पीएम कुसुम योजना-फेज 2 : किसानों के लिए बड़ी खबर, सोलर पंप से होगी सिंचाई; खेत से पैदा करेंगे बिजली

जानें, कुसुम योजना-फेज 2 से किसानों को कितना हो सकता है फायदा

देशभर के किसानों के लिए प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान (PM-KUSUM) को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने पीएम-कुसुम योजना के दूसरे चरण को लेकर अपडेट दिया है। उन्होंने बताया कि पहले चरण की सफलता के बाद सरकार अब इसके नए और उन्नत वर्जन यानी पीएम-कुसुम 2 को लॉन्च करने की तैयारी कर रही है। हालांकि, दूसरे चरण के अंतिम प्रावधान और आवेदन प्रक्रिया की आधिकारिक जानकारी सरकार की ओर से जारी होने के बाद ही पूरी तरह स्पष्ट होगी।

पीएम-कुसुम योजना का मुख्य उद्देश्य किसानों को सिंचाई के लिए डीजल और पारंपरिक बिजली पर निर्भरता कम करने में मदद करना है। इसके तहत सोलर पंप और सौर ऊर्जा आधारित बिजली उत्पादन को बढ़ावा दिया जाता है। पीएम-कुसुम 2 के तहत भी किसानों को सोलर ऊर्जा से जुड़े कई फायदे मिलने की उम्मीद है।

सोलर पंप पर मिलेगी सब्सिडी

पीएम-कुसुम योजना के तहत किसानों को सोलर पंप लगाने के लिए केंद्रीय सहायता का प्रावधान है। उपलब्ध योजना प्रावधानों के अनुसार कई मामलों में केंद्र की ओर से 30 से 50 प्रतिशत तक केंद्रीय वित्तीय सहायता दी जाती है। इसके अलावा राज्य सरकार की हिस्सेदारी और किसान का योगदान योजना एवं राज्य के नियमों के अनुसार तय होता है। जिन किसानों के खेतों में पहले से ग्रिड से जुड़े सिंचाई पंप लगे हैं, उनके सोलराइजेशन का विकल्प भी योजना के तहत शामिल किया गया है। इससे किसान सौर ऊर्जा का इस्तेमाल करके सिंचाई की लागत कम करने की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं।

खाली या बंजर जमीन पर पैदा कर सकेंगे बिजली

पीएम-कुसुम योजना का एक महत्वपूर्ण पहलू किसानों को अपनी खाली या बंजर जमीन का उपयोग सौर ऊर्जा उत्पादन के लिए करने का अवसर देना है। योजना के तहत पात्र किसान अपनी जमीन पर सोलर पावर प्लांट स्थापित कर सकते हैं। उपलब्ध प्रावधानों के अनुसार परियोजना की क्षमता 2 मेगावाट तक हो सकती है। सोलर प्लांट से पैदा होने वाली बिजली को स्थानीय बिजली वितरण कंपनी यानी डिस्कॉम को राज्य स्तर पर निर्धारित टैरिफ के अनुसार बेचने का प्रावधान है। इससे किसान खेती के साथ सौर ऊर्जा उत्पादन को आय के अतिरिक्त स्रोत के रूप में इस्तेमाल कर सकते हैं।

जीएसटी (GST) घटने से सोलर उपकरण हुए सस्ते

केंद्रीय मंत्री के अनुसार नवीकरणीय ऊर्जा उपकरणों और उनके घटकों पर GST की दर 12 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत की गई है। इसका असर सोलर उपकरणों की लागत पर भी पड़ा है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार 5 HP का सोलर पंप जीएसटी (GST) में कमी के बाद करीब 17,500 रुपए तक सस्ता हुआ है। सरकार के 10 लाख नए सोलर पंप लगाने के लक्ष्य के आधार पर किसानों को कुल मिलाकर करीब 1,550 करोड़ रुपए की बचत होने का अनुमान बताया गया है। वहीं पीएम सूर्य घर योजना के तहत घरेलू छतों पर लगाए जाने वाले 3 किलोवाट के सोलर सिस्टम की कीमत में भी करीब 9,000 से 10,500 रुपए तक कमी आने की बात कही गई है।

पीएम-कुसुम (PM-KUSUM) के पहले चरण में कितनी प्रगति हुई

सरकारी आंकड़ों के अनुसार पीएम-कुसुम योजना के पहले चरण में कृषि क्षेत्र में सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण काम हुआ है। अब तक 1,986.3 मेगावाट क्षमता के ग्रिड-कनेक्टेड सोलर पावर प्लांट स्थापित किए जा चुके हैं। इसके अलावा देशभर में 13.07 लाख से अधिक स्टैंडअलोन सोलर पंप मंजूर किए गए हैं, जिनमें से 11.69 लाख से अधिक पंप लगाए जा चुके हैं। सिंचाई पंपों को सौर ऊर्जा से जोड़ने की दिशा में भी काम किया गया है।

