हरियाणा के किसानों को मिलेगा बड़ा फायदा, ₹2,738 करोड़ की बागवानी परियोजना शुरू
प्रकाशित - 07 Jun 2026 by Vivek Tailang
आधुनिक कोल्ड चेन और एग्री-बिजनेस इंफ्रास्ट्रक्चर से बढ़ेगी किसानों की आय, फसल नुकसान में आएगी कमी
हरियाणा सरकार ने किसानों की आय बढ़ाने और कृषि क्षेत्र को आधुनिक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। राज्य सरकार ने 2,738 करोड़ रुपये की लागत वाली सतत बागवानी संवर्धन परियोजना (Sustainable Horticulture Enhancement Project) की शुरुआत की है। इसके साथ ही पंचकूला में हरियाणा एग्री बिजनेस एंड कोल्ड चेन सेंटर की आधारशिला भी रखी गई है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इन परियोजनाओं का शुभारंभ करते हुए कहा कि इन पहलों से किसानों को बेहतर बाजार, आधुनिक भंडारण सुविधाएं और मूल्य संवर्धन के नए अवसर मिलेंगे, जिससे उनकी आय में वृद्धि होगी और फसलों का नुकसान कम होगा।
खेत से बाजार तक मजबूत होगी पूरी वैल्यू चेन
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा अब पारंपरिक खेती के साथ-साथ बागवानी और एग्री-बिजनेस क्षेत्र में भी अग्रणी राज्य बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि राज्य में फल और सब्जियों का एक बड़ा हिस्सा बाजार तक पहुंचने से पहले ही खराब हो जाता है, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। इस समस्या के समाधान के लिए सरकार खेत से लेकर बाजार तक पूरी आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) को मजबूत करेगी। परियोजना के तहत आधुनिक कोल्ड चेन नेटवर्क, पैकिंग सुविधाएं, भंडारण केंद्र और बेहतर मार्केटिंग व्यवस्था विकसित की जाएगी, ताकि किसानों को अपनी उपज का बेहतर मूल्य मिल सके।
400 बागवानी क्लस्टर और 402 पैक हाउस होंगे विकसित
इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत राज्य में 400 बागवानी क्लस्टर विकसित किए जाएंगे और 500 उत्पादक समूहों (FPOs) को संगठित किया जाएगा। इसके अलावा 402 पैक हाउस, 4 लीड पैक हाउस, 3 फुलफिलमेंट सेंटर और 44 रिटेल आउटलेट स्थापित किए जाएंगे। सरकार ने जल संरक्षण को भी इस परियोजना का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया है। इसके तहत 1,000 वर्षा जल संचयन संरचनाएं बनाई जाएंगी और लगभग 65,000 एकड़ क्षेत्र को सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली के दायरे में लाया जाएगा। इससे पानी की बचत के साथ उत्पादन क्षमता बढ़ाने में मदद मिलेगी।
कृषि में बढ़ेगा तकनीक का उपयोग
मुख्यमंत्री ने कहा कि बदलती जलवायु, गिरते भूजल स्तर और बढ़ती कृषि लागत को देखते हुए तकनीक आधारित खेती को बढ़ावा देना समय की आवश्यकता है। इसी उद्देश्य से परियोजना में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), रियल टाइम मॉनिटरिंग सिस्टम, मिट्टी और जल विश्लेषण, डिजिटल कृषि सलाह, इंटरनेट ऑफ प्लांट्स, भू-स्थानिक तकनीक और ई-मार्केटिंग जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जाएगा। इन तकनीकों की मदद से किसानों को फसल प्रबंधन, सिंचाई, पोषण और बाजार संबंधी बेहतर जानकारी मिल सकेगी, जिससे उत्पादन और लाभ दोनों में वृद्धि होगी।
जापान से मिलेगा तकनीकी और अनुसंधान सहयोग
