लाड़ली बहना योजना में नाम कटने की बढ़ी चिंता, 19 हजार महिलाओं के नाम हटाए

Share Product प्रकाशित - 25 Jul 2026 by Vivek Tailang

लाड़ली बहना योजना में नाम कटने की बढ़ी चिंता, 19 हजार महिलाओं के नाम हटाए

जानें लाड़ली बहना योजना की पात्रता शर्तें और एक जरूरी काम, जिससे किस्त मिलने में नहीं होगी परेशानी

मध्य प्रदेश की मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना को लेकर महिलाओं के बीच एक बार फिर चिंता बढ़ गई है। हाल ही में इंदौर जिले में योजना से 19 हजार से अधिक महिलाओं के नाम हटाए जाने की खबर सामने आई है। वहीं महाराष्ट्र में लाडकी बहिण योजना के तहत करीब 92 लाख लाभार्थियों के नाम पात्रता जांच के बाद सूची से हटाए जा चुके हैं। ऐसे में मध्य प्रदेश में भी बड़े स्तर पर वेरिफिकेशन अभियान शुरू होने की चर्चा तेज हो गई है। माना जा रहा है कि यदि पात्रता की शर्तें पूरी नहीं मिलीं तो कई अन्य महिलाओं के नाम भी योजना से हटाए जा सकते हैं।

फिलहाल प्रदेश में करीब 1.25 करोड़ महिलाओं को मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना के तहत हर महीने 1500 रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है। वर्ष 2023 में योजना शुरू होने के समय लाभार्थियों की संख्या 1.31 करोड़ से अधिक थी। ऐसे में जिन महिलाओं को अपने नाम कटने की आशंका है, उन्हें पात्रता की शर्तों और जरूरी औपचारिकताओं की जानकारी समय रहते जरूर कर लेनी चाहिए।

क्या आप लाड़ली बहना योजना की इन पात्रता शर्तों को पूरा करती हैं?

  • योजना का लाभ लेने के लिए महिला का मध्य प्रदेश का स्थायी निवासी होना जरूरी है। 
  • लाभार्थी की उम्र 21 वर्ष या उससे अधिक तथा 60 वर्ष से कम होनी चाहिए। 
  • योजना का लाभ विवाहित, विधवा, तलाकशुदा और परित्यक्ता महिलाएं ले सकती हैं। 
  • इसके अलावा परिवार की वार्षिक आय 2.5 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए। 
  • परिवार का कोई भी सदस्य आयकरदाता नहीं होना चाहिए। 
  • परिवार में कोई भी व्यक्ति सरकारी नौकरी में कार्यरत या सरकारी सेवा से सेवानिवृत्त होकर पेंशन प्राप्त करने वाला नहीं होना चाहिए। 
  • यदि किसी महिला को केंद्र या राज्य सरकार की किसी योजना से 1500 रुपये प्रतिमाह से अधिक पेंशन मिल रही है, तो वह इस योजना की पात्र नहीं होगी। 

लाड़ली बहना योजना योजना की अन्य शर्तें

  • महिला या उसके परिवार का कोई सदस्य वर्तमान या पूर्व सांसद अथवा विधायक नहीं होना चाहिए। 
  • परिवार का कोई सदस्य सरकार द्वारा मनोनीत बोर्ड, निगम, मंडल या उपक्रम का अध्यक्ष, संचालक या सदस्य भी नहीं होना चाहिए। 
  • इसके अलावा पंचायत स्तर पर पंच और उपसरपंच को छोड़कर अन्य निर्वाचित जनप्रतिनिधि भी पात्र नहीं हैं। 
  • वहीं परिवार के पास संयुक्त रूप से पांच एकड़ से अधिक कृषि भूमि होने पर भी योजना का लाभ नहीं मिलेगा।

ई– केवाईसी (e-KYC) नहीं कराया तो रुक सकती है किस्त

विशेषज्ञों के अनुसार केवल पात्रता शर्तें पूरी करना ही पर्याप्त नहीं है। यदि लाभार्थी ने समग्र पोर्टल पर e-KYC नहीं कराया है तो भी योजना की किस्त रुक सकती है या भविष्य में नाम सूची से हटाया जा सकता है। इसलिए जिन महिलाओं ने अभी तक e-KYC नहीं कराया है, उन्हें जल्द से जल्द यह प्रक्रिया पूरी कर लेनी चाहिए। 

कैसे करें ई–केवाईसी 

e-KYC के लिए सबसे पहले समग्र पोर्टल पर जाएं। वहां 'e-KYC करें' विकल्प पर क्लिक करें। इसके बाद अपनी समग्र आईडी और कैप्चा दर्ज करें। समग्र आईडी से जुड़े मोबाइल नंबर पर प्राप्त ओटीपी दर्ज करने के बाद आधार नंबर की सहायता से e-KYC की प्रक्रिया पूरी की जा सकती है। यह पूरी प्रक्रिया मोबाइल फोन से भी आसानी से की जा सकती है। 