पीएम कुसुम योजना 2 (PM-KUSUM 2) में आधुनिक तकनीक पर जोर

पीएम-कुसुम के दूसरे चरण को लेकर सरकार की ओर से आधुनिक तकनीकों को बढ़ावा देने की भी बात कही गई है। इसमें लिथियम-आयन सेल मैन्युफैक्चरिंग जैसी तकनीकों को प्रोत्साहित करने का उद्देश्य देश में सस्ते और टिकाऊ सोलर उपकरणों के निर्माण को बढ़ावा देना है। अगर पीएम-कुसुम 2 के तहत पहले चरण की तुलना में अधिक सुविधाएं और बेहतर वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाती है, तो इससे किसानों के लिए सौर ऊर्जा अपनाना आसान हो सकता है। खासकर वे किसान जो डीजल से चलने वाले पंप पर अधिक खर्च करते हैं, उनके लिए सोलर पंप सिंचाई लागत कम करने का विकल्प बन सकता है।

किसानों को ऐसे मिलेगा फायदा

पीएम-कुसुम योजना के दूसरे चरण में यदि प्रस्तावित सुविधाएं लागू होती हैं, तो किसानों को सोलर पंप के जरिए सिंचाई में डीजल और बिजली पर निर्भरता कम करने का फायदा मिल सकता है। वहीं खाली या बंजर जमीन पर सोलर प्लांट लगाकर बिजली उत्पादन और उसे डिस्कॉम को बेचने से अतिरिक्त आय का अवसर भी मिल सकता है। फिलहाल पीएम-कुसुम 2 के अंतिम नियम, सब्सिडी की राशि और आवेदन प्रक्रिया की आधिकारिक घोषणा का इंतजार है। योजना का आधिकारिक ऐलान होने के बाद किसान कृषि विभाग या अधिकृत सीएससी सेंटर के माध्यम से आवेदन प्रक्रिया और पात्रता की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।

“पीएम कुसुम योजना-फेज 2 : किसानों के लिए बड़ी खबर” के संबंध में पूछे जाने वाले सवाल और उनके जवाब (FAQ): 

प्रश्न 1. पीएम कुसुम योजना-फेज 2 क्या है?

उत्तर: पीएम कुसुम योजना-फेज 2, प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान के दूसरे चरण को कहा जा रहा है। सरकार पहले चरण की सफलता के बाद इसके नए चरण को लॉन्च करने की तैयारी कर रही है। इसमें किसानों के लिए सोलर पंप और सौर ऊर्जा से जुड़े लाभ मिलने की उम्मीद है।

प्रश्न 2. पीएम कुसुम योजना में सोलर पंप पर कितनी सब्सिडी मिलती है?

उत्तर: पीएम कुसुम योजना के तहत पात्र किसानों को सोलर पंप लगाने के लिए केंद्र की ओर से 30 से 50 प्रतिशत तक केंद्रीय वित्तीय सहायता का प्रावधान है। वास्तविक सहायता राज्य और योजना के लागू प्रावधानों के अनुसार तय होती है।

प्रश्न 3. क्या किसान खाली या बंजर जमीन पर सोलर प्लांट लगा सकते हैं?

उत्तर: पीएम कुसुम योजना के तहत पात्र किसान अपनी खाली या बंजर जमीन पर सोलर पावर प्लांट लगा सकते हैं। उपलब्ध प्रावधानों के अनुसार 2 मेगावाट तक के सोलर प्लांट की स्थापना की जा सकती है और उत्पादित बिजली डिस्कॉम को निर्धारित टैरिफ पर बेचने का प्रावधान है।

प्रश्न 4. पीएम कुसुम योजना-फेज 2 से किसानों को क्या फायदा हो सकता है?

उत्तर: किसानों को सोलर पंप के जरिए सिंचाई के लिए डीजल और पारंपरिक बिजली पर निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है। वहीं खाली या बंजर जमीन पर सोलर प्लांट लगाकर बिजली उत्पादन और उसे डिस्कॉम को बेचकर अतिरिक्त आय का अवसर भी मिल सकता है।

प्रश्न 5. पीएम कुसुम योजना-फेज 2 के लिए आवेदन कब शुरू होंगे?

उत्तर: पीएम कुसुम योजना-फेज 2 की अंतिम आवेदन तिथि और प्रक्रिया की आधिकारिक घोषणा अभी बाकी है। सरकार की ओर से योजना के अंतिम नियम जारी होने के बाद किसान कृषि विभाग या अधिकृत सीएससी सेंटर के माध्यम से आवेदन और पात्रता की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।

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