किसानों को ट्रैक्टर और पंप सेट के लिए आर्थिक सहायता देगी सरकार

जल्द शुरू होगी नई योजना, कृषि क्षेत्र में बढ़ेंगे रोजगार के अवसर 

PM Dhan-Dhanya Yojana 2025 : सरकार की ओर से किसानों को ट्रैक्टर (Tractor) और पंप सेट (Pump Set) के लिए आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। इसके लिए केंद्र सरकार की ओर से जल्द नई योजना शुरू की जाएगी। इस योजना की घोषणा हाल ही में वित्त मंत्री सीतारमण ने देश के केंद्रीय बजट 2025–26 (Union Budget 2025-26) में की है। वित्त मंत्री ने फसलों की उत्पादकता बढ़ाने और किसानों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से किसान पीएम धन–धान्य योजना (PM Dhan-Dhanya Yojana) शुरू करने का ऐलान किया है। इस योजना के तहत देश के उन 100 जिलों को कवर किया जाएगा जहां फसल उत्पादकता कम है। इससे देश के करीब 1.7 करोड़ किसान लाभान्वित होंगे। इस योजना से कृषि क्षेत्र में रोजगार के अवसर सृजित किए जाएंगे। 

पीएम धन-धान्य योजना के तहत कैसे मिलेगा लाभ

पीएम धन-धान्य योजना (PM Dhan-Dhanya Yojana) के तहत किसानों को कृषि उपकरण, बीज और उर्वरक के लिए आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। इस योजना के तहत भंडारण और सिंचाई की सुविधा विकसित की जाएगी। इस योजना के तहत किसानों को उच्च क्वालिटी के बीज उपलब्ध कराए जाएंगे और फसल की पैदावार को बढ़ाने के लिए उर्वरक की आपूर्ति की जाएगी। वित्त मंत्री ने कहा कि इसके तहत किसानों को ट्रैक्टर, पंप सेट आदि के लिए आर्थिक सहायता दी जाएगी। इस योजना का लाभ प्रमुख रूप से सीमांत किसानों को प्रदान किया जाएगा। 

सूक्ष्म सिंचाई योजना के तहत अभी पंप सेट पर कितनी मिलती है आर्थिक सहायता

सरकार की ओर से किसानों को सूक्ष्म सिंचाई योजना (Micro Irrigation Scheme) के तहत सिंचाई के लिए पंप सेट की खरीद पर 10,000 रुपए या पंप सेट की लागत का अधिकतम 55 प्रतिशत जो भी कम हो, सब्सिडी दी जाती है। सूक्ष्म सिंचाई के तहत किसानों को ड्रिप व स्प्रिंकलर सिंचाई सिस्टम (Drip and Sprinkler Irrigation Systems) के लिए अनुदान मिलता है। इससे खेती में पानी की बचत होती है। सूक्ष्म सिंचाई के तहत छोटे व सीमांत किसानों को 55 प्रतिशत सब्सिडी (Subsidy) दी जाती है। वहीं अन्य किसानों को 45 प्रतिशत सब्सिडी मिलती है। 

किसानों को ट्रैक्टर के लिए कितना मिलता है अनुदान

यदि बात की जाए किसानों को ट्रैक्टर पर अनुदान या सब्सिडी (Tractor Subsidy) की तो यह सब्सिडी अलग–अलग राज्यों में अलग–अलग किसानों को प्रदान की जाती है। यदि बात की जाए असम की तो यहां की सरकार पात्र किसानों को ट्रैक्टर खरीदने के लिए मुख्यमंत्री समग्र ग्राम्य उन्नयन योजना के तहत 70 प्रतिशत तक की सब्सिडी (Subsidy) देती है। यदि बात की जाए राजस्थान की तो यहां किसानों को ट्रैक्टर सहित अन्य खेती के उपकरण खरीदने के लिए 50 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जाती है। इसके तहत ट्रैक्टर के अलावा सीड ड्रिल, सीड कम फर्टिलाइजर ड्रिल, डिस्क हैरो, मल्टीक्रॉप थ्रेसर, डिस्क प्लाऊ, रोटावेटर, रिज फैरो प्लांट, ऑपरेटेड रिपर, चिजल प्लाऊ आदि कृषि यंत्रों पर अनुदान दिया जाता है। इसी प्रकार मध्यप्रदेश में मैक्रो मैनेजमेंट स्कीम के तहत छोटे किसानों को ट्रैक्टर खरीदने पर 20 से 50 प्रतिशत तक सब्सिडी (Subsidy) दी जाती है। यह योजना केंद्र सरकार के सहयोग से चलाई जा रही है। उत्तर प्रदेश में किसानों को ट्रैक्टर खरीदने के लिए कुल लागत का 25 प्रतिशत व अधिकतम 45,000 रुपए का अनुदान प्रदान किया जाता है। वहीं राष्ट्रीय बागवानी मिशन (National Horticulture Mission) के तहत  प्रदेश के कुछ जिलों में किसानों को ट्रैक्टर की खरीद पर एक लाख रुपए तक का अनुदान दिया जाता है। यह सब्सिडी 20 एचपी तक के ट्रैक्टर के लिए मिलती है। इससे अधिक एचपी के ट्रैक्टर पर नहीं मिलती है। ट्रैक्टर व कृषि यंत्रों पर सब्सिडी देने के पीछे सरकार की उद्देश्य छोटे किसानों को आधुनिक कृषि यंत्रों (Modern Agricultural Machinery) का खेती में इस्तेमाल करने के लिए प्रोत्साहित करना है। 

कृषि क्षेत्र में रोजगार बढ़ाने के लिए शुरू होगी एक और नई योजना

ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार की समस्या और कम आमदनी के कारण हो रहे पलायन को रोकने के लिए केंद्र सरकार की ओर से ग्रामीण संपन्नता और अनुकूलता कार्यक्रम शुरू किया जाएगा। इसका ऐलान हाल ही में वित्त मंत्री सीतरामण ने बजट 2025 (Budget 2025) में किया है। वित्त मंत्री के मुताबिक राज्यों की भागीदारी से एक व्यापक बहु-क्षेत्रीय ग्रामीण संपन्नता और अनुकूलता कार्यक्रम प्रारंभ किया जाएगा। इससे कौशल, निवेश, प्रौद्योगिकी के जरिये कृषि में कम रोजगार की समस्या का समाधान होगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था में वृद्धि की जाएगी। इस कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर पैदा करना है ताकि पलायन विकल्प हो न कि अनिवार्यता। वित्त मंत्री के अनुसार यह कार्यक्रम ग्रामीण महिलाओं, युवा किसानों, ग्रामीण युवाओं, लघु काश्तकारों व छोटे किसानों तथा भूमिहीन परिवारों के कल्याण पर केंद्रित होगा। यह कार्यक्रम उद्यम विकास की गति को उत्प्रेरित करने, ग्रामीण महिलाओं के लिए रोजगार एवं वित्तीय स्वतंत्रता, युवा किसानों और ग्रामीण युवाओं के लिए नए रोजगार और व्यवसाय उत्पन्न करने, उत्पादन बढ़ाने और भंडारण संबंधी कृषि आधुनिकीकरण में सहायक होगा। इस योजना के पहले चरण में 100 विकासशील कृषि जिलों को शामिल किया जाएगा।

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