है। यदि एक मजदूर की मजदूरी 500 रुपए भी मानी जाए तो तीन मजदूरों की मजदूरी 1500 रुपए हो जाती है। जबकि ड्रोन से छिड़काव करने पर एक एकड़ का किराया महज 400 रुपए के करीब आता है।
पानी की होगी बचत
इसके अलावा यदि पारंपरिक तरीके से एक एकड़ खेत में दवा का छिड़काव किया जाए तो 150 से 200 लीटर पानी की जरूरत होती है। यदि ड्रोन से यही छिड़काव किया जाए तो महज 10 लीटर पानी में ही यह हो जाता है। इससे पाीन की बचत होगी। बता दें कि खेेती मेें आधे से ज्यादा भू-जल का दोहन होता है। यदि हम इस तरीके से खेती में पानी की बचत कर पाएंगे तो यह पर्यावरण के लिए भी अच्छा रहेगा।
ड्रोन पर सब्सिडी का लाभ कैसे मिलेगा
- सरकार कृषि ड्रोन की खरीद पर अनुसूचित जाति-जनजाति, लघु और सीमांत, महिलाओं एवं पूर्वोत्तर राज्यों के किसानों को ड्रोन लागत की 50 प्रतिशत या अधिकतम 5 लाख रुपए की सहायता राशि दी जाएगी।
- अन्य किसानों को 40 प्रतिशत अथवा अधिकतम 4 लाख रुपए की सहायता राशि दी जाएगी।
- वहीं कृषि मशीनरी प्रशिक्षण और परीक्षण संस्थानों, आईसीएआर संस्थानों, कृषि विज्ञान केंद्रों और राज्य कृषि विश्वविद्यालयों को ड्रोन की खरीद पर 100 प्रतिशत सब्सिडी दी जा सकती है।
कम कीमत वाले टॉप 3 कृषि ड्रोन
ड्रोन कई प्रकार के होते हैं। इनकी भार उठाने और तकनीक भी अलग-अलग होती है। इसके आधार पर उनकी कीमत का निर्धारण किया जाता है। यहां हम बेहतरीन तीन ड्रोन के बारे में आपको जानकारी दे रहे हैं।
1. केटी-डॉन ड्रोन
यह ड्रोन दिखने में काफी बड़ा होता है। इसकी 10 लीटर से लेकर 100 लीटर तक भार उठाने की क्षमता है, इसमें क्लाउड इंटेलिजेंट मैनेजमेंट है, जिसे मैप प्लानिंग फंक्शन और हैंडहेल्ड स्टेशन के साथ डिजाइन किया गया है। इसकी मदद से स्टेशन द्वारा कई ड्रोन को नियंत्रित किया जा सकता है। बाजार में इसकी कीमत 3 लाख रुपए से शुरू होती है।
2. मोड 2 कार्बन फाइबर कृषि ड्रोन
इस कृषि ड्रोन के मॉडल का नाम केसीआई हेक्साकॉप्टर है। इसमें 10 लीटर तक तरल पदार्थ (जैसे कीटनाशक) का भार उठाने की क्षमता है। इसमें एनालॉग कैमरे की तकनीक भी है, भारत में इसकी कीमत 3.6 लाख रुपए के आसपास है।
3. एस 550 स्पीकर ड्रोन
इस ड्रोन की क्षमता 10 लीटर कीटनाशक छिड़काव करने की है। इसमें जीपीएस आधारित प्रणाली का समावेश है। इसमें ग्राउंड कंट्रोल स्टेशन है, इसकी वाटर प्रूफ बॉडी होने के कारण इसे बारिश में भी चलाया जा सकता है। इस ड्रोन की खास बात ये हैं इसका सेंसर इतना शक्तिशाली है कि कोई बाधा आने से पहले ही अलर्ट कर देता है। इसकी कीमत 4.5 लाख रुपए के करीब है।
कृषि ड्रोन पर सब्सिडी के संबंध में खास बातें
- सरकार की ओर से किसानों को खेती के लिए सस्ते कृषि यंत्र उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कृषि मशीनीकरण पर उप-मिशन योजना शुरू की है। इस योजना के तहत किसानों सहित अन्य को ड्रोन खरीदने पर सब्सिडी का लाभ प्रदान किया जाएगा।
- इसके तहत केंद्रीय कृषि मंत्रालय ने कृषि ड्रोन की खरीद, किराए पर लेने और प्रदर्शन में सहायता करके इस तकनीक को किफायती बनाने के लिए आईसीएआर संस्थानों, कृषि विज्ञान केंद्रों और राज्य कृषि विश्वविद्यालयों को वित्त पोषण दिशा-निर्देश जारी किए गए है।
- जारी किए गए दिशा-निर्देशों के आधार पर ड्रोन के इस्तेमाल के प्रति किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए कृषि विश्वविद्यालय या संस्थानों को ड्रोन खरीदने के लिए 100 फीसदी या दस लाख रुपए तक अनुदान दिया जा सकता है।
- इसके अलावा किसान उत्पादक संगठनों को ड्रोन खरीदने के लिए 75 फीसदी तक की वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है।
- यह वित्तीय सहायता 31 मार्च 2023 तक लागू रहेगी।
- प्रदर्शन के लिए ड्रोन किराए पर लेने वाले एजेंसियों को 6,000 रुपए हर बार आक्समिक खर्च के तौर पर दिए जाएंगे।
- ड्रोन खरीद कर प्रदर्शन करने वाले एजेंसियों को आक्समिक खर्च के तौर 3,000 रुपए प्रति हेक्टेयर दिए जाएंगे।
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