पीएम किसान सम्मान निधि योजना: सरकार ने 19 लाख किसानों की किस्त पर रोक लगाई
प्रकाशित - 07 Feb 2026 by Vivek Tailang
जानें, किस कारण से रोकी गई राशि और वंचित किसानों को अब क्या करना होगा
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-Kisan) योजना के तहत मिलने वाली आर्थिक सहायता से देश के करोड़ों किसान लाभान्वित हो रहे हैं, लेकिन योजना शुरू हुए कई वर्ष बीत जाने के बावजूद अब भी बड़ी संख्या में किसान किस्त से वंचित हैं। ताजा सरकारी आंकड़ों के अनुसार करीब 19 लाख किसान परिवारों की पीएम किसान सम्मान निधि की किस्त फिलहाल रोक दी गई है। इन किसानों को मिलने वाली वार्षिक 6,000 रुपये की सहायता राशि विभिन्न तकनीकी और दस्तावेजी कारणों से अटक गई है।
पीएम किसान सम्मान निधि की अगली किस्त आने वाली है, ऐसे में इस योजना से जुड़े किसानों के लिए यह जानना जरूरी हो जाता है कि उन्हें पीएम किसान योजना की अगली किस्त मिलेगी या नहीं।
किन किसानों की अटकी किस्तें
सरकार की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक उत्तर प्रदेश में कुल 19,04,105 किसान परिवार ऐसे हैं, जिनकी पीएम किसान योजना की किस्त फिलहाल लंबित है। अधिकारियों का कहना है कि भुगतान रोके जाने के पीछे मुख्य रूप से भूमि रिकॉर्ड, विरासत संबंधी जानकारी और लाभार्थी सत्यापन से जुड़ी विसंगतियां सामने आई हैं। इन खामियों को दूर किए बिना भुगतान जारी करना संभव नहीं है, क्योंकि इससे अपात्र लाभार्थियों को भी योजना का लाभ मिलने की आशंका रहती है।
किस्त अटकने का क्या है वजह
जारी सूचना के अनुसार किसानों की किस्त रुकने के पीछे कई प्रमुख कारण सामने आए हैं। सबसे बड़ी वजह यह है कि विरासत से खेती या कृषि भूमि प्राप्त करने वाले किसानों ने पंजीकरण के समय पूर्व भू-धारक का सही विवरण दर्ज नहीं कराया। इस श्रेणी में 13,61,760 किसान शामिल हैं। इसके अलावा, एक ही भूमि पर पूर्व और वर्तमान भू-स्वामी दोनों द्वारा योजना का लाभ लेने का मामला भी सामने आया है, जिससे 2,49,434 किसानों की किस्त रोकी गई है। वहीं, 01 फरवरी 2019 के बाद विरासत के अलावा अन्य स्रोतों से भूमि प्राप्त करने वाले 2,92,911 किसानों की जानकारी भी योजना की शर्तों से मेल नहीं खा रही है। इन्हीं विसंगतियों के चलते सरकार ने भुगतान अस्थायी रूप से रोकने का निर्णय लिया है।
किस्त पाने के लिए क्या करें किसान
सरकार ने प्रभावित किसानों से अपील की है कि वे जल्द से जल्द अपनी जानकारी सही कराएं। इसके लिए किसानों को pmkisan.gov.in पोर्टल पर जाकर “Update / Missing Information” विकल्प के माध्यम से अपने विवरण में सुधार करना होगा। इसके साथ ही किसान चाहें तो नजदीकी जन सेवा केंद्र (CSC) या अपने क्षेत्र के कृषि विभाग कार्यालय से भी सहायता ले सकते हैं। किसानों को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि उनका आधार कार्ड, बैंक खाता और भूमि रिकॉर्ड आपस में सही तरीके से जुड़े और सत्यापित हों। किसी भी तरह की त्रुटि पाए जाने पर भुगतान फिर से अटक सकता है।
किस्तों पर अस्थाई रोक, जानकारी सही होने पर मिलेगा योजना का लाभ
सरकार ने साफ शब्दों में कहा है कि पीएम किसान योजना को बंद नहीं किया गया है और न ही किसी पात्र किसान की राशि स्थायी रूप से रोकी गई है। जैसे ही किसानों की जानकारी सही पाई जाएगी, लंबित किस्तों का भुगतान स्वतः शुरू कर दिया जाएगा। प्रशासन की ओर से किसानों से अपील की गई है कि वे समय रहते अपने दस्तावेज और विवरण अपडेट करा लें, ताकि योजना का लाभ बिना किसी रुकावट के मिल सके।
किसान अधिक जानकारी के लिए कहां करें संपर्क
अधिक जानकारी या सहायता के लिए किसान अपने जनपदीय उप कृषि निदेशक कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं। सरकार का मानना है कि समय पर दस्तावेज सुधार होने से बड़ी संख्या में किसानों को योजना का लाभ दोबारा मिल सकेगा। ऐसे में किसान किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और समय रहते आवश्यक सुधार कराएं।
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