छत्तीसगढ़ के किसानों के लिए 8 प्रमुख योजनाएं, खेती से लेकर सिंचाई और पशुपालन तक मिलेगा लाभ
प्रकाशित - 17 Aug 2026 by Vivek Tailang
जानें, क्या हैं ये प्रमुख योजनाएं, किसानों को कितना लाभ मिल रहा है और योजनाओं का लाभ कैसे मिलेगा
छत्तीसगढ़ में कृषि क्षेत्र को मजबूत, आधुनिक और किसान-केंद्रित बनाने के लिए राज्य सरकार की ओर से कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इन योजनाओं का उद्देश्य किसानों की आय बढ़ाने के साथ खेती को आधुनिक तकनीक, सिंचाई, कृषि मशीनरी, डिजिटल सेवाओं और बेहतर बाजार व्यवस्था से जोड़ना है। कृषक उन्नति योजना, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, कृषि यंत्रीकरण, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, प्राकृतिक खेती, उद्यानिकी, पशुपालन और मत्स्य पालन जैसी योजनाओं से प्रदेश के किसानों को अलग-अलग स्तर पर लाभ मिल रहा है।
सरकार की ओर से किसानों को सीधे आर्थिक सहायता पहुंचाने के लिए DBT (Direct Benefit Transfer) का इस्तेमाल किया जा रहा है। वहीं एग्रीस्टैक, ई-केवाईसी और डिजिटल सेवाओं के विस्तार से योजनाओं में पारदर्शिता बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। आइए जानते हैं छत्तीसगढ़ के किसानों के लिए कौन-कौन सी 8 प्रमुख योजनाएं हैं और इनका लाभ किस तरह लिया जा सकता है।
1. कृषक उन्नति योजना
छत्तीसगढ़ सरकार की प्रमुख किसान कल्याण योजनाओं में कृषक उन्नति योजना शामिल है। इस योजना के माध्यम से किसानों को फसल उत्पादन और कृषि आय बढ़ाने के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। संदर्भ के अनुसार खरीफ 2023 से खरीफ 2025 तक करीब 25.52 लाख किसानों को डीबीटी (DBT) के माध्यम से 35,892.90 करोड़ रुपये की सहायता प्रदान की गई। इससे किसानों को खेती की लागत पूरी करने और कृषि गतिविधियों को आगे बढ़ाने में आर्थिक सहायता मिल रही है।
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कैसे मिलेगा लाभ
इस योजना का लाभ पात्र किसानों को सरकार द्वारा निर्धारित नियमों और पात्रता के आधार पर दिया जाता है। किसानों के बैंक खाते को आधार एवं संबंधित कृषि रिकॉर्ड से अपडेट रखना जरूरी है। डीबीटी (DBT) के माध्यम से पात्र किसानों के खाते में राशि भेजी जाती है।
2. प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना
केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-Kisan) योजना का लाभ छत्तीसगढ़ के पात्र किसानों को भी मिल रहा है। इस योजना के तहत पात्र किसान परिवारों को सालाना आर्थिक सहायता दी जाती है, जिससे उन्हें कृषि संबंधी छोटे खर्चों को पूरा करने में सहायता मिलती है। छत्तीसगढ़ में 24.63 लाख किसानों को 23वीं किस्त के रूप में 493 करोड़ रुपये से अधिक की राशि प्राप्त हुई है।
कैसे मिलेगा लाभ
पीएम किसान योजना (PM-Kisan) का लाभ लेने के लिए किसान का पंजीकरण योजना के तहत होना चाहिए। साथ ही ई–केवाईसी (e-KYC), आधार लिंकिंग और बैंक खाते की जानकारी सही होना जरूरी है। पात्र किसानों को किस्त की राशि सीधे बैंक खाते में DBT के जरिए प्राप्त होती है।
3. कृषि यंत्रीकरण योजना
