पैडी ट्रांसप्लांटर मशीन पर 5 लाख रुपये तक की सब्सिडी

Share Product प्रकाशित - 13 Jul 2026 by Vivek Tailang

पैडी ट्रांसप्लांटर मशीन पर 5 लाख रुपये तक की सब्सिडी

जानें किन किसानों को मिलेगा फायदा और कैसे करना होगा आवेदन

मध्य प्रदेश में बारिश के बाद धान की रोपाई का काम तेज हो गया है। इसी बीच कृषि विभाग किसानों को आधुनिक कृषि यंत्रों के उपयोग के लिए लगातार प्रोत्साहित कर रहा है। जबलपुर जिले के पाटन क्षेत्र स्थित ग्राम उजरोड में कृषि अधिकारियों ने किसान रूपेश पटेल के खेत का निरीक्षण किया, जहां पैडी ट्रांसप्लांटर (धान रोपाई मशीन) से धान की रोपाई की जा रही थी। अधिकारियों ने इस तकनीक को पारंपरिक रोपाई की तुलना में अधिक लाभकारी बताया। 

उनका कहना है कि पैडी ट्रांसप्लांटर से मजदूरों पर निर्भरता कम होती है, रोपाई कम समय में पूरी हो जाती है और बेहतर उत्पादन मिलने की संभावना भी बढ़ जाती है। राज्य सरकार भी इस आधुनिक कृषि यंत्र को बढ़ावा देने के लिए इसकी खरीद पर 5 लाख रुपये तक का अनुदान उपलब्ध करा रही है।

पैडी ट्रांसप्लांटर से धान लगाने के क्या हैं फायदे

कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, पैडी ट्रांसप्लांटर मशीन धान की खेती में कई तरह से किसानों के लिए लाभदायक साबित हो रही है। सबसे बड़ा फायदा यह है कि धान रोपाई के सीजन में मजदूरों की कमी होने पर भी किसान समय पर रोपाई कर सकते हैं। मशीन के माध्यम से कम समय में अधिक क्षेत्र में रोपाई संभव हो जाती है, जिससे खेती की लागत और समय दोनों की बचत होती है। मशीन से रोपाई करने पर पौधों के बीच और कतारों के बीच समान दूरी बनी रहती है। इससे खेत में खरपतवार नियंत्रण और गुड़ाई जैसे कार्य करना आसान हो जाता है। साथ ही फसल का बेहतर विकास होता है।

उत्पादन बढ़ाने में भी सहायक

विशेषज्ञों का कहना है कि पैडी ट्रांसप्लांटर से करीब 21 दिन की कम उम्र वाली नर्सरी की रोपाई की जाती है। छोटी पौध होने के कारण धान के पौधों में अधिक कंसे (टिलर्स) निकलते हैं, जिससे फसल की बढ़वार बेहतर होती है। इसके अलावा कीट एवं रोगों का प्रकोप भी अपेक्षाकृत कम रहता है। इन सभी कारणों से किसानों को अधिक उत्पादन मिलने की संभावना रहती है।

पारंपरिक रोपाई की तुलना में आधा खर्च

अनुविभागीय कृषि अधिकारी पाटन, डॉ. इंदिरा त्रिपाठी के अनुसार, यदि किसान मजदूरों से पारंपरिक तरीके से धान की रोपाई कराते हैं, तो प्रति एकड़ लगभग 6,000 से 7,000 रुपये तक का खर्च आता है। वहीं, पैडी ट्रांसप्लांटर मशीन से यही कार्य करीब 3,000 रुपये प्रति एकड़ में पूरा किया जा सकता है। यानी किसान रोपाई की लागत में 50 प्रतिशत से अधिक की बचत कर सकते हैं। इससे खेती की कुल लागत कम होती है और किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिलती है।

पैडी ट्रांसप्लांटर मशीन की कितनी कीमत और कितनी मिलेगी सब्सिडी

मध्य प्रदेश सरकार कृषि यंत्रीकरण को बढ़ावा देने के लिए पैडी ट्रांसप्लांटर मशीन की खरीद पर अनुदान दे रही है। इस मशीन की बाजार में अनुमानित कीमत 14 लाख 40 हजार रुपये है। सरकार पात्र किसानों को इस मशीन की खरीद पर 5 लाख रुपये तक का अनुदान उपलब्ध करा रही है। इससे छोटे और मध्यम किसानों के लिए भी आधुनिक कृषि यंत्र अपनाना अपेक्षाकृत आसान हो सकता है।

सब्सिडी के लिए कैसे करें आवेदन

पैडी ट्रांसप्लांटर मशीन सहित अन्य कृषि यंत्रों पर अनुदान प्राप्त करने के लिए मध्य प्रदेश के किसानों को कृषि अभियांत्रिकी विभाग के ऑनलाइन पोर्टल पर आवेदन करना होगा। आवेदन स्वीकृत होने के बाद पात्र किसानों को शासन के निर्धारित नियमों के अनुसार अनुदान का लाभ दिया जाता है। आवेदन करते समय किसानों को जरूरी दस्तावेज और पात्रता संबंधी शर्तों का भी पालन करना होगा।

