अब चना-मसूर बेचने पर मिलेगा फायदा! 3,174 करोड़ की खरीद को मंजूरी
प्रकाशित - 12 Apr 2026 by Vivek Tailang
मंडी शुल्क में छूट, 3 साल तक किसानों को मिलेगा सीधा लाभ
मध्यप्रदेश के किसानों के लिए बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। भोपाल में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में आयोजित राज्य कैबिनेट बैठक में चना और मसूर की सरकारी खरीद को लेकर अहम फैसला लिया गया है। कैबिनेट ने चालू वित्त वर्ष सहित अगले तीन वर्षों के लिए कुल 3,174 करोड़ रुपये की राशि मंजूर की है। यह निर्णय रबी मार्केटिंग सीजन 2026-27, 2027-28 और 2028-29 को ध्यान में रखते हुए लिया गया है, जिससे दलहन उत्पादक किसानों को बेहतर मूल्य समर्थन मिल सके।
सरकार के इस फैसले का उद्देश्य किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर उनकी उपज बेचने में सुविधा प्रदान करना और बाजार में संभावित मूल्य गिरावट से उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना है। इससे खासतौर पर चना और मसूर उत्पादक किसानों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।
किसानों को मंडी शुल्क में मिलेगी छूट
राज्य सरकार ने किसानों को अतिरिक्त राहत देते हुए चना और मसूर की खरीद पर मंडी शुल्क में छूट देने का भी निर्णय लिया है। इससे किसानों की लागत कम होगी और उन्हें अपनी उपज बेचने पर अधिक लाभ मिलेगा। यह खरीद भारत सरकार की प्राइस सपोर्ट स्कीम (PSS) के तहत की जाएगी, जिसके लिए मध्यप्रदेश राज्य सहकारी विपणन संघ को जिम्मेदारी सौंपी गई है। योजना के अनुसार, चना के कुल उत्पादन का 25 प्रतिशत और मसूर की 100 प्रतिशत तक खरीद की जाएगी। यह कदम दलहन उत्पादन को बढ़ावा देने और किसानों को बाजार जोखिम से बचाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
Popular Tractors
हर साल 1,058 करोड़ की व्यवस्था
कैबिनेट ने इस योजना को प्रभावी रूप से लागू करने के लिए कार्यशील पूंजी के प्रबंधन को भी मंजूरी दी है। अनुमानित 7,050 करोड़ रुपये की लागत के 15 प्रतिशत हिस्से के बराबर राशि की व्यवस्था की जाएगी। इसके तहत हर साल 1,058 करोड़ रुपये की शासकीय गारंटी या अग्रिम राशि उपलब्ध कराई जाएगी। सरकार का मानना है कि इस व्यवस्था से खरीद प्रक्रिया सुचारू रूप से चलेगी और किसानों को समय पर भुगतान सुनिश्चित किया जा सकेगा। साथ ही इससे बाजार में मूल्य स्थिरता बनाए रखने में भी मदद मिलेगी।
किसानों को मिलेगा सीधा लाभ
इस फैसले से किसानों को कई स्तरों पर लाभ मिलने की उम्मीद है। एक ओर जहां उन्हें एमएसपी (MSP) पर उपज बेचने का अवसर मिलेगा, वहीं मंडी शुल्क में छूट के कारण अतिरिक्त आर्थिक राहत भी प्राप्त होगी। विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह की सरकारी खरीद योजनाएं किसानों को बाजार के उतार-चढ़ाव से बचाने में मदद करती हैं और उनकी आय को स्थिर बनाए रखने में सहायक होती हैं। इससे दलहन उत्पादन को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है, जो देश की खाद्य सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है।
कैबिनेट में अन्य बड़े फैसले
कैबिनेट बैठक में केवल कृषि ही नहीं, बल्कि विकास और जनकल्याण से जुड़े कई अन्य महत्वपूर्ण फैसले भी लिए गए। राज्य सरकार ने विभिन्न योजनाओं के लिए कुल 16,720 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है। भोपाल में वित्तीय प्रशिक्षण एवं शोध संस्थान (FTRI) की स्थापना का निर्णय लिया गया, जिससे प्रशासनिक और वित्तीय कार्यों में पारदर्शिता और दक्षता बढ़ेगी। शिक्षा क्षेत्र में आरटीई के तहत फीस प्रतिपूर्ति, पीएमश्री स्कूल योजना और कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थियों के लिए मुफ्त पाठ्यपुस्तकों के लिए भी बजट स्वीकृत किया गया है।
इंफ्रास्ट्रक्चर और सामाजिक योजनाओं को बढ़ावा
इसके अलावा, वन क्षेत्रों के संरक्षण और पुनर्स्थापना के लिए 5,215 करोड़ रुपये, वाणिज्यिक कर विभाग की योजनाओं के लिए 2,952 करोड़ रुपये और उज्जैन हवाई पट्टी के विस्तार के लिए 590 करोड़ रुपये को मंजूरी दी गई है। साथ ही अनुसूचित जाति के छात्रों के लिए छात्रावास योजना में मासिक सहायता बढ़ाने और मंदसौर की सूक्ष्म सिंचाई परियोजना को भी स्वीकृति दी गई है। ये सभी फैसले राज्य के समग्र विकास और विभिन्न वर्गों को आर्थिक व सामाजिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।
ट्रैक्टर जंक्शन हमेशा आपको अपडेट रखता है। इसके लिए ट्रैक्टरों के नये मॉडलों और उनके कृषि उपयोग के बारे में एग्रीकल्चर खबरें प्रकाशित की जाती हैं। प्रमुख ट्रैक्टर कंपनियों महिंद्रा ट्रैक्टर, सोनालिका ट्रैक्टर आदि की मासिक सेल्स रिपोर्ट भी हम प्रकाशित करते हैं जिसमें ट्रैक्टरों की थोक व खुदरा बिक्री की विस्तृत जानकारी दी जाती है। अगर आप मासिक सदस्यता प्राप्त करना चाहते हैं तो हमसे संपर्क करें।
अगर आप नए ट्रैक्टर, पुराने ट्रैक्टर, कृषि उपकरण बेचने या खरीदने के इच्छुक हैं और चाहते हैं कि ज्यादा से ज्यादा खरीददार और विक्रेता आपसे संपर्क करें और आपको अपनी वस्तु का अधिकतम मूल्य मिले तो अपनी बिकाऊ वस्तु को ट्रैक्टर जंक्शन के साथ शेयर करें।
सर्टिफाइड पुराने ट्रैक्टर्स
ट्रैक्टर की प्राइस चेक करें