इन कारणों से भी कट सकता है नाम

योजना के नियमों के अनुसार यदि किसी महिला की उम्र 60 वर्ष या उससे अधिक हो जाती है, तो उसे वृद्धावस्था पेंशन योजना का लाभ मिलने लगता है। ऐसी स्थिति में उसका नाम लाड़ली बहना योजना से हटाया जा सकता है। इसके अलावा यदि लाभार्थी का बैंक खाता आधार कार्ड से लिंक नहीं है, तो योजना की किस्त खाते में आने में परेशानी हो सकती है। इसलिए मध्यप्रदेश की उन महिलाओं को जो लाड़ली बहना योजना से जुड़ी हुई हैं, उन्हें अपने बैंक जाकर यह सुनिश्चित कर लेना चाहिए कि उनका बैंक खाता आधार से लिंक है और डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के लिए सक्रिय है।

समय रहते पूरी करें जरूरी औपचारिकताएं

यदि आप मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना का लाभ लगातार प्राप्त करना चाहती हैं, तो सबसे पहले अपनी पात्रता की सभी शर्तों की जांच करें। साथ ही समग्र पोर्टल पर e-KYC, आधार से लिंक बैंक खाता और अन्य जरूरी दस्तावेज अपडेट रखें। यदि भविष्य में सरकार की ओर से वेरिफिकेशन अभियान चलाया जाता है, तो सही दस्तावेज और पात्रता होने पर आपकी किस्त बिना किसी परेशानी के जारी रह सकती है।

लाडली बहना योजना में नाम काटे जाने के संबंध अक्सर पूछे जाने वाले सवाल और उनके जवाब (FAQs): 

प्रश्न न 1. लाड़ली बहना योजना से नाम किन कारणों से कट सकता है?

उत्तर: यदि महिला योजना की पात्रता शर्तों को पूरा नहीं करती, e-KYC नहीं कराती, 60 वर्ष की आयु पूरी कर लेती है, या बैंक खाता आधार से लिंक नहीं होता है, तो उसका नाम योजना से हटाया जा सकता है या किस्त रुक सकती है। 

प्रश्न 2. लाड़ली बहना योजना के लिए e-KYC कैसे करें? 

उत्तर: समग्र पोर्टल (samagra.gov.in) पर जाकर 'e-KYC करें' विकल्प चुनें। समग्र आईडी, ओटीपी और आधार नंबर की मदद से e-KYC की प्रक्रिया पूरी की जा सकती है। 

प्रश्न 3. लाड़ली बहना योजना के लिए आय सीमा कितनी है?

उत्तर: योजना का लाभ पाने के लिए परिवार की वार्षिक आय 2.5 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए।

प्रश्न 4. क्या 60 वर्ष की उम्र के बाद भी लाड़ली बहना योजना का लाभ मिलता है?

उत्तर: नहीं। 60 वर्ष की आयु पूरी होने पर महिला वृद्धावस्था पेंशन के दायरे में आ जाती है और सामान्यतः लाड़ली बहना योजना का लाभ बंद हो जाता है। 

प्रश्न 5. लाड़ली बहना योजना की किस्त बिना रुकावट पाने के लिए क्या करना जरूरी है?

उत्तर: योजना की सभी पात्रता शर्तों का पालन करें, समय पर e-KYC कराएं, बैंक खाते को आधार से लिंक रखें और समग्र पोर्टल पर अपनी जानकारी अपडेट रखें। इससे किस्त मिलने में परेशानी की संभावना कम रहती है।

ट्रैक्टर जंक्शन हमेशा आपको अपडेट रखता है। इसके लिए ट्रैक्टरों के नये मॉडलों और उनके कृषि उपयोग के बारे में एग्रीकल्चर खबरें प्रकाशित की जाती हैं। प्रमुख ट्रैक्टर कंपनियों महिंद्रा ट्रैक्टर, सोनालिका ट्रैक्टर आदि की मासिक सेल्स रिपोर्ट भी हम प्रकाशित करते हैं जिसमें ट्रैक्टरों की थोक व खुदरा बिक्री की विस्तृत जानकारी दी जाती है। अगर आप मासिक सदस्यता प्राप्त करना चाहते हैं तो हमसे संपर्क करें।

अगर आप नए ट्रैक्टर, पुराने ट्रैक्टर, कृषि उपकरण बेचने या खरीदने के इच्छुक हैं और चाहते हैं कि ज्यादा से ज्यादा खरीददार और विक्रेता आपसे संपर्क करें और आपको अपनी वस्तु का अधिकतम मूल्य मिले तो अपनी बिकाऊ वस्तु को ट्रैक्टर जंक्शन के साथ शेयर करें।

Call Back Button