13 जिलों के फसल प्रभावित किसानों को मिलेगा अनुदान, 5 मई तक आवेदन का मौका
प्रकाशित - 23 Apr 2026 by Vivek Tailang
फसल नुकसान प्रभावित किसानों को कृषि इनपुट अनुदान योजना के तहत मिलेगी सहायता
बिहार में हाल ही में आए बेमौसम बारिश, आंधी-तूफान और ओलावृष्टि ने किसानों की मेहनत पर बड़ा असर डाला है। मार्च के तीसरे और चौथे सप्ताह में बदले मौसम ने खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचाया, जिससे कई जिलों के किसान प्रभावित हुए। गेहूं की फसल जहां तेज हवाओं से खेतों में गिर गई, वहीं आम और लीची जैसी बागवानी फसलों को भी भारी क्षति हुई। इस स्थिति के बाद किसानों ने सरकार से राहत की मांग की, जिस पर अब सरकार ने कदम उठाया है।
राज्य सरकार ने प्रभावित किसानों को राहत देते हुए 13 जिलों में कृषि इनपुट अनुदान योजना के तहत सहायता देने का फैसला किया है। इस योजना का लाभ उन किसानों को मिलेगा, जिनकी फसल खराब मौसम के कारण क्षतिग्रस्त हुई है। सरकार के मुताबिक, चयनित जिलों के 88 प्रखंडों और 1484 पंचायतों में रहने वाले किसान इस योजना के लिए पात्र होंगे। आवेदन की अंतिम तिथि 5 मई निर्धारित की गई है।
क्या है कृषि इनपुट अनुदान योजना
कृषि इनपुट अनुदान योजना का उद्देश्य प्राकृतिक आपदाओं के कारण फसल नुकसान झेलने वाले किसानों को आर्थिक सहायता देना है, ताकि वे अगली फसल की तैयारी कर सकें। इस योजना के तहत किसानों को सीधे उनके बैंक खाते में राशि ट्रांसफर की जाती है, जिससे पारदर्शिता बनी रहती है और उन्हें समय पर मदद मिल सके। कृषि विभाग द्वारा किए गए सर्वे के आधार पर जिन क्षेत्रों में नुकसान अधिक पाया गया, उन्हें इस योजना में शामिल किया गया है। पात्र किसान ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं और आधार सत्यापन के साथ अपनी जानकारी जमा करनी होगी। सरकार ने स्पष्ट किया है कि गलत जानकारी देने पर आवेदन निरस्त कर दिया जाएगा।
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कितनी मिलेगी सहायता राशि
कृषि इनपुट अनुदान योजना के तहत सहायता राशि फसल और सिंचाई की स्थिति के आधार पर तय की गई है। असिंचित (वर्षा आधारित) भूमि पर नुकसान झेलने वाले किसानों को 8,500 रुपये प्रति हेक्टेयर, जबकि सिंचित क्षेत्र के लिए 17,000 रुपये प्रति हेक्टेयर दिए जाएंगे। वहीं, बहुवर्षीय फसलों, जैसे गन्ना आदि के लिए यह राशि 22,500 रुपये प्रति हेक्टेयर तक निर्धारित की गई है। सरकार ने न्यूनतम सहायता राशि भी तय की है, ताकि छोटे किसानों को भी लाभ मिल सके। इसके तहत असिंचित क्षेत्र के लिए कम से कम 1,000 रुपये, सिंचित क्षेत्र के लिए 2,000 रुपये और बहुवर्षीय फसलों के लिए 2,500 रुपये दिए जाएंगे।
किन किसानों को मिलेगा लाभ
इस योजना का फायदा रजिस्टर्ड रैयत और गैर-रैयत दोनों तरह के किसानों को मिलेगा। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह सहायता किसान और उसके परिवार के आधार पर दी जाएगी। आवेदन के दौरान परिवार की पूरी जानकारी देना अनिवार्य होगा।
इन जिलों को किया गया शामिल
योजना के तहत जिन जिलों के किसानों को इसका लाभ मिलेगा, उनमें सहरसा, समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर, अररिया, बेगूसराय, मधुबनी, पूर्णिया, खगड़िया, किशनगंज, मधेपुरा, दरभंगा, सुपौल और भागलपुर शामिल किए गए हैं। इन इलाकों में मौसम की मार सबसे ज्यादा देखी गई थी।
कैसे करें योजना में आवेदन
कृषि इनपुट अनुदान योजना के तहत राज्य के पात्र किसान ऑनलाइन माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। आवेदन प्रक्रिया को सरल बनाया गया है ताकि ज्यादा से ज्यादा किसान इसका लाभ उठा सकें। योजना के संबंध में किसी भी तरह की जानकारी या सहायता के लिए किसान कॉल सेंटर के टोल फ्री नंबर 18001801551 पर संपर्क कर सकते हैं या अपने जिले के कृषि कार्यालय से जानकारी ले सकते हैं।
किसानों के लिए राहत का कदम
सरकार का यह फैसला ऐसे समय में आया है जब किसान फसल नुकसान से उबरने की कोशिश कर रहे हैं। कृषि इनपुट अनुदान योजना के जरिए मिलने वाली यह सहायता न केवल उन्हें आर्थिक सहारा देगी, बल्कि अगली फसल की तैयारी में भी मददगार साबित होगी। इससे किसानों को राहत मिलने के साथ-साथ खेती का चक्र भी प्रभावित होने से बच सकेगा।
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