यूरिया की किल्लत के बीच राहत भरी खबर, 45 रैक यूरिया और भेजेगी सरकार
प्रकाशित - 28 Aug 2025 by Tractor Junction
खरीफ सीजन में किसानों को नहीं होगी खाद की कमी, हर जिले के किसान को मिलेगी यूरिया
The Government will Send 45 More Racks of Urea to These Districts : किसानों के लिए राहत भरी खबर है। खरीफ सीजन में धान, मक्का और अन्य प्रमुख फसलों की बुआई व देखभाल के लिए जरूरी यूरिया खाद की उपलब्धता को लेकर जो चिंता बनी हुई थी, उसे दूर करने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। प्रदेश के कृषि मंत्री ने जानकारी दी है कि राज्य में किसानों को पर्याप्त मात्रा में यूरिया, डीएपी, एनपीके जैसे उर्वरक उपलब्ध कराए जा रहे हैं और इसके लिए राज्य सरकार ने भारत सरकार से मिलकर कई रणनीतिक प्रयास किए हैं।
45 रैक यूरिया और भेजी जाएगी, जल्द होगी डिलीवरी
यूपी के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने बताया कि 1 अगस्त से 24 अगस्त 2025 तक 268 यूरिया रैक उत्तर प्रदेश के लिए डिस्पैच की गई हैं, जिनमें से 223 रैक पहले ही राज्य में पहुंच चुकी हैं। शेष 45 रैक यूरिया अभी रास्ते में हैं और आने वाले 3–4 दिनों के भीतर इन्हें विभिन्न जिलों में पहुंचा दिया जाएगा। इससे यह सुनिश्चित होगा कि किसानों को खरीफ सीजन के दौरान उर्वरकों की कोई कमी न हो।
अभी किन जिलों को भेजी गई यूरिया
24 और 25 अगस्त को ही 20 यूरिया रैक भेजी गई हैं, जो प्रदेश के अयोध्या, जौनपुर, गोंडा, प्रयागराज, बाराबंकी, रायबरेली, बिजनौर, मुजफ्फरनगर, बलरामपुर, संतकबीर नगर, सुल्तानपुर, लखीमपुर खीरी, अमेठी, मिर्जापुर और वाराणसी सहित कई जिलों में वितरित की जाएंगी। यह आपूर्ति राज्य के किसानों की दैनिक खपत के अनुरूप 10 से 12 रैक प्रतिदिन के हिसाब से भेजी जा रही है।
प्रदेश में वर्तमान में कितनी है खाद की उपलब्धता
मंत्री के मुताबिक इस समय प्रदेश में खाद की कोई गंभीर कमी नहीं है। सहकारिता और निजी क्षेत्र के गोदामों में पहले से ही 5.72 लाख मीट्रिक टन यूरिया, 4.06 लाख मीट्रिक टन डीएपी, और 2.98 लाख मीट्रिक टन एनपीके उपलब्ध है। इसका मतलब है कि किसानों को जरूरत के अनुसार खाद मिलती रहेगी।
कालाबाजारी और ओवर रेटिंग पर सख्त कार्रवाई
सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि उर्वरकों की कालाबाजारी, ओवर रेटिंग और टैगिंग किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस पर लगातार प्रवर्तन कार्रवाई की जा रही है। अब तक 12,653 छापे डाले गए हैं, 3,385 नमूने लिए गए हैं,10,471 नमूनों का विश्लेषण किया गया है, 35 नमूने अमानक पाए गए हैं, 122 चेतावनियां जारी की गई हैं, 15 दुकानों की बिक्री प्रतिबंधित, 12 दुकानें सील, 1,196 लाइसेंस निरस्त और 571 लाइसेंस निलंबित किए गए हैं। इतना ही नहीं, 111 प्राथमिकी दर्ज की गईं और 11 लोगों को जेल भी भेजा गया है।
किसान निर्धारित मूल्य पर करें खाद की खरीद
