बाजरा में नई आवक शुरू, भाव ₹2,150 से ₹2,400 तक, आगे तेजी की उम्मीद कितनी?
प्रकाशित - 14 Sep 2026 by Vivek Tailang
राजस्थान-गुजरात में नई आवक बढ़ने से बाजार पर दबाव, कमजोर मांग और सीमित बिक्री के बीच बाजरा के भाव स्थिर से नरम
बाजरा बाजार में नई फसल की आवक शुरू हो गई है। राजस्थान में नई आवक बढ़ने लगी है, लेकिन बारिश के कारण फसल की क्वालिटी और मंडी में पहुंच प्रभावित होने से बाजार में अभी पूरी तरह से दबाव नहीं बना है। वहीं, कमजोर खरीद और सीमित बिक्री के बीच प्रमुख मंडियों में बाजरा के भाव स्थिर से हल्की नरमी के साथ कारोबार कर रहे हैं। 14 सितंबर 2026 की साप्ताहिक बाजार रिपोर्ट के अनुसार, देश की प्रमुख मंडियों में बाजरा का भाव करीब ₹2,150 से ₹2,400 प्रति क्विंटल के बीच दर्ज किया गया।
प्रमुख मंडियों में बाजरा के क्या भाव रहे
साप्ताहिक रिपोर्ट के अनुसार, प्रमुख बाजरा उत्पादक राज्यों की मंडियों में भाव इस प्रकार से रहे:
| राज्य | मंडी | अधिकतम भाव |
|---|---|---|
| राजस्थान | सादुलपुर | ₹2,400/क्विंटल |
| हरियाणा | हिसार | ₹2,380/क्विंटल |
| हरियाणा | नरवाना | ₹2,375/क्विंटल |
| हरियाणा | भिवानी | ₹2,370/क्विंटल |
| हरियाणा | उचाना | ₹2,275/क्विंटल |
| हरियाणा | सिरसा | ₹2,225/क्विंटल |
| हरियाणा | दादरी | ₹2,250/क्विंटल |
| उत्तर प्रदेश | मथुरा | ₹2,200/क्विंटल |
| उत्तर प्रदेश | एटा | ₹2,150/क्विंटल |
| महाराष्ट्र | अमलनेर | ₹2,375/क्विंटल |
| गुजरात | राजकोट | ₹2,500/क्विंटल* |
| गुजरात | हिम्मतनगर | ₹2,550/क्विंटल* |
नोट: राजकोट और हिम्मतनगर के भाव रिपोर्ट में 100 किलो के हिसाब से दिए गए हैं। इसलिए इन्हें क्विंटल के भाव में दर्शाया गया है। राजकोट में 100 किलो का भाव ₹2,100–₹2,500 और हिम्मतनगर में ₹2,325–₹2,550 रहा।
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नई आवक और बारिश का बाजार पर असर
रिपोर्ट के मुताबिक राजस्थान में नई बाजरा फसल की आवक शुरू हो गई है। हालांकि बारिश के कारण फसल की कटाई और मंडी में पहुंच प्रभावित हो रही है। आने वाले 2-4 दिनों में अच्छी बारिश होने पर नई फसल की आवक और धीमी हो सकती है। इससे शुरुआती दौर में बाजार को सहारा मिल सकता है। वहीं, बाजार में मांग अभी बहुत मजबूत नहीं है। सप्ताह के दौरान आवक बढ़ने के कारण प्रमुख मंडियों में बाजरा के भाव स्थिर से हल्की नरमी के साथ कारोबार करते रहे। गुजरात में भी आवक कम रहने और कारोबार सीमित होने की स्थिति बनी हुई है। ऐसे में बाजार की अगली दिशा काफी हद तक नई फसल की आवक और खरीदारी की रफ्तार पर निर्भर करेगी।
ग्लोबल ट्रेड में भारतीय बाजरा की मांग
वैश्विक बाजार की बात करें तो मिलेट्स की मांग धीरे-धीरे बढ़ रही है और भारत इस कारोबार में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। एपीडा के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में भारत से कुल मिलेट्स का निर्यात 1.3869 लाख टन रहा, जिसका मूल्य करीब ₹543.40 करोड़ यानी 61.57 मिलियन डॉलर था। भारत के प्रमुख मिलेट निर्यात बाजारों में संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), सऊदी