खेती में श्रम और समय की बचत तथा उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए छत्तीसगढ़ में कृषि यंत्रीकरण को बढ़ावा दिया जा रहा है। किसानों को आधुनिक कृषि यंत्र उपलब्ध कराने के साथ सामूहिक रूप से मशीनरी उपलब्ध कराने के लिए फार्म मशीनरी बैंक भी स्थापित किए गए हैं। अब तक 7,745 किसानों को आधुनिक कृषि यंत्र उपलब्ध कराए गए हैं। वहीं किसानों को सामूहिक रूप से कृषि मशीनरी उपलब्ध कराने के लिए 568 फार्म मशीनरी बैंक स्थापित किए गए हैं।
कैसे मिलेगा लाभ
कृषक कृषि विभाग की संबंधित योजना के तहत पात्रता के अनुसार कृषि यंत्रों पर मिलने वाली सहायता के लिए आवेदन कर सकते हैं। फार्म मशीनरी बैंक के माध्यम से किसान समूह या क्षेत्र के किसान जरूरत के अनुसार मशीनरी का उपयोग कर सकते हैं।
4. प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना
सिंचाई की सुविधा बढ़ाने और पानी की बचत के लिए प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (PMKSY) के तहत ड्रिप और स्प्रिंकलर जैसी सूक्ष्म सिंचाई तकनीकों को बढ़ावा दिया जा रहा है। छत्तीसगढ़ में इस योजना के तहत करीब 41,967 हेक्टेयर क्षेत्र में ड्रिप और स्प्रिंकलर सिंचाई का विस्तार किया गया है। इससे पानी की बचत के साथ फसलों की सिंचाई दक्षता और उत्पादकता बढ़ाने में सहायता मिल रही है।
कैसे मिलेगा लाभ
पात्र किसान सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली जैसे ड्रिप और स्प्रिंकलर लगाने के लिए कृषि या उद्यानिकी विभाग की निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आवेदन कर सकते हैं। पात्रता और अनुदान की राशि संबंधित योजना के नियमों के अनुसार तय होती है।
5. प्राकृतिक खेती को बढ़ावा
कम लागत में खेती और मिट्टी के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ में प्राकृतिक खेती को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। प्राकृतिक खेती में रासायनिक इनपुट पर निर्भरता कम करने और स्थानीय संसाधनों के इस्तेमाल पर जोर दिया जाता है। राज्य में 57 हजार से अधिक किसानों को प्राकृतिक खेती से जोड़ा गया है। इससे किसानों की खेती की लागत कम करने के साथ मिट्टी के स्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने का प्रयास किया जा रहा है।
कैसे मिलेगा लाभ
प्राकृतिक खेती को अपनाने के इच्छुक किसान कृषि विभाग के माध्यम से संचालित प्रशिक्षण और संबंधित कार्यक्रमों से जुड़ सकते हैं। किसानों को प्राकृतिक खेती की तकनीक, इनपुट और प्रशिक्षण उपलब्ध कराने के लिए विभागीय स्तर पर कार्यक्रम चलाए जाते हैं।
6. उद्यानिकी और हाईटेक खेती
छत्तीसगढ़ में किसानों को पारंपरिक फसलों के साथ फल, सब्जी और अन्य उद्यानिकी फसलों की खेती के लिए भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। इससे किसानों को आय के अतिरिक्त स्रोत उपलब्ध कराने पर जोर है। प्रदेश में उद्यानिकी फसलों का क्षेत्रफल बढ़कर 8.91 लाख हेक्टेयर तक पहुंच गया है। इसके अलावा ऑयल पाम और बांस रोपण को बढ़ावा दिया जा रहा है। हाईटेक नर्सरी, पैक हाउस और कोल्ड स्टोरेज जैसी सुविधाओं के विस्तार पर भी जोर है।
कैसे मिलेगा लाभ
उद्यानिकी फसल लगाने वाले किसान संबंधित विभाग की योजनाओं के तहत उपलब्ध अनुदान और सुविधाओं के लिए आवेदन कर सकते हैं। पात्रता फसल, क्षेत्र, किसान की श्रेणी और योजना के निर्धारित नियमों के आधार पर तय की जाती है।
7. पशुपालन और डेयरी से जुड़ी योजनाएं
