एलपीजी गैस सिलेंडर की किल्लत पर सरकार सख्त, कालाबाजारी रोकने के लिए उठाए बड़े कदम

जमाखोरी पर नजर, सप्लाई व्यवस्था सुधारने के लिए सरकार ने दिए सख्त निर्देश

देश के कई हिस्सों में एलपीजी गैस सिलेंडर की किल्लत की खबरों के बीच केंद्र सरकार अलर्ट मोड में आ गई है। सरकार ने घरेलू गैस उपभोक्ताओं को प्राथमिकता देते हुए सप्लाई व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए कई अहम कदम उठाए हैं। सरकार का कहना है कि आम उपभोक्ताओं को घबराने की जरूरत नहीं है, क्योंकि देश में एलपीजी की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए ठोस इंतजाम किए गए हैं।

मिडिल ईस्ट में जारी संकट के बीच सरकार ने गैस की जमाखोरी और कालाबाजारी को रोकने के लिए सख्त कदम उठाए हैं। साथ ही आवश्यक सेवाओं को सुरक्षित रखने के लिए आवश्यक सेवा अनुरक्षण अधिनियम (ESMA) लागू किया गया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि घरेलू उपभोक्ताओं को गैस की आपूर्ति प्राथमिकता के आधार पर की जाएगी और बाजार में किसी तरह की कृत्रिम कमी पैदा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

एलपीजी आपूर्ति को सुचारू बनाए रखने के लिए सरकार के प्रमुख कदम

एलपीजी आपूर्ति को सुचारू बनाए रखने के लिए केंद्र सरकार ने रिफाइनरी और पेट्रोकेमिकल इकाइयों को घरेलू रसोई गैस की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। सरकारी और निजी क्षेत्र की रिफाइनरियों को एलपीजी उत्पादन अधिकतम करने को कहा गया है, ताकि घरेलू जरूरतों को पूरा किया जा सके। इसके अलावा जमाखोरी और पैनिक बुकिंग पर रोक लगाने के लिए सिलेंडर बुकिंग के बीच का अंतर 21 दिन से बढ़ाकर 25 दिन कर दिया गया है। इससे एक ही उपभोक्ता द्वारा बार-बार बुकिंग कर गैस जमा करने की प्रवृत्ति पर रोक लगेगी। सरकार ने घरेलू पाइप वाली प्राकृतिक गैस (PNG), वाहनों के लिए सीएनजी और घरेलू एलपीजी को भी प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं। 

तेल विपणन कंपनियाें की एक विशेष समिति गठित

कमर्शियल गैस सिलेंडरों की सप्लाई को लेकर भी सरकार ने कदम उठाए हैं। होटल और रेस्तरां उद्योग में गैस की कमी की शिकायतों को देखते हुए तेल विपणन कंपनियों की एक विशेष समिति बनाई गई है, जो सप्लाई से जुड़ी समस्याओं की समीक्षा करेगी। इसके साथ ही अतिरिक्त उत्पादित एलपीजी को केवल तीन सरकारी तेल कंपनियों – इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम को ही बेचने का निर्देश दिया गया है।

अन्य देशों से गैस की खरीद बढ़ाई 

भारत ने खाड़ी देशों पर निर्भरता कम करने के लिए अन्य देशों से भी तेल और गैस की खरीद बढ़ा दी है। इसके तहत रूस, ऑस्ट्रेलिया, अल्जीरिया, कनाडा और कुछ अफ्रीकी देशों से आपूर्ति के समझौते किए गए हैं। एलएनजी की आपूर्ति करने वाले कई जहाज भारत पहुंचने वाले हैं। सरकार के अनुसार देश अब लगभग 70 प्रतिशत कच्चे तेल का आयात होर्मुज मार्ग के अलावा अन्य मार्गों से कर रहा है। खाड़ी क्षेत्र में संभावित संकट को देखते हुए यह रणनीति अपनाई गई है, ताकि ऊर्जा आपूर्ति पर किसी प्रकार का असर न पड़े। 

कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की किल्लत

कुछ शहरों में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कमी की शिकायतों के बाद होटल और रेस्तरां उद्योग में चिंता बढ़ गई है। इस स्थिति को देखते हुए पेट्रोलियम मंत्रालय ने एक समिति गठित की है, जो शहरों में कमर्शियल गैस की आपूर्ति से जुड़ी समस्याओं की समीक्षा करेगी। समिति होटल और रेस्तरां की वास्तविक जरूरतों के अनुसार गैस उपलब्ध कराने की व्यवस्था पर काम करेगी। मंत्रालय ने कहा है कि घरेलू उपभोक्ताओं की जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ कमर्शियल सेक्टर की आपूर्ति भी व्यवस्थित की जाएगी। 

होटल-रेस्तरां में नीले सिलेंडर की सप्लाई

फिलहाल इंडस्ट्री और कमर्शियल उपभोक्ताओं को एलपीजी की सप्लाई सीमित की गई है। होटल और रेस्तरां में आमतौर पर 14.2 किलोग्राम के लाल सिलेंडर की जगह 19 किलोग्राम का नीला सिलेंडर इस्तेमाल होता है। बेंगलुरु जैसे कुछ शहरों में इन सिलेंडरों की कमी की शिकायत सामने आई है। पेट्रोलियम मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी देते हुए कहा है कि घरेलू परिवारों के साथ-साथ होटल और रेस्तरां को भी गैस की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। इसके लिए गठित समिति स्थिति पर लगातार नजर रखेगी।

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