8वीं की छात्रा पूजा पाल ने तैयार किया धूल रहित थ्रेशर का अनोखा मॉडल, जापान में मिला इनोवेशन का सम्मान

किसानों को धूल से राहत देगा 'धूल रहित थ्रेशर', बाराबंकी की पूजा को मिली अंतरराष्ट्रीय पहचान

Unique Model of Dust Free Thresher :  कभी–कभी छोटी सी घटना हमारे जीवन को बदल देती है। ऐसा ही कुछ हुआ 8वीं की छात्रा पूजा पाल के साथ। उन्होंने थ्रेसर मशीन से निकलने वाली धूल को देखा तो उनके मन में विचार आया कि क्यूं न ऐसा थ्रेसर तैयार किया जाए जो किसानों को थ्रेसर से निकलने वाली धूल से छुटकारा दिला सके। इसी विचार ने उन्हें एक अनोखा थ्रेसर मॉडल तैयार करने के लिए प्रेरित किया। हम बात कर रहे हैं यूपी के बाराबंकी की 8वीं कक्षा में पढ़ने वाली छात्रा की, जिन्होंने वित्तीय अभाव के बावजूद 3,000 रुपए की लागत से एक ऐसा थ्रेसर मॉडल तैयार किया जो बिना धूल उड़ाए फसल कटाई का काम करता है। उनके इस इनोवेशन की चर्चा अब सब जगह हो रही है। खास बात यह है कि उनके इस इनोवेशन को जापान में सम्मान मिला है जिससे उनको अंतरराष्ट्रीय पहचान मिली है। 

कैसे काम करता है यह धूल रहित थ्रेशर (Dust-Free Thresher Machine)

पूजा पाल द्वारा बनाया गया यह मॉडल पारंपरिक थ्रेशर मशीन की तुलना में बेहद अनोखा है। सामान्यत: थ्रेशर से निकलने वाली धूल खेतों और उसके आसपास के इलाके को प्रभावित करती है, जिससे आंखों, फेफड़ों और त्वचा से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं। पूजा ने इस समस्या का समाधान तलाशते हुए एक पंखा और टिन की सहायता से ऐसा सिस्टम तैयार किया, जिसमें उड़ने वाली धूल एक थैले में एकत्रित हो जाती है और बिना धूल के थ्रेसर मशीन से काम पूरा हो जाता है। धूल रहित थ्रेशर (Dust-Free Thresher Machine) पर्यावरण के अनुकूल (Eco-Friendly Innovation) तो है ही, साथ ही किसानों और खेतों के पास रहने वाले लोगों के लिए भी बेहद उपयोगी साबित हो सकता है। यह कम लागत में तैयार कृषि उपकरण है जो भविष्य में छोटे किसानों के लिए गेमचेंजर हो सकता है। 

गरीब परिवार की बेटी बनी लाखों बच्चों की प्रेरणा

पूजा पाल का परिवार आर्थिक रूप से बेहद कमजोर है। उनके पिता पुत्तीलाल मजदूरी करते हैं, जबकि मां सुनीला देवी एक सरकारी स्कूल में रसोइया का काम करती हैं। उनके घर में बिजली, शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं हैं। पूजा 5 भाई-बहनों के साथ मिट्टी के घर में रहती हैं। इन तमाम कठिनाइयों के बीच पूजा ने पढ़ाई के साथ पशुओं की देखभाल और चारा काटने जैसे काम करते हुए यह मॉडल तैयार किया। उनकी यह मेहनत और अभिनव सोच (Innovative Thinking) आज लाखों बच्चों के लिए प्रेरणा बन गई है।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिली पहचान

पूजा का इनोवेटिव मॉडल जापान में आयोजित एक इनोवेशन इवेंट में प्रस्तुत किया गया, जहां इसे सादगी, कम लागत और उपयोगिता के लिए सराहा गया। वहां उपस्थित विशेषज्ञों ने पूजा के मॉडल को "सस्टेनेबल टेक्नोलॉजी इन फार्मिंग" (Sustainable Agriculture) की श्रेणी में बेमिसाल बताया। पूजा की इस उपलब्धि ने न सिर्फ उत्तर प्रदेश बल्कि पूरे भारत का मान बढ़ाया है। 