कृषि मंत्री ने किसानों से अपील की है कि वे केवल नजदीकी अधिकृत बिक्री केंद्रों से ही उर्वरक खरीदें और यह सुनिश्चित करें कि उन्हें MRP (नियंत्रित मूल्य) पर ही खाद मिले। उन्होंने बताया कि भारत यूरिया या भारत डीएपी जैसे ब्रांड नाम कई बोरियों पर एक जैसे दिखते हैं, जिससे भ्रम की स्थिति बन सकती है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे ब्रांड के नाम को लेकर भ्रमित न हों और केवल प्रमाणित विक्रेताओं से ही खाद खरीदें।
उर्वरकों का पहले से स्टॉक न करें किसान
सरकार ने यह भी आग्रह किया है कि कोई भी किसान खाद का पूर्व भंडारण न करें, ताकि सभी किसानों को उनकी आवश्यकता के अनुसार समय पर खाद मिल सके। साथ ही फसल की सिफारिश के अनुसार ही खाद का उपयोग करें ताकि अधिकतम उत्पादन सुनिश्चित किया जा सके। बता दें कि UP सरकार और केंद्र सरकार दोनों मिलकर किसानों को यूरिया खाद की आपूर्ति सुनिश्चित करने में जुटे हुए हैं। आने वाले दिनों में 45 रैक यूरिया की आपूर्ति से उन किसानों को बड़ी राहत मिलेगी जो बुआई और रोपाई के बाद पौधों को पोषण देने के लिए खाद की तलाश में थे। साथ ही सरकार द्वारा कालाबाजारी और जमाखोरी के खिलाफ की जा रही सख्त कार्रवाई भी इस बात का संकेत है कि किसानों को निर्धारित मूल्य पर गुणवत्तापूर्ण खाद मिलती रहेगी।
इस समय क्या है यूरिया व डीएपी का सरकारी रेट
किसानों को सरकारी सब्सिडी पर यूरिया व डीएपी उपलब्ध कराई जाती है। सरकार द्वारा सब्सिडी दिए जाने के बाद किसान को यह 45 किलो बैग यूरिया 266.50 रुपए प्रति बैग पड़ती है। जबकि यूरिया के 45 किलो बैग की वास्तविक लागत करीब 2,174 रुपए प्रति बैग है। इसी प्रकार डीएपी की सरकार दर 1350 रुपए प्रति 50 किलो बैग है। इस मूल्य पर किसानों को उपलब्ध कराने के लिए सरकार ने Nutrient-Based Subsidy (NBS) के तहत 21,911 रुपए प्रति टन और एक अतिरिक्त विशेष पैकेज के रूप में 3,500 रुपए प्रति टन की सब्सिडी जारी की है।
किसानों के लिए यूरिया व डीएपी रेट 2025–26
- यूरिया रेट : 266.50 प्रति बोरी (एक बोरी में 45 किलोग्राम यूरिया)
- डीएपी रेट : 1350 रुपए प्रति बैग (एक बैग में 50 किलोग्राम डीएपी)
यूरिया की उपलब्धता के विषय में अधिक जानकारी के लिए कहां करें संपर्क
अपने क्षेत्र में खाद की उपलब्धता और वितरण की जानकारी के लिए नजदीकी कृषि विक्रेता या कृषि विभाग कार्यालय से संपर्क करें। किसी भी शिकायत, ओवररेटिंग या कालाबाजारी की सूचना के लिए टोल-फ्री नंबर 1800-180-1551 पर तुरंत जानकारी दें। याद रखें कि उर्वरक केवल अधिकृत बिक्री केंद्रों से ही निर्धारित मूल्य पर खरीदें। बोरियों पर भारत यूरिया या भारत डीएपी जैसे नामों को देखकर भ्रमित न हों, सिर्फ पंजीकृत ब्रांड और सही विक्रेता से ही खाद लें। अनावश्यक भंडारण से बचें ताकि सभी किसानों को उनकी जरूरत के अनुसार खाद मिल सके।
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