किसानों के लिए खुशखबरी! सोलर पंप व बोरिंग पर मिल रही है 80% सब्सिडी

जानिए किन किसानों को मिलेगा लाभ और कैसे करना है योजना में आवेदन

80% Subsidy on Solar Pump and Boring : केंद्र के साथ ही राज्य सरकार की ओर से भी किसानों के लिए कई लाभकारी योजनाएं चलाई जा रही है। इन योजनाओं के तहत किसानों को खेती, पशुपालन, मछली पालन के लिए अनुदान दिया जाता है। इसी कड़ी में राज्य सरकार की ओर से किसानों और मत्स्य पालकों (मछली पालकों) के लिए जल कृषि सौरीकरण के तहत “बोरिंग-सह-सोलर-सबमर्सिबल पंपसेट अधिष्ठापन योजना” (Boring cum Solar Submersible Pump Subsidy Yojana) शुरू की गई है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में मत्स्य पालन को बढ़ावा देना, कृषि आधारित रोजगार बढ़ाना, और किसानों की आय में इजाफा करना है। 

इस योजना के तहत सोलर पंप और बोरिंग की स्थापना पर सरकार 80 प्रतिशत तक सब्सिडी दे रही है। यह योजना विशेष रूप से उन किसानों के लिए फायदेमंद है, जो तालाब या पोखर में मछली पालन कर रहे हैं या करना चाहते हैं। किसान इस योजना में आवेदन करके योजना का लाभ उठा सकते हैं, आइए जानते हैं क्या है योजना और इसमें कैसे सब्सिडी पर सोलर पंप-बाेरिंग का लाभ प्राप्त किया जा सकता है। 

किसानों व मछली पालकों को कितनी मिलेगी सब्सिडी 

राज्य स्तरीय सोलर पंप योजना 2025 के तहत राज्य के सभी जिलों में कुल 355 बोरिंग-सह-सोलर पंपसेट की स्थापना की जाएगी। योजना के अंतर्गत सभी वर्गों के लाभार्थियों को 80% तक सब्सिडी पर सोलर पंप दिए जायेंगे । केवल 20% राशि लाभार्थी को स्वयं वहन करनी होगी, जिसे वो निजी स्रोत या बैंक लोन के माध्यम से पूरा कर सकते हैं। इस तरह किसानों को इस योजना के तहत बहुत ही कम पैसा खर्च करके सोलर–पंप–बोरिंग की सुविधा मिल सकेगी।

बोरिंग-सह-सोलर पंपसेट के लिए आवेदन पात्रता

बोरिंग-सह-सोलर पंपसेट योजना में आवेदन के लिए पात्रता और शर्तें निर्धारित की गई हैं, जो इस प्रकार से हैं: 

  • आवेदक के पास कम से कम 0.25 एकड़ जलक्षेत्र वाला तालाब होना चाहिए।
  • लाभार्थी को अधिकतम 2.5 एकड़ तक के जलक्षेत्र वाले तालाब पर योजना का लाभ मिल सकता है।
  • एक परिवार या व्यक्ति केवल एक इकाई (बोरिंग + सोलर पंप) का लाभ ले सकता है।
  • यदि पहले से किसी सरकारी योजना के तहत बोरिंग या पंप की सब्सिडी ली गई हो, तो इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा।
  • तालाब निजी या लीज पर (कम से कम 9 वर्षों की अवधि) होना चाहिए। 

योजना में आवेदन के लिए किन दस्तावेजों की होगी आवश्यकता

योजना में आवेदन करते समय आपको कुछ जरूरी दस्तावेजों की आवश्यकता होगी। इन्हें आपको आवेदन के साथ अपलोड करना होगा। योजना में आवेदन करते समय आपको जिन कागजातों की जरूरत होगी, वे इस प्रकार से हैं: 

  • आवेदक का पासपोर्ट साइज फोटो (तालाब सहित)
  • आवेदक का आधार कार्ड / राशन कार्ड / मतदाता पहचान पत्र
  • मत्स्य पालन तकनीक का प्रशिक्षण प्रमाण पत्र (यदि हो)
  • बैंक खाता विवरण (नाम, शाखा, खाता संख्या, IFSC कोड)
  • लीज डीड / एकरारनामा – 1000 रुपए के नॉन-ज्यूडिशियल स्टाम्प पेपर पर (यदि तालाब लीज पर है)
  • कोई पूर्व अनुदान नहीं लिया हो इसका प्रमाण

कैसे करें योजना में आवेदन (आवेदन प्रक्रिया)

यदि आप बिहार के किसान या मछली पालक है तो आप इस योजना के तहत आवेदन करके सोलर पंप के साथ बोरिंग का लाभ उठा सकते हैं। ऐसे में राज्य के जो भी किसान या मत्स्य पालक इस योजना का लाभ लेना चाहते हैं, वे 31 अगस्त 2025 तक बिहार सरकार की आधिकारिक वेबसाइट fisheries.bihar.gov.in पर आवेदन कर सकते हैं। 

योजना में आवेदन करते समय इन बातों का रखें ध्यान 

  • चयनित लाभार्थी को बोरिंग-सह-सोलर पंप, पाइप आदि की खरीद खुद करनी होगी।
  • सरकार द्वारा सूचीबद्ध आपूर्तिकर्ताओं से ही खरीद करना अनिवार्य है।
  • उप मत्स्य निदेशक (परिक्षेत्र) की अध्यक्षता में गठित चयन समिति के माध्यम से लाभार्थियों का चयन किया जाएगा।
  • चयन जलक्षेत्र, दस्तावेजों की वैधता और आवेदन की प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा।

80 प्रतिशत सब्सिडी पर बोरिंग व सोलर पंप पाने का सुनहरा मौका

बिहार के किसानों और मत्स्य पालकों के लिए यह योजना एक बेहतरीन अवसर है। 80% अनुदान पर बोरिंग और सोलर पंप मिलने से सालभर पानी की सुविधा सुनिश्चित होगी और मत्स्य उत्पादन में वृद्धि होगी। इससे न केवल रोजगार के नए अवसर खुलेंगे बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी बल मिलेगा। इसलिए, राज्य के जो भी किसान या मछली पालक पात्र हैं वे 31 अगस्त 2025 से पहले आवेदन अवश्य करें और इस सरकारी योजना का लाभ उठाएं। योजना से संबंधित अधिक जानकारी के लिए किसान व मछली पालक अपने जिले के कृषि विभाग या मत्स्य विभाग से संपर्क करें।

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