बागवानी क्षेत्र को अंतरराष्ट्रीय स्तर की तकनीकों से जोड़ने के लिए महाराणा प्रताप बागवानी विश्वविद्यालय, करनाल और जापान के कोची विश्वविद्यालय के बीच सहयोग स्थापित किया जाएगा। इस साझेदारी के माध्यम से अनुसंधान, प्रशिक्षण और तकनीकी ज्ञान का आदान-प्रदान होगा। सरकार का मानना है कि इससे हरियाणा के किसानों को उन्नत बागवानी तकनीकों और वैश्विक स्तर के शोध का लाभ मिलेगा, जिससे उनकी प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ेगी।
किसानों और युवाओं के लिए खुलेंगे नए अवसर
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि कृषि अब केवल खेती तक सीमित नहीं रही, बल्कि यह तेजी से व्यवसाय आधारित क्षेत्र बन रही है। उन्होंने युवाओं से एग्री-बिजनेस, कृषि प्रसंस्करण, खाद्य उद्योग और निर्यात आधारित उद्यमों में आगे आने का आह्वान किया। नया एग्री बिजनेस एंड कोल्ड चेन सेंटर किसानों, एफपीओ, कृषि स्टार्टअप और कृषि विशेषज्ञों के लिए प्रशिक्षण, नवाचार और उद्यमिता का प्रमुख केंद्र बनेगा। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
3 लाख किसानों को होगा लाभ
हरियाणा सरकार के अनुसार इस परियोजना से 3 लाख से अधिक किसानों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष लाभ मिलने की संभावना है। सरकार ने आपूर्ति श्रृंखला की दक्षता में 75 प्रतिशत से अधिक सुधार और फसल कटाई के बाद होने वाले नुकसान में 10 से 15 प्रतिशत तक कमी लाने का लक्ष्य रखा है। इसके साथ ही अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों को अपनाकर कृषि निर्यात को बढ़ावा देने की भी योजना है। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि किसानों की आय बढ़ाना सरकार की प्राथमिकता है और यह परियोजना उस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। आधुनिक कोल्ड चेन, बेहतर बाजार व्यवस्था और मूल्य संवर्धन की सुविधाओं से किसानों को उनकी उपज का बेहतर दाम मिलेगा और कृषि अधिक लाभकारी बन सकेगी।
“हरियाणा के किसानों के लिए ₹2,738 करोड़ की बागवानी परियोजना शुरू” के संबंध में पूछे जाने वाले सवाल और उनके जवाब (FAQ) :
प्रश्न 1. हरियाणा की नई बागवानी परियोजना की लागत कितनी है?
उत्तर: हरियाणा सरकार ने 2,738 करोड़ रुपये की लागत से सतत बागवानी संवर्धन परियोजना शुरू की है, जिसका उद्देश्य किसानों की आय बढ़ाना और फसल नुकसान कम करना है।
प्रश्न 2. इस परियोजना से कितने किसानों को लाभ मिलेगा?
उत्तर: सरकार के अनुसार इस परियोजना से 3 लाख से अधिक किसानों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लाभ मिलने की संभावना है।
प्रश्न 3. हरियाणा एग्री बिजनेस एंड कोल्ड चेन सेंटर क्या है?
उत्तर: यह एक आधुनिक कृषि एवं बागवानी केंद्र होगा, जहां किसानों, एफपीओ, स्टार्टअप और कृषि उद्यमियों को प्रशिक्षण, भंडारण, मूल्य संवर्धन और विपणन से जुड़ी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
प्रश्न 4. परियोजना के तहत कितने बागवानी क्लस्टर विकसित किए जाएंगे?
उत्तर: इस परियोजना के तहत राज्य में 400 बागवानी क्लस्टर विकसित किए जाएंगे और 500 उत्पादक समूहों (FPOs) को संगठित किया जाएगा।
प्रश्न 5. किसानों को कोल्ड चेन नेटवर्क से क्या फायदा होगा?
उत्तर: कोल्ड चेन नेटवर्क के जरिए फल और सब्जियों को लंबे समय तक सुरक्षित रखा जा सकेगा। इससे फसल कटाई के बाद होने वाला नुकसान कम होगा और किसानों को अपनी उपज का बेहतर मूल्य मिलेगा।
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