गेहूं की एमएसपी पर खरीद की अवधि बढ़ाई, किसानों को होगा लाभ

अब राज्य के किसान 20 मई तक एमएसपी पर बेच सकेंगे गेहूं

इस समय देश के विभिन्न राज्यों में न्यूनतम समर्थन मूल्य (Minimum Support Price) पर गेहूं की खरीद की जा रही है। इस बार गेहूं के बेहतर उत्पादन को देखते हुए इसकी एमएसपी (MSP) पर खरीद भी जोरों पर चल रही है। इसी के साथ किसान खुले बाजार में भी गेहूं बेचकर काफी अच्छा मुनाफा कमा रहे हैं, क्योंकि इस बार गेहूं का बाजार भाव एमएसपी (MSP) से ऊपर चल रहा है। इसी बीच सरकार द्वारा एमएसपी (MSP) पर गेहूं की खरीद का निर्धारित लक्ष्य पूरा करने और किसानों को एमएसपी का लाभ देने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने गेहूं की एमएसपी पर खरीद की अवधि को 5 से 13 दिन और बढ़ा दिया है। अब राज्य के किसान 20 मई तक अपनी गेहूं की फसल को एमएसपी (MSP) पर बेच सकेंगे। 

बता दें कि पहले प्रदेश में गेहूं की एमएसपी (MSP) की खरीद की अंतिम तिथि कई जिलों में 7 मई तो कई जिलों में 15 मई निर्धारित की गई थी। लेकिन सरकारी लक्ष्य पूरा नहीं होने के कारण इसे आगे बढ़ा दिया गया है। अब किसान 20 मई तक एमएसपी (MSP) पर अपनी गेहूं की फसल का विक्रय कर सकेंगे।  

मुख्यमंत्री ने दिए तिथि बढ़ाने के निर्देश

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर खाद्य और आपूर्ति विभाग की ओर से गेहूं की एमएसपी (MSP) पर खरीद की तारीख को आगे बढ़ाया गया है। रबी विपणन वर्ष 2024-25 में अभी तक इंदौर, उज्जैन, भोपाल और नर्मदापुरम संभागों में गेहूं खरीद की अंतिम तारीख 7 मई निर्धारित की गई थी। वहीं शहडोल, रीवा, सागर, ग्वालियर और चंबल संभागों में गेहूं खरीदी की अंतिम तारीख 15 मई थी। लेकिन राज्य सरकार की ओर से गेहूं खरीदी का लक्ष्य पूरा नहीं होने के कारण अब गेहूं खरीदी की अंतिम तारीख 20 मई तक कर दी गई है। अब प्रदेश के किसान 20 मई तक एमएसपी (MSP) पर गेहूं की फसल बेच सकेंगे।

गेहूं खरीद के नियमों में मिलेगी ढील (Wheat purchase rules will be relaxed)

गेहूं की सरकारी खरीद का निर्धारित लक्ष्य पूरा करने के लिए प्रदेश सरकार ने किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (Minimum Support Price) पर गेहूं बेचने के नियमों में भी ढील दी है। इसमें किसान अब 50 प्रतिशत तक खराब चमक वाले गेहूं को भी न्यूनतम समर्थन मूल्य (Minimum Support Price) पर बेच सकेंगे। उन्हें बिना किसी कटौती के पूरा एमएसपी दिया जाएगा। बता दें कि इस साल केंद्र सरकार द्वारा गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य (Minimum Support Price) 2275 रुपए प्रति क्विंटल घोषित किया हुआ है। इस पर मध्यप्रदेश सरकार किसानों को 125 रुपए प्रति क्विंटल की दर से बोनस दे रही है। इस तरह इस साल प्रदेश के किसानों को गेहूं का भाव 2400 रुपए प्रति क्विंटल मिल रहा है।

अब तक कितनी हुई मध्यप्रदेश में एमएसपी पर गेहूं की खरीद

मध्यप्रदेश में अब तक करीब 35 लाख मीट्रिक टन ही गेहूं की खरीद हुई है जबकि पिछले साल करीब 56 लाख टन गेहूं की खरीद किसानों से एमएसपी (MSP) पर की गई थी। प्रदेश सरकार ने फसल विपणन वर्ष 2024-25 में 24 हजार करोड़ रुपए का गेहूं खरीदने का लक्ष्य रखा है। वहीं विपणन वर्ष 2024-25 में केंद्र सरकार की ओर से मध्यप्रदेश के लिए करीब 100 लाख टन गेहूं खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया है। प्रदेश में करीब 15 लाख से अधिक किसानों ने एमएसपी पर गेहूं बेचने के लिए पंजीकरण कराया है। बता दें कि देशभर में कुल 320 लाख टन गेहूं की खरीद एमएसपी (MSP) पर करने का लक्ष्य रखा गया है।

किसान एमएसपी पर नहीं खुले बाजार में गेहूं बेचने में दिखा रहे रूचि

इस बार गेहूं खरीद का निर्धारित सरकारी लक्ष्य पूरा होना मुश्किल लग रहा है, क्योंकि किसानों को बाजार में गेहूं के एमएसपी से ज्यादा भाव मिल रहे हैं। ऐसे में किसान बहुत ही कम एमएसपी (MSP) पर अपना गेहूं बेचने में रूचि दिखा रहे हैं। हालांकि प्रदेश सरकार की ओर से बोनस का लाभ भी किसानों को दिया जा रहा है जिससे कुल प्रति क्विंटल 2400 रुपए प्रति क्विंटल का भाव किसानों को मिल रहा है। इसके बावजूद एमएसपी (MSP) पर गेहूं बेचने के लिए बहुत ही कम किसान सरकारी खरीद केंद्रों पर पहुंच रहे हैं। 

इस समय क्या चल रहा है गेहूं का बाजार भाव

गेहूं के बाजार भाव (wheat market price) की बात करें तो ऑनलाइन कमोडिटी पर वर्तमान बाजार दरों के अनुसार, मध्यप्रदेश में गेहूं का औसत मूल्य 2306.92 क्विंटल है। सबसे कम बाजार कीमत 2200 रुपए प्रति क्विंटल और सबसे उच्च बाजार कीमत 2500 रुपए प्रति क्विंटल है। वहीं शरबती गेहूं का भाव (Sharbati wheat price) इससे भी अधिक है। ऐसे में किसान न्यूनतम समर्थन मूल्य (Minimum Support Price) पर गेहूं बेचने में रूचि नहीं दिखाकर खुले बाजार में गेहूं बेचना पसंद कर रहे हैं, क्योंकि उन्हें यहां गेहूं की अच्छी कीमत मिल रही है। 

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