किसानों को दी गई तकनीकी सलाह

निरीक्षण के दौरान कृषि अधिकारियों ने किसान रूपेश पटेल को फसल प्रबंधन, संतुलित उर्वरक उपयोग और सिंचाई प्रबंधन से संबंधित तकनीकी सुझाव भी दिए। अधिकारियों ने बताया कि आधुनिक कृषि यंत्रों के साथ वैज्ञानिक खेती अपनाने से उत्पादन और क्वालिटी दोनों में सुधार किया जा सकता है। ग्राम उजरोड में पैडी ट्रांसप्लांटर मशीन का सफल उपयोग देखने के बाद आसपास के किसानों ने भी इस तकनीक में रुचि दिखाई है।

कैसे की जाती है पैडी ट्रांसप्लांटर से धान की बुवाई

पैडी ट्रांसप्लांटर मशीन से धान की रोपाई करने के लिए सबसे पहले 18 से 21 दिन की स्वस्थ नर्सरी तैयार की जाती है। इसके बाद खेत की अच्छी तरह जुताई कर उसमें पानी भरकर समतल (लेवलिंग) किया जाता है, ताकि मशीन आसानी से चल सके। तैयार पौध को मशीन की ट्रे में लगाया जाता है और मशीन निर्धारित दूरी पर एक समान गहराई में पौधों की रोपाई करती है। इस प्रक्रिया में कतार से कतार और पौधे से पौधे की दूरी समान रहती है, जिससे फसल का विकास बेहतर होता है। मशीन कम समय में बड़े क्षेत्र में रोपाई कर देती है, जिससे मजदूरों पर निर्भरता कम होती है और लागत में भी बचत होती है। साथ ही, एक समान रोपाई होने से खरपतवार नियंत्रण, सिंचाई और फसल प्रबंधन जैसे कार्य भी आसान हो जाते हैं। 

पैडी ट्रांसप्लांटर से इस्तेमाल कम लागत में आसान बुवाई 

कृषि विभाग का मानना है कि यदि अधिक से अधिक किसान आधुनिक कृषि यंत्रों को अपनाते हैं, तो खेती की लागत कम होगी, श्रम की समस्या का समाधान मिलेगा और उत्पादन में भी वृद्धि होगी। ऐसे में पैडी ट्रांसप्लांटर जैसी मशीनें धान उत्पादक किसानों के लिए लाभदायक साबित हो सकती हैं, वहीं सरकार द्वारा दी जा रही 5 लाख रुपये तक की सब्सिडी इस तकनीक को अपनाने में किसानों के लिए बड़ी मदद बन सकती है।

“पैडी ट्रांसप्लांटर मशीन पर सब्सिडी” के संबंध में अक्सर पूछे जाने वाले सवाल और उनके जवाब (FAQs)

प्रश्न 1. पैडी ट्रांसप्लांटर मशीन पर कितनी सब्सिडी मिलती है? 

उत्तर: मध्य प्रदेश सरकार पात्र किसानों को पैडी ट्रांसप्लांटर (धान रोपाई मशीन) की खरीद पर 5 लाख रुपये तक का अनुदान प्रदान करती है। अनुदान विभाग के नियमों और पात्रता के अनुसार दिया जाता है। 

प्रश्न 2. पैडी ट्रांसप्लांटर मशीन की कीमत कितनी है? 

पैडी ट्रांसप्लांटर मशीन की बाजार में अनुमानित कीमत 14.40 लाख रुपये है। सरकार की सब्सिडी मिलने से किसानों पर आर्थिक बोझ कम हो जाता है। 

प्रश्न 3. पैडी ट्रांसप्लांटर मशीन से धान की रोपाई करने के क्या फायदे हैं? 

उत्तर: इस मशीन से मजदूरों पर निर्भरता कम होती है, रोपाई तेजी से होती है, पौधों की समान दूरी बनी रहती है, खरपतवार नियंत्रण आसान होता है और उत्पादन बढ़ने की संभावना रहती है। साथ ही रोपाई की लागत में 50% से अधिक की बचत हो सकती है। 

प्रश्न 4. पैडी ट्रांसप्लांटर मशीन पर सब्सिडी के लिए आवेदन कैसे करें? 

उत्तर: मध्य प्रदेश के किसान कृषि अभियांत्रिकी विभाग के ऑनलाइन पोर्टल farmer.mpdage.org पर आवेदन कर सकते हैं। आवेदन स्वीकृत होने पर पात्र किसानों को निर्धारित नियमों के अनुसार अनुदान का लाभ मिलता है। 

प्रश्न 5. पैडी ट्रांसप्लांटर मशीन से प्रति एकड़ कितना खर्च आता है? 

उत्तर: पारंपरिक तरीके से धान की रोपाई कराने पर प्रति एकड़ 6,000 से 7,000 रुपये तक खर्च आता है, जबकि पैडी ट्रांसप्लांटर मशीन से यही कार्य लगभग 3,000 रुपये प्रति एकड़ में किया जा सकता है। इससे किसानों की लागत में उल्लेखनीय कमी आती है।

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