साप्ताहिक कृषि समाचार: प्राकृतिक खेती को बढ़ावा, पशुधन बीमा योजना को मंजूरी, किसानों को करोड़ों रुपये की सहायता

कृषि क्षेत्र में कई अहम फैसले और घोषणाएं, जानें इस सप्ताह किसानों से जुड़ी टॉप 5 बड़ी खबरें

कृषि क्षेत्र में इस सप्ताह किसानों के हित में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। हरियाणा में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए जिला स्तर पर विशेषज्ञ समितियां बनाने का निर्णय लिया गया, जबकि राजस्थान सरकार ने आधुनिक कृषि तकनीकों को किसानों तक पहुंचाने के लिए 30 से अधिक संस्थाओं के साथ समझौता किया। उत्तर प्रदेश में पशुपालकों को आर्थिक सुरक्षा देने के लिए मुख्यमंत्री जोखिम प्रबंधन पशुधन बीमा योजना को मंजूरी मिली। वहीं, छत्तीसगढ़ में हजारों किसानों के खातों में करोड़ों रुपये की सहायता राशि जारी की गई और महाराष्ट्र में 2 लाख रुपये तक की कृषि ऋण माफी को लेकर चर्चा तेज रही। आइए जानते हैं इस सप्ताह किसानों के लिए सबसे महत्वपूर्ण 5 बड़ी खबरें।

1. हरियाणा: प्राकृतिक खेती को मिलेगा बढ़ावा, हर जिले में बनेगी विशेषज्ञ समिति

हरियाणा सरकार ने प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए राज्य के प्रत्येक जिले में 'प्राकृतिक खेती संवाद प्रेरक किसान समिति' गठित करने का फैसला किया है। इन समितियों में अनुभवी किसान, कृषि वैज्ञानिक और विशेषज्ञ शामिल होंगे, जो किसानों को रसायन मुक्त खेती अपनाने के लिए मार्गदर्शन देंगे। सरकार का उद्देश्य खेती की लागत कम करना, मिट्टी की उर्वरता बढ़ाना और किसानों की आय में सुधार करना है। समिति किसानों को प्राकृतिक खेती की तकनीक, जैविक खाद एवं जीवामृत के उपयोग, फसल प्रबंधन और श्री अन्न (मोटे अनाज) जैसी फसलों को बढ़ावा देने के लिए भी प्रेरित करेगी। इससे रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम होने के साथ खेती अधिक टिकाऊ और लाभदायक बन सकती है।

2. राजस्थान: किसानों तक पहुंचेगी आधुनिक कृषि तकनीक

राजस्थान सरकार ने कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों को बढ़ावा देने के लिए 30 से अधिक एनजीओ, एग्रीटेक कंपनियों और कृषि संस्थानों के साथ एमओयू (MoU) किए हैं। इन साझेदारियों के माध्यम से किसानों को डिजिटल कृषि, जल संरक्षण, आधुनिक खेती, जलवायु अनुकूल तकनीक और कृषि नवाचारों का लाभ मिलेगा। इन संस्थाओं के सहयोग से किसानों को नई कृषि तकनीकों का प्रशिक्षण, आधुनिक कृषि उपकरणों की जानकारी, बेहतर बीज, सटीक सिंचाई तकनीक और डिजिटल कृषि सेवाओं तक पहुंच आसान होगी। सरकार का मानना है कि इससे खेती की लागत कम होगी, उत्पादन बढ़ेगा और बदलते मौसम के बीच किसानों को बेहतर तकनीकी सहायता मिल सकेगी।

3. उत्तर प्रदेश: मुख्यमंत्री जोखिम प्रबंधन पशुधन बीमा योजना को मंजूरी

उत्तर प्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री जोखिम प्रबंधन पशुधन बीमा योजना को मंजूरी दे दी है। इस योजना का उद्देश्य पशुपालकों को पशुओं की मृत्यु, दुर्घटना या अन्य जोखिम की स्थिति में आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना है। योजना लागू होने के बाद पात्र पशुपालकों को बीमा का लाभ मिलेगा और बीमित पशु की मृत्यु होने पर निर्धारित नियमों के अनुसार आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। इससे डेयरी और पशुपालन से जुड़े किसानों का आर्थिक जोखिम कम होगा और अचानक होने वाले नुकसान की भरपाई करने में मदद मिलेगी। यह योजना पशुपालन को अधिक सुरक्षित और लाभदायक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

4. छत्तीसगढ़: 33,017 किसानों के खातों में पहुंचे 113.47 करोड़ रुपये

छत्तीसगढ़ सरकार ने रायगढ़ जिले के 33,017 किसानों के बैंक खातों में 113.47 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता जारी की है। यह राशि विभिन्न कृषि एवं किसान कल्याण योजनाओं के तहत सीधे किसानों के खातों में भेजी गई। सरकार के अनुसार इस आर्थिक सहायता से किसान खरीफ सीजन के लिए समय पर बीज, खाद, कीटनाशक और अन्य कृषि आदानों की खरीद कर सकेंगे। डीबीटी (प्रत्यक्ष लाभ अंतरण) के माध्यम से राशि मिलने से भुगतान प्रक्रिया भी पारदर्शी बनी है और किसानों को बिचौलियों की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।

5. महाराष्ट्र: 2 लाख रुपये तक की कर्जमाफी को लेकर घमासान

महाराष्ट्र में किसानों की 2 लाख रुपये तक की कृषि ऋण माफी को लेकर सियासत तेज हो गई है। विधानसभा चुनाव के दौरान महायुति गठबंधन ने किसानों का 2 लाख रुपये तक का फसली ऋण माफ करने का वादा किया था। हालांकि विपक्ष का आरोप है कि सरकार द्वारा तय की गई पात्रता शर्तों के कारण करीब 70 प्रतिशत किसान इस योजना के दायरे से बाहर हो सकते हैं। एनसीपी (शरद पवार गुट) के विधायक रोहित पवार ने सरकार से शर्तों में बदलाव कर अधिक किसानों को कर्जमाफी का लाभ देने की मांग की है। यदि सरकार पात्रता नियमों में संशोधन करती है, तो बड़ी संख्या में किसानों को कर्ज के बोझ से राहत मिल सकती है। ऐसे में राज्य के किसान इस योजना के अंतिम स्वरूप और सरकार के फैसले का इंतजार कर रहे हैं।

इस सप्ताह कृषि क्षेत्र में लिए गए फैसलों का सीधा संबंध किसानों की आय बढ़ाने, खेती की लागत कम करने, पशुपालन को सुरक्षित बनाने और आधुनिक कृषि तकनीकों को बढ़ावा देने से रहा। प्राकृतिक खेती, कृषि तकनीक, पशुधन बीमा, किसानों को आर्थिक सहायता और कर्जमाफी जैसे मुद्दे आने वाले दिनों में भी किसानों के लिए महत्वपूर्ण बने रहेंगे। ऐसे में किसानों को इन योजनाओं और सरकारी घोषणाओं की जानकारी रखते हुए पात्रता और आवेदन से जुड़ी अपडेट पर नजर बनाए रखनी चाहिए।

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