पूजा के परिवार को सरकारी सहायता का इंतजार

हालांकि पूजा की उपलब्धियों को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और नेताओं ने सहायता का आश्वासन दिया है, लेकिन अब तक पूजा के घर की छत से बारिश टपकती है और पढ़ाई के लिए स्थायी रोशनी का भी इंतजाम नहीं हो पाया है। पूजा के लिए बिजली कनेक्शन, पढ़ाई के संसाधन और आर्थिक सहायता की सख्त जरूरत है। वहीं पूजा पाल चाहती हैं कि वह आगे चलकर वैज्ञानिक बनें और समाज की सहायता करें। वह अपने गांव के बच्चों की भी पढ़ाई में मदद करना चाहती हैं। उनका मानना है कि विज्ञान का असली उपयोग तभी है जब वह आम आदमी के काम आए।

धूल रहित थ्रेसर मशीन एक अद्भुत उदाहरण

पूजा की कहानी हमें यह सिखाती है कि अगर इरादे मजबूत हों तो साधन कभी बाधा नहीं बनते। उन्होंने विज्ञान को समाजसेवा और किसान हितों से जोड़ने का एक अद्भुत उदाहरण पेश किया है। उनके द्वारा बनाई गई धूल रहित थ्रेशर मशीन (Dust Free Thresher Innovation) ना सिर्फ किसानों को राहत दे सकती है बल्कि पर्यावरण को भी सुरक्षित रख सकती है। ऐसे में सरकार और प्राइवेट स्टार्टअप्स को चाहिए कि ऐसे नवाचारों को प्रोत्साहित करें, पूजा जैसे बच्चों को तकनीकी सहायता, स्कॉलरशिप, पेटेंट और प्रोटोटाइप निर्माण की सुविधा प्रदान करें। इससे भारत में ग्रासरूट लेवल पर इनोवेशन कल्चर को बढ़ावा मिल सकेगा।

ट्रैक्टर जंक्शन हमेशा आपको अपडेट रखता है। इसके लिए ट्रैक्टरों के नये मॉडलों और उनके कृषि उपयोग के बारे में एग्रीकल्चर खबरें प्रकाशित की जाती हैं। प्रमुख ट्रैक्टर कंपनियों वीएसटी ट्रैक्टर, महिंद्रा ट्रैक्टर आदि की मासिक सेल्स रिपोर्ट भी हम प्रकाशित करते हैं जिसमें ट्रैक्टरों की थोक व खुदरा बिक्री की विस्तृत जानकारी दी जाती है। अगर आप मासिक सदस्यता प्राप्त करना चाहते हैं तो हमसे संपर्क करें।

अगर आप नए ट्रैक्टर, पुराने ट्रैक्टर, कृषि उपकरण बेचने या खरीदने के इच्छुक हैं और चाहते हैं कि ज्यादा से ज्यादा खरीददार और विक्रेता आपसे संपर्क करें और आपको अपनी वस्तु का अधिकतम मूल्य मिले तो अपनी बिकाऊ वस्तु को ट्रैक्टर जंक्शन के साथ शेयर करें।

सर्टिफाइड पुराने ट्रैक्टर्स

स्वराज 855 एक्स एम

48 एचपी | 2014 Model | देवास, मध्यप्रदेश

₹ 2,17,000
प्रमाणित
icon icon-phone-callविक्रेता से संपर्क करें
पॉवर ट्रैक 434 डीएस

35 एचपी | 2010 Model | देवास, मध्यप्रदेश

₹ 1,30,000
प्रमाणित
icon icon-phone-callविक्रेता से संपर्क करें
पॉवर ट्रैक यूरो 50

50 एचपी | 2021 Model | रायसेन, मध्यप्रदेश

₹ 3,51,150
प्रमाणित
icon icon-phone-callविक्रेता से संपर्क करें
मैसी फर्ग्यूसन 7250

46 एचपी | 2012 Model | अजमेर, राजस्थान

₹ 2,50,000
प्रमाणित
icon icon-phone-callविक्रेता से संपर्क करें

सभी देखें

ट्रैक्टर ऑफ़र जांचें
ट्रैक्टर की कीमत जानें