राष्ट्रीय पशुधन मिशन : किसानों को मिलेगी 50 लाख रुपए तक की सब्सिडी

जानें, राष्ट्रीय पशुधन मिशन के तहत किसानों को पशुपालन के किन कामों के लिए मिलती है सहायता

किसानों की आय बढ़ाने के लिए उन्हें खेती के साथ ही पशुपालन के लिए भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसके लिए सरकार की ओर से राष्ट्रीय पशुधन मिशन का संचालन किया जा रहा है। इसके तहत कई योजनाओं के माध्यम से किसानों को पशुपालन कार्य के लिए सहायता दी जाती है। खास बात यह है कि इसके तहत पशुपालक किसानों को 50 लाख रुपए तक की सब्सिडी मिल सकती है।

राष्ट्रीय पशुधन मिशन (National Livestock Mission) के तहत चार उपमिशनों को शामिल किया गया है जिसमें पशुधन और कुक्कुट के नस्ल विकास पर मिशन, पूर्वोत्तर क्षेत्र में सुअर विकास संबंधी उप-मिशन, फीड और चारा विकास पर उप-मिशन, कौशल विकास, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और विस्तार संबंधी उप-मिशन शामिल है। इसके तहत अलग-अलग उपमिशन या योजना के तहत पशुपालक किसानों को अलग-अलग सब्सिडी (subsidy) का लाभ प्रदान किया जाता है। इस मिशन का मुख्य उद्देश्य पशुओं में नस्ल सुधार के साथ पशु उत्पादकता को बढ़ाना है। बता दें कि राष्ट्रीय पशुधन मिशन को साल 2014-15 में शुरू किया गया था।

राष्ट्रीय पशुधन मिशन के तहत कितनी मिलती है सब्सिडी

राष्ट्रीय पशुधन मिशन के तहत इसके उपमिशन या योजना अंतर्गत अलग-अलग काम के लिए अलग-अलग सब्सिडी दिए जाने की व्यवस्था है। मिशन के तहत दी जाने वाली सब्सिडी इस प्रकार से है-

  • राष्ट्रीय पशुधन मिशन के तहत मुर्गी फार्म हाउस खोलने के लिए 25 लाख रुपए की सब्सिडी दी जाती है।
  • भेड़ और बकरी प्रजनन यूनिट की स्थापना के लिए लगभग 50 लाख रुपए तक की सब्सिडी या अनुदान मिल सकता है।
  • सूअर ब्रीडिंग फार्मों की स्थापना के लिए करीब 30 लाख रुपए की सहायता मिलती है।
  • चारा ब्लॉक बनाने या चारा भंडारण की सुविधा के लिए चारा मूल्यवर्धन इकाई की स्थापना के लिए 50 लाख रुपए की वित्तीय सहायता दी जाती है।
  • संशोधित राष्ट्रीय पशुधन मिशन योजना के अनुसार घोड़े, गधे, खच्चर और ऊंट से जुड़े उद्यम स्थापित करने के लिए भी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जाएगी। इसके अलावा घोड़ों, गधों व ऊंटों के नस्ल संरक्षण के लिए राज्य सरकार को सहायता दी जाएगी।  

कौन ले सकता है योजना का लाभ

राष्ट्रीय पशुधन मिशन योजना का लाभ (Benefits of National Livestock Mission Scheme) निजी व्यक्ति, स्वयं सहायता समूह (SHG), किसान उत्पादक संगठन (FPO) किसान सहकारिताएं (FCO) संयुक्त देयता समूह (JLG) और धारा 8 की कंपनियां ले सकती है।

योजना के लिए क्या है पात्रता और शर्तें

राष्ट्रीय पशुधन मिशन (National Livestock Mission) के तहत संचालित योजना के लिए कुछ पात्रता और शर्तें भी रखी गई है, जो इस प्रकार से हैं-

  • योजना का लाभ लेने के लिए लाभार्थी के पास स्वयं की भूमि या लीज पर भूमि होनी चाहिए।
  • स्वीकृत ऋण या स्व-वित्तपोषित परियोजनाओं में बैंक गारंटी होनी चाहिए।
  • उद्यमी खुद प्रशिक्षित होना चाहिए या फिर परियोजना को संचालित करने के लिए प्रशिक्षित विशेषज्ञों को नियुक्त किया जाना चाहिए।
  • योजना का लाभ लेने के लिए केवाईसी से संबंधित दस्तावेज होना आवश्यक है।

राष्ट्रीय पशुधन मिशन के तहत कैसे करें आवेदन

यदि आप इस योजना की पात्रता व शर्तों को पूरा करते हैं और इसमें आवेदन करना चाहते हैं तो आपको इसके लिए आवेदन करना होगा। आवेदन की प्रक्रिया इस प्रकार से है-

  • सबसे पहले आपको इस योजना की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा।
  • यहां आपको ऑनलाइन आवेदन भरना होगा।
  • इसके लिए आपको सबसे पहले राज्य कार्यान्वयन एजेंसियों द्वारा आवेदन की स्क्रीनिंग पर जाना होगा।
  • इसके बाद ऋणदाता की ओर से ऋण की स्वीकृति करनी होगी।
  • इसके बाद राज्य स्तरीय कार्यकारिणी समिति (एस.एल.ई.सी) द्वारा अनुशंसा करना होगा।
  • फिर आपको पशुपालन और डेयरी विभाग द्वारा सब्सिडी की स्वीकृति देनी होगी।
  • अंत में सब्सिडी जारी की जाएगी और उसका वितरण किया जाता है।

योजना से संबंधित आवश्यक लिंक

योजना के लिए आधिकारिक वेबसाइट लिंक- https://nlm.udyamimitra.in/
योजना में आवेदन हेतु लिंक- https://nlm.udyamimitra.in/Login/Login

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