किसानों को कृषि यंत्रों पर मिलेगी 250 करोड़ रुपए की सब्सिडी
प्रकाशित - 03 Feb 2025
by Tractor Junction
आगामी वित्तीय वर्ष में अधिक राशि का अनुदान दिए जाने का प्रस्ताव
किसानों को खेती–किसानी के काम में आसानी रहे, इसके लिए सरकार की ओर से सब्सिडी पर कृषि यंत्र उपलब्ध कराए जाते हैं। इसके लिए कृषि यंत्र अनुदान योजना (Krishi Yantra Anudan Yojana) का संचालन किया जा रहा है। अलग–अलग राज्यों में इस योजना को अलग–नामों से चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में राज्य सरकार की ओर से कृषि यांत्रिकरण योजना (Krishi Yantrikaran Yojana) के तहत किसानों को भारी सब्सिडी (Subsidy) देने का फैसला किया गया है। योजना के तहत आगामी वित्तीय वर्ष में किसानों को कृषि यंत्रों पर 250 करोड़ रुपए की सब्सिडी (Subsidy) देने का निर्णय लिया है। बीते दिनों कृषि यंत्र निर्माताओं की बैठक हुई। इसमें कृषि विभाग के सचिव ने कृषि यंत्र निर्माताओं को निर्देश दिया कि किसानों को कृषि यंत्र के बाद सर्विसिंग की सुविधा समय पर उपलब्ध कराई जाए। साथ ही सभी यंत्रों की यूनिक पहचान संख्या मशीनों पर लेजर कट के जरिये अंकित कराई जाए।
युवाओं को कौशल विकास प्रशिक्षण दिया जाए
कृषि सचिव ने कहा कि राज्य के युवाओं को कौशल प्रशिक्षण देकर राज्य में मैकेनिकों की संख्या बढ़ाई जाए ताकि मशीन की सर्विसिंग सही समय पर हो सके। डीलर सेंटर पर कृषि यंत्रों के स्पेयर पार्ट की उपलब्धता सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि कृषि यंत्र निर्माताओं को अब सभी सीरियल नंबर सहित विवरणी ऑफमस पोर्टल पर अपडेट कराना होगा। एक लाख से अधिक कीमत के कृषि यंत्रों के लिए ई–वे बिल ऑफमास पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा। सचिव ने निर्देश दिए कि सभी कृषि यंत्रों पर अधिकतम खुदरा मूल्य कृषि यंत्र पर स्पष्ट रूप से अंकित किया जाए। इसके साथ ही अपने डीलर के शोरूम में कृषि यंत्रवार अधिकतम खुदरा मूल्य सूची प्रदर्शित की जाए।
अगले वित्त वर्ष में किसानों को दिया जाएगा 250 करोड़ रुपए का अनुदान
बिहार कृषि विभाग के सचिव ने कहा कि राज्य सरकार की ओर से इस साल कृषि यांत्रिकरण योजना (Krishi Yantrikaran Yojana) के तहत 186 करोड़ रुपए का अनुदान विभिन्न प्रकार के कृषि यंत्राें के क्रय, कस्टम हायरिंग सेंटर की स्थापना पर किसानों को उपलब्ध कराया जा रहा है। आधुनिक खेती को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य सरकार कृषि यंत्रों पर सब्सिडी की राशि को बढ़ाती जा रही है। आगामी वित्तीय वर्ष में 250 करोड़ रुपए से अधिक राशि का अनुदान किसानों को दिए जाने का प्रस्ताव है। किसानों को समय पर क्वालिटी युक्त कृषि यंत्र उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
राज्य में किसानों को कृषि यंत्र की खरीद पर कितनी मिलती है सब्सिडी
बिहार राज्य में किसानों को कृषि यंत्र की खरीद पर सब्सिडी (Subsidy) का लाभ प्रदान करने के उद्देश्य से कृषि यांत्रिकरण योजना का संचालन किया जा रहा है। इस योजना के तहत किसानों को 75 प्रकार के खेती के काम में आने वाले कृषि यंत्रों पर अनुदान दिया जाता है। इस योजना के तहत सामान्य किसानों को 40 प्रतिशत सब्सिडी दी जाती है। जबकि अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अत्यंत पिछड़ा वर्ग के किसानों को 50 से 60 और 80 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाता है। यह अनुदान अलग-अलग कृषि मशीनों पर अलग–अलग दिया जाता है जिसकी लिस्ट पोर्टल पर अपलोड की हुई है। किसान कृषि यांत्रिकरण योजना के आधिकारिक पोर्टल पर जाकर देख सकते हैं।
बिहार में किसानों को किन कृषि यंत्रों पर मिलती है सब्सिडी
बिहार में किसानों को 75 प्रकार के कृषि यंत्रों पर सब्सिडी (Subsidy) दी जाती है जिसमें खेत की जुताई, बुवाई, कटाई से लेकर प्रोसेसिंग तक के कृषि यंत्रों को शामिल किया गया है। इसमें ट्रैक्टर से चलने वाले हैरो, कल्टीवेटर, डिस्क प्लाऊ, लेजर लैंड लेवलर मशीन, रीजर, पैडी ड्रम सीडर, हाथ से चलने वाला धान और गेहूं बुवाई यंत्र, आलू बुवाई की मशीन, रोटावेटर, दो प्रकार के पैडी ट्रांसप्लांटर, पावर टिलर, एमबी प्लाऊ, रेज्ड ब्लेड प्लांटर, मेजर थ्रेसर, आलू खुदाई मशीन और सिंचाई के पाइप खरीदने के लिए भी सब्सिडी दी जाती है। इसके अलावा रोटरी मल्चर, स्ट्रॉ बेलर, ट्रैक्टर से चलने वाले 6, 7 व 8 फीट के सुपर सीडर, हैप्पी सीडर, रोटरी स्लैशर, पैडी स्ट्रॉ चॉपर, जीरो टिलेज, रिपर, स्कवायर बेलर, सेल्फ प्रोपेल्ड रीपर, दो प्रकार के ब्रश कटर, स्ट्रा रीपर और तीन तरह के रीपर कम बाइंडर पर अनुदान दिया जाता है।
इसके अलावा हाथ से चलने वाला स्प्रेयर, रॉकर स्प्रेयर, पावर स्प्रेयर, बूम स्प्रेयर व खाद डालने के लिए पोस्ट होल डीगर मशीन, चार प्रकार के चैफ कटर, पावर मेज थ्रेसर, फसल काटने के हाथ से इस्तेमाल किए जाने वाले औजार, अनाज रखने के लिए भंडारण, पावर वीडर, थ्रेसर, मल्ट्रीक्रॉप थ्रेसर, धान का थ्रेसर, इलेक्ट्रिक वीडर और सेल्फ प्रोपेल्ड पावर पैडी वीडर पर भी सब्सिडी मिलती है। इसी के साथ ही किसानों को मखाना पॉपिंग मशीन, मिनी दाल मिल, राइस मिल, मिनी तेल मिल, चेनसॉ, मोटर से चलने वाली आटा चक्की, हाथ से चलने वाली आटा चक्की, मोटर और पिस्टल से चलने वाली मशीन, इंजन से चलने वाली चाय पत्ती तोड़ने वाली मशीन पर भी अनुदान का लाभ प्रदान किया जाता है।
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