अरब, नेपाल, अमेरिका और मोरक्को शामिल रहे। बाजरा भारत के प्रमुख मिलेट्स में शामिल है। एपीडा के अनुसार 2024-25 में भारत में श्री अन्न/न्यूट्री अनाज का उत्पादन करीब 18.59 मिलियन टन रहा। इसमें राजस्थान सबसे बड़ा उत्पादक राज्य रहा, जिसकी हिस्सेदारी करीब 29.86 प्रतिशत थी। इसके बाद महाराष्ट्र, कर्नाटक, उत्तर प्रदेश, गुजरात और हरियाणा जैसे राज्य प्रमुख उत्पादक हैं। बाजरा के लिए वैश्विक बाजार की संभावनाएं इसलिए भी महत्वपूर्ण हैं क्योंकि भारत से बाजरा और उसके मूल्यवर्धित उत्पादों की मांग खाड़ी देशों सहित कई बाजारों में बनी हुई है। एपीडा के आंकड़ों में 2023-24 में बाजरा (बीज के अलावा) का निर्यात 63,278 टन और निर्यात मूल्य करीब 23.75 मिलियन डॉलर दर्ज किया गया था।
आगे क्या रह सकता है बाजरे को लेकर बाजार का रुख
आने वाले दिनों में बाजरा बाजार की दिशा नई फसल की आवक, बारिश और खरीदारी पर निर्भर रहेगी। यदि राजस्थान और गुजरात में आवक तेजी से बढ़ती है तो भावों पर दबाव बन सकता है। दूसरी ओर, बारिश के कारण आवक धीमी रहती है और व्यापारिक मांग में सुधार आता है तो मौजूदा भावों को सहारा मिल सकता है। फिलहाल प्रमुख मंडियों में ₹2,150 से ₹2,400 प्रति क्विंटल का भाव दायरा देखने को मिल रहा है। नई फसल की आवक बढ़ने के बाद बाजार की वास्तविक स्थिति और साफ होगी। ऐसे में किसानों और व्यापारियों के लिए आवक, क्वालिटी और स्थानीय मांग को ध्यान में रखकर ही बाजरा की बिक्री या खरीद का निर्णय लेना उचित रहेगा।
“बाजरा का भाव ₹2,150 से ₹2,400 तक और आगे क्या रहेगा बाजार का रुख ” के संबंध में पूछे जानेे वाले सवाल और उनके जवाब (FAQs)
प्रश्न 1. प्रमुख मंडियों में बाजरा के क्या भाव रहे?
उत्तर: प्रमुख मंडियों में बाजरा के भाव करीब ₹2,150 से ₹2,400 प्रति क्विंटल तक रहे। राजस्थान की सादुलपुर मंडी में सबसे अधिक ₹2,400 प्रति क्विंटल का भाव दर्ज किया गया।
प्रश्न 2. बाजरा की नई आवक का बाजार पर क्या असर पड़ रहा है?
उत्तर: नई फसल की आवक शुरू होने से बाजार में आपूर्ति बढ़ रही है, जिससे भावों पर दबाव बन सकता है। हालांकि बारिश के कारण आवक प्रभावित होने से बाजार को कुछ सहारा मिल रहा है।
प्रश्न 3. राजस्थान में बाजरा की नई आवक कैसी है?
उत्तर: राजस्थान में नई बाजरा फसल की आवक शुरू हो गई है। आने वाले दिनों में मौसम और कटाई की स्थिति के अनुसार आवक बढ़ सकती है।
प्रश्न 4. क्या ग्लोबल ट्रेड से भारतीय बाजरा को फायदा मिल सकता है?
उत्तर: हां, वैश्विक स्तर पर मिलेट्स की मांग बढ़ने से भारतीय बाजरा और इसके उत्पादों के निर्यात की संभावनाएं मजबूत हो सकती हैं। यूएई, सऊदी अरब, नेपाल, अमेरिका और मोरक्को भारत के प्रमुख मिलेट्स निर्यात बाजारों में शामिल हैं।
प्रश्न 5. आने वाले दिनों में बाजरा के भाव किस दिशा में जा सकते हैं?
उत्तर: बाजरा के भाव की दिशा नई फसल की आवक, बारिश, गुणवत्ता और बाजार में मांग पर निर्भर करेगी। आवक धीमी और मांग मजबूत रहने पर भावों को सहारा मिल सकता है, जबकि आवक तेजी से बढ़ने पर दबाव बन सकता है।
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