ट्रैक्टर खरीदने पर किसान को मिले ₹4 लाख, जानें कैसे उठा सकते हैं आप भी लाभ
प्रकाशित - 16 Jul 2026 by Vivek Tailang
जानें योजना की पात्रता, आवेदन प्रक्रिया, जरूरी दस्तावेज और दूसरे किसान इस योजना का लाभ कैसे उठा सकते हैं
आधुनिक खेती में ट्रैक्टर और अन्य कृषि यंत्रों का उपयोग किसानों की लागत कम करने और समय पर खेती के काम पूरे करने के लिए बेहद जरूरी हो गया है। हालांकि, छोटे और सीमांत किसानों के लिए महंगे कृषि यंत्र खरीदना आसान नहीं होता। ऐसे किसानों की मदद के लिए सरकार कृषि यंत्रीकरण योजना के तहत ट्रैक्टर और अन्य कृषि यंत्रों की खरीद पर सब्सिडी उपलब्ध कराती है। हाल ही में छत्तीसगढ़ के सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के एक किसान को इस योजना के तहत ट्रैक्टर खरीदने पर ₹4 लाख की सब्सिडी मिली।
आइए जानते हैं इस किसान की सफलता की कहानी और यह भी कि दूसरे किसान इस योजना का लाभ कैसे उठा सकते हैं।
₹9.40 लाख के ट्रैक्टर पर मिली ₹4 लाख की सब्सिडी
छत्तीसगढ़ के सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के विकासखंड बिलाईगढ़ के ग्राम गधाभाटा निवासी प्रगतिशील किसान तिहारूराम चंद्रा को कृषि यंत्रीकरण योजना के तहत ट्रैक्टर खरीदने के लिए ₹4 लाख की सरकारी सब्सिडी मिली। ट्रैक्टर की कुल कीमत ₹9.40 लाख थी, जिसमें शासन ने ₹4 लाख की सहायता दी। इसके बाद किसान को केवल ₹5.40 लाख का भुगतान करना पड़ा। ग्राम झुमका में आयोजित सुशासन शिविर में प्रभारी मंत्री टंकराम वर्मा ने किसान तिहारूराम को नए ट्रैक्टर की चाबी सौंपी। किसान ने बताया कि कम जमीन और सीमित संसाधनों के कारण उन्हें खेती के लिए हर बार किराए पर ट्रैक्टर लेना पड़ता था, जिससे खेती की लागत बढ़ जाती थी। अब अपना ट्रैक्टर मिलने से वे समय पर खेती के सभी कार्य कर सकेंगे और आधुनिक तकनीकों का बेहतर उपयोग भी कर पाएंगे।
Popular Tractors
किसानों की समस्याओं का मौके पर हुआ समाधान
सुशासन तिहार के तहत आयोजित शिविरों में कृषि विभाग ने 'वन स्टॉप सेंटर' के रूप में स्टॉल लगाए, जहां किसानों की समस्याओं का मौके पर ही समाधान किया गया। विभाग के अनुसार प्राप्त 575 आवेदनों में से 572 का बिना विलंब निराकरण किया गया। इसके अलावा किसानों को उन्नत खेती के लिए नीम आधारित कीटनाशक, हरित खाद, प्रमाणित बीज और छोटे कृषि यंत्र भी वितरित किए गए। ग्रामीण कृषि विकास अधिकारियों ने चौपाल लगाकर किसानों को विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी भी दी।
इन सरकारी योजनाओं की भी दी गई जानकारी
शिविर में कृषि विभाग ने किसानों को कई महत्वपूर्ण योजनाओं के बारे में जागरूक किया। इनमें प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (PM-Kisan), प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY), सॉइल हेल्थ कार्ड योजना, एग्री स्टैक पंजीयन, प्राकृतिक एवं जैविक खेती मिशन, दलहन-तिलहन प्रोत्साहन कार्यक्रम और कृषि यंत्रीकरण योजना शामिल हैं। विभाग का उद्देश्य किसानों को आधुनिक तकनीक और सरकारी सहायता से जोड़कर उनकी आय बढ़ाना है।
कृषि यंत्रीकरण योजना का लाभ कैसे उठाएं