कृषि के साथ पशुपालन और डेयरी को ग्रामीण अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार बनाने पर भी सरकार का जोर है। किसानों और ग्रामीण परिवारों को अतिरिक्त आय उपलब्ध कराने के लिए दुग्ध उत्पादन, डेयरी भुगतान व्यवस्था और पशु चिकित्सा सेवाओं को मजबूत किया जा रहा है। राज्य में मोबाइल पशु चिकित्सा सेवाओं का भी विस्तार किया गया है, जिससे पशुपालकों को अपने क्षेत्र में पशु स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में सहायता मिल रही है।
कैसे मिलेगा लाभ
पशुपालक किसान पशुपालन विभाग की ओर से संचालित योजनाओं के तहत पात्रता के अनुसार आवेदन कर सकते हैं। अलग-अलग योजनाओं में पशु खरीद, डेयरी, पशु स्वास्थ्य और अन्य गतिविधियों के लिए अलग-अलग प्रावधान हो सकते हैं।
8. मत्स्य पालन को बढ़ावा
कृषि के साथ मत्स्य पालन को भी किसानों और ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाने के महत्वपूर्ण साधन के रूप में विकसित किया जा रहा है। राज्य में मत्स्य उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। संदर्भ के अनुसार छत्तीसगढ़ का मत्स्य उत्पादन करीब 23 प्रतिशत बढ़कर 9.59 लाख टन तक पहुंच गया है। इससे प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था में मत्स्य पालन की भूमिका मजबूत हो रही है।
कैसे मिलेगा लाभ
तालाब, जलाशय या अन्य उपयुक्त संसाधनों के माध्यम से मत्स्य पालन करने वाले पात्र किसान और मत्स्य पालक संबंधित विभाग की योजनाओं के तहत उपलब्ध सहायता के लिए आवेदन कर सकते हैं। योजना के अनुसार प्रशिक्षण, मत्स्य बीज, अधोसंरचना और अन्य सहायता उपलब्ध कराई जा सकती है।
21 मंडियां ई-नाम से जुड़ीं, किसानों को मिलेगा व्यापक बाजार
छत्तीसगढ़ में कृषि उत्पादन के साथ किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया जा रहा है। प्रदेश की 21 कृषि मंडियां राष्ट्रीय कृषि बाजार (e-NAM) से जुड़ चुकी हैं। ई-नाम के माध्यम से कृषि उपज के कारोबार को डिजिटल और अधिक पारदर्शी बनाने में सहायता मिलती है। इससे किसानों को अपनी उपज के लिए व्यापक बाजार तक पहुंच बनाने का अवसर मिलता है। इसके अलावा कृषि अवसंरचना निधि के तहत राज्य के लिए निर्धारित 1,900 करोड़ रुपये के लक्ष्य के मुकाबले 3,026 करोड़ रुपये की उपलब्धि हासिल की गई है। बीज उत्पादन और प्रमाणीकरण की प्रक्रिया को भी ऑनलाइन किया गया है।
डिजिटल सेवाओं से आसान हो रहा योजनाओं का लाभ
छत्तीसगढ़ में किसानों तक योजनाओं का लाभ तेजी और पारदर्शिता के साथ पहुंचाने के लिए एग्रीस्टैक, e-KYC और डिजिटल सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है। डीबीटी (DBT) के माध्यम से सहायता राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में पहुंचाई जा रही है। इससे बिचौलियों की भूमिका कम करने और सरकारी योजनाओं की निगरानी को मजबूत करने में सहायता मिल रही है। किसानों के लिए यह जरूरी है कि वे अपना आधार, बैंक खाता, मोबाइल नंबर और e-KYC से जुड़ी जानकारी अपडेट रखें।
खेती के साथ पूरे कृषि इकोसिस्टम को मजबूत करने पर जोर
