दिसंबर में आएगा 3 लाख MT यूरिया, किसानों को नहीं होगी खाद की किल्लत

रबी सीजन में बढ़ती मांग को देखते हुए सरकार करेगी समय पर यूरिया आपूर्ति, खेतों में नहीं पड़ेगा असर 

राजस्थान में रबी सीजन को ध्यान में रखते हुए सरकार ने किसानों को उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित कराने के लिए तैयारी शुरू कर दी है। कृषि विभाग लगातार निगरानी रख रहा है ताकि यूरिया उर्वरक, डीएपी और अन्य उर्वरक किसानों तक समय पर पहुंच सकें। उर्वरकों की कमी या कालाबाजारी की किसी भी गतिविधि को रोकने के लिए जिलों में विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं और अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं।

कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल ने बताया कि राज्य में उर्वरकों की उपलब्धता पारदर्शिता और प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित की जा रही है। अधिक खपत वाले जिलों और ब्लॉकों की पहचान करके वहां उर्वरकों का वितरण तेजी से कराया जा रहा है। अधिकारियों को ग्राहकों को अनुशंसित मात्रा में ही उर्वरक उपलब्ध कराने और मृदा स्वास्थ्य कार्ड में दी गई सिफारिशों का पालन कराने के निर्देश दिए गए हैं।

अनियमितताओं पर सख्त कार्रवाई

कृषि मंत्री ने बताया कि अवैध भंडारण और यूरिया डायवर्जन के मामलों में राज्यभर में 30 एफआईआर दर्ज करवाई गई हैं। इन मामलों में श्रीगंगानगर में 7, नागौर में 5, अलवर में 4, जबकि टोंक, पाली, दौसा और भरतपुर में 2-2 और कोटपूतली, सीकर, डूंगरपुर, जैसलमेर, करौली और जालौर में 1-1 प्रकरण दर्ज किए गए हैं। इसके अलावा, उर्वरक वितरण में कालाबाजारी या नियमों का उल्लंघन करने वाले विक्रेताओं के खिलाफ 89 एफआईआर दर्ज की गई हैं और 97 लाइसेंस निलंबित या रद्द किए गए हैं। कृषि विभाग ने बताया कि राज्य में हर विक्रेता के वितरण केंद्र पर अधिकारी तैनात किए गए हैं ताकि वितरण प्रक्रिया की निगरानी प्रभावी तरीके से की जा सके। किसी भी विक्रेता के पास किसानों की भीड़ ज्यादा होने पर उन्हें क्रमबद्ध करके उर्वरक वितरण कराया जा रहा है। 

दिसंबर में आएगा 3 लाख मीट्रिक टन यूरिया

डॉ. किरोड़ी लाल ने बताया कि राज्य सरकार केंद्र सरकार के साथ निरंतर समन्वय में है ताकि किसानों को पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध कराया जा सके। रबी-2025 के लिए अक्टूबर से दिसंबर तक केंद्र सरकार द्वारा आवंटित 11.34 लाख MT यूरिया में से अब तक 10.50 लाख MT यूरिया उपलब्ध करा दी गई है, जो 92.59 प्रतिशत है। इसके अलावा 25 हजार MT यूरिया परिवहन में है। मंत्री ने बताया कि दिसंबर में करीब 3 लाख MT यूरिया की आवक संभावित है, जिससे राज्य में किसी भी प्रकार की कमी नहीं रहेगी। वर्तमान में राज्य में उपलब्ध स्टॉक इस प्रकार से है:

  • 1,67,000 MT यूरिया
  • 66,000 MT डीएपी
  • 61,000 MT एनपीके
  • 1,43,000 MT एसएसपी

फॉस्फेटिक उर्वरकों का स्टॉक पिछले वर्ष की तुलना में 79 हजार MT अधिक है, जो किसानों की मांग पूरी करने के लिए पर्याप्त माना जा रहा है। 

मांग के अनुसार वितरण की जा रही आपूर्ति

केंद्र सरकार हर महीने यूरिया, डीएपी और अन्य उर्वरकों का आवंटन करती है। राजस्थान सरकार उसे जिलों की मांग के अनुसार वितरण योजना तैयार करके सीधे किसानों तक पहुंचाती है। कृषि मंत्री ने कहा कि उर्वरक वितरण को निष्पक्ष, पारदर्शी और बिना किसी बिचौलिया के करने पर जोर दिया जा रहा है। जिलाधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि उर्वरकों का वितरण मृदा स्वास्थ्य कार्ड की सिफारिशों के अनुसार कराया जाए, कालाबाजारी, जमाखोरी या अवैध भंडारण पर तुरंत कार्रवाई की जाए और किसानों को समान रूप से उर्वरक उपलब्ध कराया जाए।

कंट्रोल रूम और चैक पोस्ट से हो रही कड़ी निगरानी

उर्वरक वितरण को सुचारू रखने के लिए राज्य के सभी जिलों में कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं। इन कंट्रोल रूम के माध्यम से वितरण प्रक्रिया की लाइव निगरानी की जा रही है। सीमावर्ती जिलों से उर्वरकों के बाहर जाने को रोकने के लिए 61 चैक पोस्ट भी लगाए गए हैं, जहां विभागीय कर्मचारी और पुलिस मिलकर नियमित निरीक्षण कर रहे हैं। कृषि विभाग ने बताया कि विशेष अभियान चलाकर जमाखोरी, कालाबाजारी और यूरिया डायवर्जन जैसी गतिविधियों पर कड़ी कार्रवाई जारी है।

किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध कराने का संकल्प

कृषि मंत्री ने आश्वासन दिया कि सरकार रबी सीजन में किसानों को किसी भी प्रकार की खाद की कमी नहीं होने देगी। उन्होंने कहा कि राज्य की मांग के अनुरूप उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। किसानों को गुणवत्तापूर्ण फसल उत्पादन के लिए आवश्यक उर्वरक समय पर उपलब्ध कराने की पूरी तैयारी है। उन्होंने यह भी बताया कि उर्वरक वितरण में पारदर्शिता बनाए रखने और किसानों को समय पर सेवा प्रदान कराने के लिए अधिकारी-प्रियोजित टीमों की ड्यूटी लगाई गई है और हर स्तर पर निरीक्षण जारी है। 

किसानों को अब समय पर मिलेंगे उर्वरक 

राजस्थान सरकार ने रबी सीजन को ध्यान में रखते हुए उर्वरकों की आपूर्ति सुनिश्चित रखने के लिए व्यापक कदम उठाए हैं। दिसंबर में आने वाली बड़ी खेप और वर्तमान पर्याप्त स्टॉक से यह स्पष्ट है कि किसानों को खाद की कमी नहीं होगी। कड़ी निगरानी, एफआईआर और लाइसेंस निलंबन जैसी कार्रवाइयों ने उर्वरक वितरण को व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। किसानों को अब समय पर उर्वरक मिलेंगे और उनकी फसल उत्पादन प्रक्रिया सुचारू रहेगी।

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