गाय-भैंस को दलहनी हरा चारा खिलाते समय रखें इन 6 खास बातों का ध्यान, दूध की क्वालिटी और उत्पादन दोनों में मिलेगा फायदा

बरसात के मौसम में सही तरीके से दलहनी चारा खिलाने से बढ़ सकता है पोषण, लेकिन लापरवाही से दस्त और अफरा जैसी समस्याओं का भी रहता है खतरा

बरसात का मौसम पशुपालकों के लिए जितना फायदेमंद होता है, उतनी ही सावधानी बरतने की भी जरूरत होती है। इस दौरान हरा चारा आसानी से उपलब्ध हो जाता है और कई पशुपालक दाने की बढ़ती कीमतों के कारण दलहनी हरे चारे का उपयोग अधिक करने लगते हैं। दलहनी चारा प्रोटीन से भरपूर होता है, जिससे दूध उत्पादन और उसकी क्वालिटी में सुधार करने में मदद मिल सकती है। हालांकि, पशु विशेषज्ञों का कहना है कि यदि इसे सही तरीके से न खिलाया जाए तो पशुओं में दस्त, अफरा और पाचन संबंधी समस्याएं भी हो सकती हैं। इसलिए दलहनी चारा खिलाते समय कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना बेहद आवश्यक है।

बरसात में क्यों बदलती है पशुओं की खुराक

पशुपालन विशेषज्ञों के अनुसार हर पशु की संतुलित खुराक में हरा चारा, सूखा चारा और दाना-मिनरल्स शामिल होना चाहिए। लेकिन मौसम के अनुसार इनका अनुपात बदलता रहता है। बरसात के दिनों में गाय-भैंस के दूध में फैट और एसएनएफ (सॉलिड-नॉट-फैट) की मात्रा कम होने की संभावना रहती है। ऐसे में पशुपालक दूध की क्वालिटी बनाए रखने के लिए खुराक में बदलाव करते हैं। कई बार दाना महंगा होने पर उसकी जगह दलहनी हरा चारा शामिल किया जाता है, क्योंकि इसमें पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन पाया जाता है।

दलहनी हरा चारा खिलाते समय ध्यान रखें ये खास 6 बातें

  1. केवल हरे चारे पर निर्भर न रहें : दलहनी हरे चारे के साथ सूखा चारा और संतुलित दाना भी जरूर दें। इससे पशु का पाचन बेहतर रहता है और पोषण संतुलित मिलता है।
  2. हल्का सुखाकर खिलाएं : दलहनी हरे चारे में नमी अधिक होती है। इसलिए इसे सीधे खिलाने के बजाय कुछ समय छाया में सुखाकर खिलाना बेहतर माना जाता है।
  3. अधिक मात्रा में चारा न दें : एक बार में जरूरत से ज्यादा हरा चारा खिलाने से दस्त और पाचन संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए मात्रा का विशेष ध्यान रखें।
  4. चरने से पहले दें सूखा चारा : यदि पशु खुले में चरने जा रहा है तो पहले उसे सूखा चारा और थोड़ा दाना खिलाएं। इससे हरे चारे की अधिक नमी का प्रभाव कम होता है।
  5. पशु की जरूरत के अनुसार दें खुराक : चारा और दाने की मात्रा पशु की उम्र, वजन, दूध उत्पादन और स्वास्थ्य के अनुसार तय करें। सभी पशुओं के लिए एक जैसी खुराक उपयुक्त नहीं होती।
  6. डॉक्टर की सलाह लेना न भूलें : यदि दाने की जगह नियमित रूप से दलहनी चारा देना चाहते हैं तो पशु चिकित्सक या पशुपालन विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें।

दस्त या अफरा होने पर क्या करें

यदि अधिक मात्रा में हरा चारा खाने से पशु को दस्त शुरू हो जाएं तो बिना देरी किए पशु चिकित्सक से संपर्क करें। वहीं यदि पशु के पेट में अफरा (गैस भरना) की समस्या हो जाए तो पशु विशेषज्ञों के अनुसार बड़े पशु को 500 ग्राम सरसों के तेल में 50 ग्राम तारपीन का तेल मिलाकर दिया जा सकता है। हालांकि यह उपाय भी पशु चिकित्सक की सलाह के बाद ही अपनाना चाहिए।

संतुलित आहार से बढ़ेगा दूध का उत्पादन

विशेषज्ञों का मानना है कि केवल दलहनी चारा खिलाने से दूध उत्पादन नहीं बढ़ता, बल्कि संतुलित आहार, पर्याप्त पानी, खनिज मिश्रण (मिनरल मिक्सचर) और सही प्रबंधन भी उतना ही जरूरी है। यदि हरा चारा, सूखा चारा और दाना सही अनुपात में दिया जाए तो दूध की मात्रा के साथ-साथ उसकी गुणवत्ता, फैट और एसएनएफ में भी सुधार हो सकता है। इसलिए बरसात के मौसम में खुराक में बदलाव सोच-समझकर और विशेषज्ञों की सलाह के अनुसार ही करें, ताकि पशु स्वस्थ रहें और पशुपालकों को बेहतर उत्पादन का लाभ मिल सके।

“गाय-भैंस को दलहनी हरा चारा खिलाते समय ध्यान रखने वाली 6 खास बातें” के संबंध में अक्सर पूछे जाने वाले सवाल और उनके जवाब (FAQs):

प्रश्न 1. दलहनी हरा चारा गाय-भैंस के लिए क्यों फायदेमंद माना जाता है?

उत्तर: दलहनी हरा चारा प्रोटीन से भरपूर होता है। इसे संतुलित मात्रा में खिलाने से पशुओं को बेहतर पोषण मिलता है, जिससे दूध उत्पादन और उसकी गुणवत्ता में सुधार करने में मदद मिल सकती है। 

प्रश्न 2. क्या केवल दलहनी हरा चारा ही पशुओं को खिलाना चाहिए?

उत्तर: नहीं। पशुओं को हरे चारे के साथ सूखा चारा, संतुलित दाना और मिनरल मिक्सचर भी देना चाहिए, ताकि उनका आहार संतुलित बना रहे। 

प्रश्न 3. बरसात में हरा चारा खिलाते समय किन बातों का ध्यान रखें?

उत्तर: हरे चारे को हल्का सुखाकर खिलाएं, अधिक मात्रा में एक साथ न दें और चरने से पहले सूखा चारा व दाना जरूर दें, ताकि पाचन संबंधी समस्याओं का खतरा कम हो। 

प्रश्न 4. अधिक हरा चारा खाने से पशु को दस्त या अफरा हो जाए तो क्या करें?

उत्तर: ऐसी स्थिति में तुरंत पशु चिकित्सक से संपर्क करें। बिना विशेषज्ञ की सलाह के कोई उपचार नहीं करना चाहिए। 

प्रश्न 5. क्या दलहनी चारा खिलाने से दूध में फैट और गुणवत्ता बढ़ती है?

उत्तर: संतुलित आहार, सही मात्रा में दलहनी चारा, सूखा चारा, दाना और उचित पशु प्रबंधन अपनाने पर दूध की गुणवत्ता, फैट और एसएनएफ में सुधार करने में मदद मिल सकती है।

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