छत्तीसगढ़ सरकार का फोकस अब केवल कृषि उत्पादन बढ़ाने तक सीमित नहीं है। खेती से जुड़े पूरे इकोसिस्टम को मजबूत करने की दिशा में काम किया जा रहा है। इसमें कृषि इनपुट, सिंचाई, मशीनरी, प्राकृतिक खेती, उद्यानिकी, पशुपालन, मत्स्य पालन, भंडारण, प्रसंस्करण और बाजार जैसी व्यवस्थाओं को शामिल किया गया है। कृषक उन्नति योजना और प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि जैसी आर्थिक सहायता योजनाओं के साथ कृषि यंत्रीकरण और सूक्ष्म सिंचाई किसानों को आधुनिक खेती से जोड़ रही हैं। वहीं उद्यानिकी, पशुपालन और मत्स्य पालन किसानों को आय के अतिरिक्त स्रोत उपलब्ध कराने में सहायता कर रहे हैं।
किसानों के लिए जरूरी बात
किसी भी सरकारी योजना का लाभ लेने से पहले किसान को संबंधित विभाग की आधिकारिक वेबसाइट या नजदीकी कृषि कार्यालय से पात्रता, आवेदन की अंतिम तिथि, आवश्यक दस्तावेज और मिलने वाली सहायता की जानकारी जरूर जांच लेनी चाहिए। योजना के नियम और सहायता राशि समय-समय पर बदल सकती है।
किसानों को खेती के मिल रहे हैं नए विकल्प
छत्तीसगढ़ में किसान कल्याण की योजनाओं को अब कृषि उत्पादन से आगे बढ़ाकर किसान की पूरी आय और ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जोड़ने की दिशा में काम किया जा रहा है। आर्थिक सहायता से लेकर आधुनिक कृषि यंत्र, सूक्ष्म सिंचाई, प्राकृतिक खेती, उद्यानिकी, पशुपालन और मत्स्य पालन तक की पहलों से किसानों को खेती के नए विकल्प मिल रहे हैं। डिजिटल सेवाओं और डीबीटी (DBT) के विस्तार से योजनाओं का लाभ सीधे पात्र किसानों तक पहुंचाने पर भी जोर दिया जा रहा है।
“छत्तीसगढ़ के किसानों के लिए 8 प्रमुख योजनाएं” के संबंध में अक्सर पूछे जाने वाले सवाल और उनके जवाब (FAQ):
प्रश्न 1. छत्तीसगढ़ के किसानों के लिए कौन-कौन सी प्रमुख योजनाएं हैं?
उत्तर: छत्तीसगढ़ के किसानों के लिए कृषक उन्नति योजना, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, कृषि यंत्रीकरण, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, प्राकृतिक खेती, उद्यानिकी, पशुपालन और मत्स्य पालन प्रमुख योजनाओं में शामिल हैं।
प्रश्न 2. कृषक उन्नति योजना का लाभ किसे मिलता है?
उत्तर: कृषक उन्नति योजना का लाभ राज्य सरकार द्वारा निर्धारित पात्रता और नियमों के अनुसार पात्र किसानों को दिया जाता है। सहायता राशि DBT के माध्यम से किसानों के बैंक खाते में पहुंचाई जाती है।
प्रश्न 3. छत्तीसगढ़ में किसानों को कृषि यंत्रों पर लाभ कैसे मिलेगा?
उत्तर: किसान कृषि विभाग की संबंधित योजना के तहत पात्रता के अनुसार कृषि यंत्रों पर मिलने वाली सहायता के लिए आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए विभाग द्वारा निर्धारित दस्तावेज और प्रक्रिया का पालन करना होता है।
प्रश्न 4. प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना से किसानों को क्या लाभ मिलता है?
उत्तर: प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत ड्रिप और स्प्रिंकलर जैसी सूक्ष्म सिंचाई तकनीकों को बढ़ावा दिया जाता है। इससे पानी की बचत और सिंचाई दक्षता बढ़ाने में मदद मिलती है।
प्रश्न 5. सरकारी किसान योजनाओं का लाभ लेने के लिए क्या जरूरी है?
उत्तर: किसानों को आधार, बैंक खाता, मोबाइल नंबर और e-KYC जैसी जरूरी जानकारी अपडेट रखनी चाहिए। योजना के अनुसार पात्रता और आवश्यक दस्तावेज अलग-अलग हो सकते हैं। आवेदन से पहले संबंधित विभाग से नवीनतम नियमों की जानकारी लेना उचित है।
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