ट्रैक्टर, पावर टिलर सहित सभी प्रकार के कृषि यंत्रों पर सब्सिडी के लिए ऐसे करें आवेदन
प्रकाशित - 09 Nov 2025 by Vivek Tailang
जानें, ई-कृषि यंत्र अनुदान पोर्टल पर आवेदन की प्रक्रिया और ध्यान रखने योग्य बातें
किसानों की आय बढ़ाने और कृषि को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने के लिए सरकार लगातार नई योजनाएं लागू कर रही है। खेती में मशीनों के उपयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से अब किसानों को ट्रैक्टर, पावर टिलर, सिंचाई पंप और अन्य आधुनिक कृषि यंत्रों (उपकरणों) की खरीद पर अनुदान (सब्सिडी) दिया जा रहा है। इसके लिए किसानों को ई-कृषि यंत्र अनुदान पोर्टल पर पंजीकरण कर आवेदन करना होगा। इस योजना के तहत किसान अपनी पात्रता के अनुसार ट्रैक्टर, पावर टिलर सहित शक्ति चालित एवं स्वचलित कृषि यंत्रों पर सब्सिडी प्राप्त कर सकते हैं। इतना ही नहीं, बिजली या डीजल से चलने वाले सिंचाई पंप, ड्रिप सिस्टम, स्प्रिंकलर, रेनगन और सिंचाई पाइपलाइन पर भी अनुदान की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।
कैसे कराएं ई–कृषि यंत्र अनुदान योजना में रजिस्ट्रेशन
उप संचालक, किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग, अनूपपुर (मध्यप्रदेश) के अनुसार किसान ई-कृषि यंत्र पोर्टल पर आसानी से रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। इसके लिए दो विकल्प दिए गए हैं जिसमें पहला, आधार आधारित फिंगरप्रिंट स्कैनर के माध्यम से पंजीकरण और दूसरा आधार कार्ड और स्वयं की फोटो अपलोड करके ऑनलाइन पंजीकरण। पंजीकरण के दौरान किसान को एक घोषणा पत्र भी देना होता है, जिसमें यह उल्लेख करना आवश्यक है कि उसे पिछले वर्षों में निर्धारित अवधि में किसी अन्य योजना के तहत अनुदान का लाभ नहीं मिला है। पंजीकरण पूरा होते ही किसान के मोबाइल नंबर पर एक एसएमएस सूचना और एक विशेष कोड प्राप्त होता है। इस कोड के माध्यम से किसान अधिकृत विक्रेताओं की सूची देख सकता है और अपनी पसंद का यंत्र चुन सकता है।
कैसे करें विक्रेता का चयन और क्या है उपकरण खरीद की समय सीमा
पंजीकरण पूरा होने के बाद किसान को अपने जिले या आसपास के क्षेत्र में उपलब्ध अधिकृत विक्रेताओं की सूची पोर्टल पर दिखाई देगी। किसान इस सूची में से अपनी सुविधा के अनुसार किसी भी विक्रेता का चयन कर सकता है। चयनित विक्रेता के पास जाकर किसान अपने आवेदन का प्रिंट आउट और विशेष कोड दिखाकर उपकरण की खरीद प्रक्रिया शुरू कर सकता है। इस बात ध्यान रहे कि पंजीकरण के बाद उपकरण खरीदने की अधिकतम समय सीमा 10 दिन निर्धारित की गई है। यदि किसान इस अवधि में उपकरण नहीं खरीदता है, तो उसका पंजीकरण अपने आप निरस्त हो जाएगा और वह अगले छह महीने तक आवेदन के लिए अपात्र रहेगा।
किसान एक वर्ष में कितने उपकरणों पर ले सकते हैं सब्सिडी का लाभ
ई-कृषि यंत्र पोर्टल के दिशा-निर्देशों के अनुसार किसान एक वर्ष में अधिकतम दो कृषि यंत्रों या उपकरणों पर ही अनुदान प्राप्त कर सकते हैं। एक ही प्रकार के उपकरण की पुनः खरीद के लिए निश्चित समय अंतराल निर्धारित किया गया है। स्वचलित और शक्ति चालित पंपों की दोबारा खरीद पर अनुदान का लाभ 5 वर्ष बाद मिलेगा। वहीं सिंचाई पंप, ड्रिप सिस्टम, स्प्रिंकलर, रेनगन और पाइपलाइन के लिए यह अवधि 7 वर्ष रखी गई है। यदि किसान ट्रैक्टर चालित यंत्र खरीदना चाहते हैं, तो उनके पास उपयुक्त हार्स पावर का ट्रैक्टर होना जरूरी है।
पहले आओ पहले पाओ के आधार पर मिलेगा लाभ
कृषि विभाग के अनुसार, ई-कृषि यंत्र पोर्टल पर आवेदन करने वाले किसानों को अनुदान का लाभ “पहले आओ, पहले पाओ” के सिद्धांत पर दिया जाएगा। इसका अर्थ है कि जो किसान पहले पंजीकरण करेंगे और निर्धारित शर्तें पूरी करेंगे, उन्हें पहले लाभ मिलेगा। यह व्यवस्था पूरी तरह पारदर्शी और डिजिटल है, ताकि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या देरी से बचा जा सके। किसानों को उनके पंजीकृत मोबाइल नंबर पर हर चरण की जानकारी एसएमएस के माध्यम से दी जाएगी।
कृषि उपकरणों से बढ़ेगी उत्पादकता
कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि आधुनिक उपकरणों के प्रयोग से खेती में न केवल समय की बचत होती है, बल्कि उत्पादन भी बढ़ता है। सरकार की इस पहल से छोटे और सीमांत किसानों को तकनीकी साधनों तक पहुंच आसान होगी और वे कम लागत में अधिक लाभ कमा सकेंगे। यह योजना खेती को मशीन आधारित और आधुनिक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। आने वाले समय में इस पोर्टल के माध्यम से लाखों किसान आधुनिक कृषि उपकरणों का उपयोग कर अपनी उत्पादकता और आमदनी दोनों बढ़ा सकेंगे। बता दें कि ई-कृषि यंत्र पोर्टल किसानों के लिए एक बड़ा डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जो उन्हें सरकारी सब्सिडी का सीधा लाभ दिलाता है। यदि आप मध्यप्रदेश के किसान है और खेती में ट्रैक्टर, पावर टिलर, या अन्य यंत्र खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो ई–कृषि यंत्र अनुदान पोर्टल पर जल्द से जल्द पंजीकरण करें और योजना का लाभ उठाएं। योजना की अधिक जानकारी के लिए अपने जिले के कृषि विभाग से संपर्क करें।
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