यदि आप भी ट्रैक्टर या अन्य कृषि यंत्र जैसे रोटावेटर, कल्टीवेटर, थ्रेसर आदि खरीदना चाहते हैं, तो कृषि यंत्रीकरण योजना के तहत सब्सिडी का लाभ ले सकते हैं। इसके लिए सबसे पहले संबंधित राज्य की पात्रता शर्तों को पूरा करना आवश्यक है। आमतौर पर आवेदन के लिए आधार कार्ड, भूमि संबंधी दस्तावेज (बी-1, खसरा नकल), बैंक पासबुक, मोबाइल नंबर और आवश्यक होने पर जाति प्रमाण पत्र की जरूरत पड़ती है। किसान अपने ब्लॉक या जिला कृषि विभाग कार्यालय में आवेदन कर सकते हैं। कई राज्यों में कृषि यंत्रीकरण योजना के लिए ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से भी आवेदन की सुविधा उपलब्ध है। आवेदन के बाद पात्रता, उपलब्ध बजट और कई राज्यों में लॉटरी प्रक्रिया के आधार पर किसानों का चयन किया जाता है। चयनित किसानों को निर्धारित नियमों के अनुसार ट्रैक्टर या अन्य कृषि यंत्रों की खरीद पर सब्सिडी का लाभ दिया जाता है।
खेती को लाभदायक बनाएं, आधुनिक कृषि यंत्र अपनाएं
यदि आप भी आधुनिक खेती के लिए ट्रैक्टर खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो अपने राज्य के कृषि विभाग से कृषि यंत्रीकरण योजना की वर्तमान पात्रता, सब्सिडी की राशि और आवेदन प्रक्रिया की जानकारी जरूर प्राप्त करें। पात्रता पूरी होने पर यह योजना ट्रैक्टर खरीदने की लागत कम करने और खेती को अधिक लाभदायक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
“कृषि यंत्रीकरण योजना के तहत ट्रैक्टर पर सब्सिडी” के संबंध में अक्सर पूछे जाने वाले सवाल और उनके जवाब (FAQs):
प्रश्न 1. कृषि यंत्रीकरण योजना के तहत ट्रैक्टर पर कितनी सब्सिडी मिलती है?
उत्तर: कृषि यंत्रीकरण योजना के तहत मिलने वाली सब्सिडी की राशि राज्य सरकार के नियम, किसान की श्रेणी और ट्रैक्टर की श्रेणी के अनुसार तय होती है। कुछ मामलों में पात्र किसानों को ₹4 लाख तक की सब्सिडी भी मिल सकती है।
प्रश्न 2. कृषि यंत्रीकरण योजना का लाभ कौन ले सकता है?
इस योजना का लाभ पात्र किसान उठा सकते हैं। पात्रता के नियम अलग-अलग राज्यों में भिन्न हो सकते हैं, इसलिए आवेदन से पहले संबंधित राज्य के कृषि विभाग से जानकारी लेना जरूरी है।
प्रश्न 3. ट्रैक्टर सब्सिडी के लिए किन दस्तावेजों की आवश्यकता होती है?
उत्तर: आमतौर पर आधार कार्ड, भूमि संबंधी दस्तावेज (बी-1, खसरा), बैंक पासबुक, मोबाइल नंबर, पासपोर्ट साइज फोटो और आवश्यकता अनुसार जाति प्रमाण पत्र जैसे दस्तावेज मांगे जाते हैं।
प्रश्न 4. कृषि यंत्रीकरण योजना के लिए आवेदन कैसे करें?
उत्तर: किसान अपने ब्लॉक या जिला कृषि विभाग कार्यालय में आवेदन कर सकते हैं। कई राज्यों में कृषि यंत्रीकरण योजना के लिए ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से भी आवेदन की सुविधा उपलब्ध है।
प्रश्न 5. क्या ट्रैक्टर के अलावा अन्य कृषि यंत्रों पर भी सब्सिडी मिलती है?
उत्तर: हाँ। कृषि यंत्रीकरण योजना के तहत कई राज्यों में रोटावेटर, कल्टीवेटर, थ्रेसर, सीड ड्रिल, रीपर, पावर टिलर और अन्य कृषि यंत्रों की खरीद पर भी निर्धारित नियमों के अनुसार सब्सिडी दी जाती है।
ट्रैक्टर जंक्शन हमेशा आपको अपडेट रखता है। इसके लिए ट्रैक्टरों के नये मॉडलों और उनके कृषि उपयोग के बारे में एग्रीकल्चर खबरें प्रकाशित की जाती हैं। प्रमुख ट्रैक्टर कंपनियों महिंद्रा ट्रैक्टर, सोनालिका ट्रैक्टर आदि की मासिक सेल्स रिपोर्ट भी हम प्रकाशित करते हैं जिसमें ट्रैक्टरों की थोक व खुदरा बिक्री की विस्तृत जानकारी दी जाती है। अगर आप मासिक सदस्यता प्राप्त करना चाहते हैं तो हमसे संपर्क करें।
अगर आप नए ट्रैक्टर, पुराने ट्रैक्टर, कृषि उपकरण बेचने या खरीदने के इच्छुक हैं और चाहते हैं कि ज्यादा से ज्यादा खरीददार और विक्रेता आपसे संपर्क करें और आपको अपनी वस्तु का अधिकतम मूल्य मिले तो अपनी बिकाऊ वस्तु को ट्रैक्टर जंक्शन के साथ शेयर करें।
सर्टिफाइड पुराने ट्रैक्टर्स
ट्रैक्टर की प्राइस चेक करें